Ganesh Visarjan 2025: कैसे किया जाता है Ganesh Visarjan?, जानें बप्पा के विसर्जन की संपूर्ण विधि
Ganesh Visarjan 2025 Today Rituals: आज अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा और विसर्जन के साथ ही गणेशोत्सव 2025 का समापन भी हो जाएगा. गणपति विसर्जन केवल एक परंपरा नहीं बल्कि आध्यात्मिक साधना का समापन है. शास्त्रों और परंपरा के अनुसार, विधि विधान के साथ गणेशजी की पूजा अर्चना कर विदाई दी जाती है, ताकि वे पुनः अगले वर्ष पधारें और आशीर्वाद दें. गणेशजी की विदाई ठीक उसी तरह की जाती है, जिस तरह घर का कोई सदस्य कहीं जा रहा होता है. यात्रा पर भेजने से पहले सभी चीजों और जरूरतों का ध्यान रखा जाता है और जल्दी आने की कामना भी की जाती है. गणेशजी के विसर्जन की एक ही विधि है, चाहें आप पहली बार कर रहे हों या पहले भी कर चुके हों.
कैसे करें गणपति का विसर्जन?
– गणपति विसर्जन से पहले घर को पूरी तरह साफ-सुथरा करें और गंगाजल से छिड़काव भी करें.
– गणेश भगवान के विसर्जन से विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करें और भोग लगाएं.
– पूजा में गणेशजी को मोदक का भोग लगाएं और आरती उतारें और विदा लेने की प्रार्थना करें.
– दो पोटली बनाएं, जिसमें से एक पोटली में फूल, फल, मिठाई, मोदक आदि चीजें रख दें. दूसरी पोटली में गेहूं, चावल और पंच मेवे रखकर कुछ सिक्के भी इसमें डाल दें.
– दोनों पोटरी को विसर्जन यात्रा के दौरान गणपति के पास रख दें, ताकि यात्रा के समय बप्पा को किसी चीज की जरूरत ना पड़े.
– पूजा वाली जगह पर गणपति महाराज की प्रतिमा को सम्मान पूर्वक उठा लें और बप्पा के जयकार लगाते रहें.
– एक पटला लें और उस पर गुलाबी रंग का कपड़ा बिछा लें. अब प्रतिमा को धीरे से लकड़ी के पटरे पर रख दें.
– बप्पा को विदा करने से पहले मूर्ति को पूरे घर में एक बार अवश्य घुमा लें और सभी आशीर्वाद भी लें.
– घर की चौखट से निकलते समय गणेशजी का मुख घर की तरफ कर दें और पीठ बाहर की तरफ कर दें. इसी तरह विसर्जन की जगह पर लेकर जाएं.
– विसर्जन में किसी भी तरह की जल्दबाजी ना करें. विसर्जन से पहले मूर्ति को रखकर अंतिम बार पूजा आरती करें और क्षमा याचना करें.
– मूर्ति को एक साथ पानी में ना डालें, सम्मानपूर्वक धीरे धीरे प्रवाहित कर दें और अगले वर्ष जल्दी आने की कामना करें.
– गणपति विसर्जन से पहले घर को पूरी तरह साफ-सुथरा करें और गंगाजल से छिड़काव भी करें.
– गणेश भगवान के विसर्जन से विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करें और भोग लगाएं.
– पूजा में गणेशजी को मोदक का भोग लगाएं और आरती उतारें और विदा लेने की प्रार्थना करें.
– दो पोटली बनाएं, जिसमें से एक पोटली में फूल, फल, मिठाई, मोदक आदि चीजें रख दें. दूसरी पोटली में गेहूं, चावल और पंच मेवे रखकर कुछ सिक्के भी इसमें डाल दें.
– दोनों पोटरी को विसर्जन यात्रा के दौरान गणपति के पास रख दें, ताकि यात्रा के समय बप्पा को किसी चीज की जरूरत ना पड़े.
– पूजा वाली जगह पर गणपति महाराज की प्रतिमा को सम्मान पूर्वक उठा लें और बप्पा के जयकार लगाते रहें.
– एक पटला लें और उस पर गुलाबी रंग का कपड़ा बिछा लें. अब प्रतिमा को धीरे से लकड़ी के पटरे पर रख दें.
– बप्पा को विदा करने से पहले मूर्ति को पूरे घर में एक बार अवश्य घुमा लें और सभी आशीर्वाद भी लें.
– घर की चौखट से निकलते समय गणेशजी का मुख घर की तरफ कर दें और पीठ बाहर की तरफ कर दें. इसी तरह विसर्जन की जगह पर लेकर जाएं.
– विसर्जन में किसी भी तरह की जल्दबाजी ना करें. विसर्जन से पहले मूर्ति को रखकर अंतिम बार पूजा आरती करें और क्षमा याचना करें.
– मूर्ति को एक साथ पानी में ना डालें, सम्मानपूर्वक धीरे धीरे प्रवाहित कर दें और अगले वर्ष जल्दी आने की कामना करें.

विसर्जन के दौरान इन मंत्र का करें जप
ॐ यान्तु देवगणा: सर्वे पूजामादाय मामकीम्।
इष्टकामसमृद्धयर्थं पुनर्अपि पुनरागमनाय च॥
ॐ यान्तु देवगणा: सर्वे पूजामादाय मामकीम्।
इष्टकामसमृद्धयर्थं पुनर्अपि पुनरागमनाय च॥
गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फलचारु भक्षणम्।
उमासुतं शोक विनाशकारकं, नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम्॥


