Govardhan Puja 2024 Muhurat: अमृत योग में गोवर्धन पूजा आज, जातकों को मिलेगा चार गुना लाभ? जानें पूजा का मुहूर्त और महत्व

Govardhan Puja 2024 Muhurat: अमृत योग में गोवर्धन पूजा आज, जातकों को मिलेगा चार गुना लाभ? जानें पूजा का मुहूर्त और महत्व

Govardhan 2024 Puja Muhurat: सनातन धर्म में गोवर्धन पूजा को महत्वपूर्ण माना जाता है. इस बार गोवर्धन पूजा आज यानी 2 नवंबर 2024 को है. यह दिवाली पर्व के 5 दिन चलने वाले पर्वों में से एक है. गोवर्धन पूजा लोग अलग-अलग तरह से करते हैं. इसलिए देशभर में खास रौनक देखने को मिलती है. इस शुभ अवसर पर गाय के गोबर से भगवान श्रीकृष्ण का चित्र बनाया जाता है, जिनकी शुभ मुहूर्त के दौरान विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है. साथ ही प्रभु के प्रिय भोग अर्पित किए जाते हैं.

गोवर्धन पूजा के दिन अमृत योग (आयुष्मान योग) बनने से पूरे दिन पूजा करने से जातक को चार गुना लाभ मिलता है. धार्मिक मान्यता है कि इन कार्यों को करने से साधक को सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है. साथ ही जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए दान भी किया जाता है. अब सवाल है कि साल 2024 में गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? क्या है गोवर्धन पर्व मनाने का महत्व? इस बारे में News18 को बता रहे हैं प्रताप विहार गाजियाबाद से ज्योतिर्विद एवं वास्तु विशेषज्ञ राकेश चतुर्वेदी.

ऐसे हुई गोवर्धन पूजा की शुरुआत

पौराणिक कथा के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव का घमंड तोड़ा था. जगत के पालनहार भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के क्रोध से ब्रजवासियों के बचाव के लिए अपनी तर्जनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत पर उठा लिया था. इसके बाद सभी ब्रजवासी अपने जानवरों को लेकर पर्वत के नीचे आ गए, जिससे उनका इंद्रदेव के क्रोध से बचाव हुआ. इसके बाद ब्रजवासियों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की और भोग अर्पित किए. तभी से हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है.

गोवर्धन पूजा का अन्नकूट से क्या संबंध

गोवर्धन पर्वत के नीचे 7 दिन तक सभी वृंदावन के वासी बारिश से बचने के लिए उसकी छाया में रहे. इसके बाद ब्रह्माजी ने इंद्रदेव को बताया कि पृथ्वी पर भगवान विष्णु ने ही श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लिया है. ऐसे में उनसे बैर लेना उचित नहीं. ये जानकर इंद्रदेव ने भगवान श्रीकृष्ण से माफी मांगी. फिर भगवान श्रीकृष्ण ने 7वें दिन गोवर्धन पर्वत को नीचे रखा. फिर श्रीकृष्ण ने हर साल गोवर्धन पूजा करके अन्नकूट उत्सव मनाने की आज्ञा दी. तब से लेकर अब तक गोवर्धन पूजा का उत्सव अन्नकूट के नाम से मनाया जाने लगा.

गोवर्धन पूजा 2024 का मुहूर्त

प्रातःकाल मुहूर्त – सुबह 06 बजकर 40 मिनट से 09 बजकर 46 मिनट तक.
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 09 मिनट से लेकर 02 बजकर 56 मिनट तक.
संध्याकाल मुहूर्त – दोपहर 03 बजकर 40 मिनट से 06 बजकर 34 मिनट तक.
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 05 मिनट से लेकर 06 बजकर 30 मिनिट तक.
अमृत योग- सुबह 06 बजकर 34 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 22 मिनट तक.

गोवर्धन पूजा विधि

  • गोवर्धन पूजा के दिन प्रातः काल गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत और भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति बनाएं.
  • मूर्ति को फूलों और रंग से सजाएं और गोवर्धन पर्वत और भगवान श्री कृष्ण की पूजा करें.
  • भगवान को फल, जल, दीपक, धूप और उपहार अर्पित करें. फिर कढ़ी और अन्नकूट चावल का भोग लगाएं.
  • इस दिन गाय, बैल और भगवान विश्वकर्मा की पूजा करें और पूजा के बाद गोवर्धन पर्वत की सात बार परिक्रमा करें.
  • अंत में जल हाथ में लेकर मंत्र का जाप करें और आरती करके पूजा का समापन करें.

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Tags: Dharma Aastha, Diwali festival

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