Diya Rules: पूजा के बाद बची बत्ती और तेल को फेंकना पड़ सकता है भारी, जानिए सही विसर्जन विधि, दिशा और खास नियम
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Diya Rules: हम पूजा में दीया जलाते हैं ताकि रोशनी, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान की कृपा हमारे जीवन में बनी रहे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा का दीपक सिर्फ एक रिवाज़ नहीं, बल्कि एक ऊर्जा केंद्र माना जाता है? माना जाता है कि दीये की लौ हमारी सोच को साफ करती है, घर में सकारात्मक तरंग लाती है और वातावरण में मौजूद नेगेटिव एनर्जी को दूर करती है. इसलिए दीपक से जुड़ी हर छोटी चीज बहुत मायने रखती है. कई लोग बिना सोचे-समझे दीया कहीं भी रख देते हैं, किसी भी बर्तन में घी या तेल भर देते हैं या पूजा के बाद बची चीजों को गलत तरीके से फेंक देते हैं. ऐसा करने से पूजा का पूरा फल नहीं मिलता और अनजाने में दोष लग सकता है. ज्योतिष और वास्तु में दीपक से जुड़ी कुछ खास बातें बताई गई हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहि. आइए जानते हैं विस्तार से भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से.
दीया जलाना सिर्फ रिवाज़ नहीं, बल्कि ऊर्जा और आस्था का स्रोत है, अगर दीपक से जुड़ी ये 7 गलतियां सुधार ली जाएं तो पूजा का असर कई गुना बढ़ जाता है, घर में सकारात्मकता आती है और नेगेटिविटी दूर होती है. छोटी सावधानियां बड़ा फर्क लाती हैं.

1. दीये की सफाई सामान्य बर्तनों की तरह ना करें
दीये को बाकी बर्तनों के साथ मत धोएं. यह पूजा का पवित्र हिस्सा है, इसलिए इसे साफ करते समय तुलसी, पीपल, मनी प्लांट या किसी शुद्ध पौधे की मिट्टी से रगड़कर धोएं.
ध्यान रखें:-साबुन से धोना ठीक नहीं, इससे दीये की ऊर्जा कम हो जाती है और नेगेटिविटी सोखने की शक्ति घटती है.

2. दीया जलाने से पहले इसे पवित्र बनाना जरूरी
कई लोग सीधे घी या तेल डालकर दीया जला देते हैं. पहले दीये को हल्का सा पानी छिड़क कर या गंगाजल से शुद्ध करें. ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से ईश्वरीय ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और पूजा का असर ज्यादा दिखता है.
गलती:-बिना शुद्ध किए दीया जलाना पूजा की शुरुआत से ही असर कम कर देता है.
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3. तांबे का दीया पूजा में इस्तेमाल ना करें
तांबे के दीये में घी जलाना माना जाता है कि रासायनिक और ऊर्जात्मक तौर पर ठीक नहीं है. तांबे में घी का मेल शुभ फल नहीं देता.
सबसे अच्छे विकल्प:
-पीतल का दीया (सबसे शुभ)
-चांदी का दीया (ऊर्जा बढ़ाता है)
-मिट्टी का दीया (अगर रोज नया इस्तेमाल हो)

4. मिट्टी के दीये के खास नियम
अगर आप मिट्टी का दीया जला रहे हैं तो याद रखें- एक बार जलने के बाद वह अशुद्ध हो जाता है.
नियम:
-हर दिन नया मिट्टी का दीया लें.
-पुराना दीया नदी या पवित्र जल में प्रवाहित करें.
-इसे कूड़े में मत फेंके, इससे दोष लगता है.

5. बची हुई बत्ती का गलत तरीके से विसर्जन मत करें
पूजा के बाद बची बत्ती को इधर-उधर मत फेंकें. इसे पीपल के पेड़ के नीचे रखना शुभ माना जाता है क्योंकि पीपल को देवों का निवास माना गया है. इससे माना जाता है कि पूजा का फल पूर्ण होता है और नेगेटिविटी का असर नहीं पड़ता.

6. बचा हुआ तेल या घी फेंकना नुकसानदेह
दीये में बचा हुआ तेल या घी कभी फेंकना नहीं चाहिए. इसे शरीर पर थोड़ी मात्रा में हल्का सा लगा सकते हैं. ऐसा माना जाता है कि यह अभिमंत्रित हो चुका होता है और शरीर को सकारात्मक ऊर्जा देता है.
ध्यान दें: इसे खाने या पकाने में इस्तेमाल ना करें.

7. दीया हमेशा सही दिशा में जलाएं
नियम के अनुसार दीया जलाने की दिशा बहुत मायने रखती है.
वास्तु अनुसार:
-घर के मंदिर में पूर्व या उत्तर दिशा में दीया रखना शुभ है.
-देवी-देवताओं के सामने दीया सीधे रखें, तिरछा या पीछे की तरफ ना हो.
-मुख्य दरवाजे पर दीया जलाते हैं तो दक्षिण दिशा की तरफ दिया मुंह होना चाहिए, इससे नकारात्मक ऊर्जा बाहर रहती है.


