Diwali Special 2025: महामृत्युंजय महादेव मंदिर का चमत्कारी कुआं, जहां दिवाली पर रोग मुक्ति के लिए आते हैं लोग, धन्वंतरि के बचे थे प्राण!

Diwali Special 2025: महामृत्युंजय महादेव मंदिर का चमत्कारी कुआं, जहां दिवाली पर रोग मुक्ति के लिए आते हैं लोग, धन्वंतरि के बचे थे प्राण!

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Diwali Special 2025: वाराणसी के महामृत्युंजय महादेव मंदिर में एक कुआं है, जिसका पानी बहुत ही चमत्कारी है. इसके पानी के स्पर्श से ही बीमारियों का नाश होता है. इस ​मंदिर में दिवाली के अवसर पर लोग विशेष पूजा करते हैं. इसकी कथा भगवान धन्वंतरि से जुड़ी है.

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दिवाली पर वाराणसी के महामृत्युंजय महादेव मंदिर में विशेष पूजा होती है. (Photo: IANS)
Diwali Special 2025: दिवाली का त्योहार आने वाला है. इसमें लोग सुख, समृद्धि, रोग से मुक्ति आदि के लिए मंदिरों में पूजा करते हैं. देश में कई ऐसे मंदिर हैं, जो अपनी अलग-अलग मान्यताओं की वजह से जाने जाते हैं. किसी मंदिर में दर्शन से कोर्ट-कचहरी के मामलों से राहत मिलती है, तो कई मंदिर ऐसे हैं, जहां मरीज रोगमुक्त होने की इच्छा लेकर पहुंचते हैं. वाराणसी में महामृत्युंजय महादेव ऐसा ही एक मंदिर है, जहां श्रद्धालु रोग मुक्ति के लिए आते हैं.

पानी के स्पर्श से होता है रोगों का नाश

धनतेरस आने वाला है. इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है. भगवान धन्वंतरि को औषधियों का देवता माना जाता है, जिसकी कृपा से हर बीमारी से मुक्ति मिल जाती है. वाराणसी में भगवान शिव और धन्वंतरि का एक ऐसा मंदिर है, जहां पानी के स्पर्श से ही बीमारियों का नाश होता है.

महामृत्युंजय महादेव मंदिर का कुआं, धन्वंतरि का आशीर्वाद

वाराणसी में महामृत्युंजय महादेव का मंदिर है. माना जाता है कि भक्त यहां आकर असामयिक मृत्यु और रोगों से मुक्ति पाते हैं. इस मंदिर को मौत पर विजय पाने का स्थान भी कहा जाता है. मंदिर में एक चमत्कारी कुआं भी है, जिसको लेकर मान्यता है कि कुएं के पानी में भगवान धन्वंतरि की औषधि और आशीर्वाद है, जिसकी कृपा से रोगों से मुक्ति मिलती है. भक्तों का मानना है कि समुंद्र मंथन के बाद भगवान धन्वंतरि ने इसी कुएं में अपनी औषधियां डाली थीं, जिससे जल चमत्कारी बन गया.

विष से रक्षा के लिए महादेव की शरण में आए धन्वंतरि

मंदिर को लेकर लोगों के बीच एक और कथा प्रचलित है. माना जाता है कि महाभारत के साथ भगवान धन्वंतरि को तक्षक नाग ने डस लिया था और जहर के प्रकोप से बचने के लिए धन्वंतरि भगवान महादेव के शरण में आए और इसी कुएं के पानी से खुद की जान बचाई.

इस दौरान उन्होंने कुएं में कई स्वास्थ्यवर्धक औषधियां भी छोड़ दीं ताकि आम जनमानस की मदद हो सके. भक्त रोगों से मुक्ति पाने के लिए कुएं के जल को पीते हैं और दूर से आने वाले भक्त अपने परिजनों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए जल अपने संग लेकर जाते हैं.

कभी नहीं सूखता कुएं का पानी

इतना ही नहीं, मंदिर से जुड़े लोगों का मानना है कि कुएं में मौजूद पानी कभी सूखता नहीं है और शरीर और आत्मा को शुद्ध करने का काम करता है. उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग भी ये मानता है कि मंदिर की मिट्टी और पानी में कई औषधीय गुण मौजूद हैं.

दिवाली पर होती है विशेष पूजा

मंदिर में सिर्फ भगवान शिव का शिवलिंग स्थापित है, जिसकी पूजा करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. यहां महादेव की पूजा करने से मौत के भय से मुक्ति मिलती है. सावन और दिवाली के मौके पर मंदिर में खास पूजा का आयोजन होता है और भक्तों की भीड़ लगती है.

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कार्तिकेय तिवारी

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक… और पढ़ें

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महामृत्युंजय महादेव मंदिर का कुआं,जहां दिवाली पर रोग मुक्ति के लिए आते हैं लोग

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