Chandra Grahan 2026 : होली पर चांद भी दिखेगा रक्ताभ लाल, चंद्र ग्रहण की 10 खास बातें जानिए
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Chandra Grahan 2026: जब रंगों का त्योहार और आकाश का रहस्य एक साथ मिलते हैं, तो तारीखें यादगार बन जाती हैं. इस साल होली (फाल्गुन पूर्णिमा) के दिन एक दुर्लभ पूर्ण चंद्रग्रहण होने जा रहा है, जिसे वैज्ञानिक व ज्योतिष दोनों दृष्टिकोण से खास माना जा रहा है. यह ऐसा क्षण है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में होंगे और चांद अपनी आम रोशनी खोकर लाल-भूरे रंग में दिखाई देगा जिसे सामान्य भाषा में “ब्लड मून” कहा जाता है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं ज्योतिषी, वास्तु विशेषज्ञ एवं न्यूमेरोलॉजिस्ट हिमाचल सिंह.
1. क्यों दिखता है चांद लाल? जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है. पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर आने वाली सूर्य की किरणें चंद्रमा को लाल रंग दे देती हैं. इसी वजह से इसे “ब्लड मून” भी कहा जाता है. वैज्ञानिक इसे सामान्य खगोलीय घटना बताते हैं, लेकिन ज्योतिष में इसका अलग महत्व है.

2. राशियों पर क्या होगा असर? ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यह ग्रहण खासतौर पर कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को भावनात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है. वहीं वृषभ और मकर राशि वालों के लिए आर्थिक फैसलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.

3. रेले स्कैटरिंग (Rayleigh Scattering): यह वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसके कारण नीला प्रकाश बिखर जाता है और केवल लाल/नारंगी रंग की किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं.
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4. होली के दिन साक्षात चंद्रग्रहण 3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण होली/फाल्गुन पूर्णिमा के साथ मेल खाता है, जो खगोलशास्त्र और संस्कृति का अनूठा संगम है. इससे यह दिन न केवल उत्सव बल्कि आकाशीय घटना के रूप में भी याद रहेगा.

5. दिखाई समय दोपहर से शाम तक ग्रहण भारत में दोपहर 3:20 बजे (IST) से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा. हालांकि चंद्रमा अधिकतर जगहों पर ग्रहण के बाद ही उदय होगा, तब तक हम उसके अंतिम दृश्य का ही लुत्फ उठा सकते हैं.

6. होली और Holika Dahan के लिए नया परिप्रेक्ष्य ग्रहण और सूतक की वजह से होली की होलिका दहन की पारंपरिक समय-सीमा पर पुनर्विचार हो रहा है. ज्योतिष विशेषज्ञों का सुझाव है कि ग्रहण समाप्त होने के बाद ही होलिका दहन का आयोजन किया जाए.

7. भावनात्मक ऊर्जा में वृद्धि चंद्रमा मन का प्रतीक माना जाता है और ग्रहण के समय इसकी ऊर्जा में बदलाव भावनाओं को तीव्र कर सकता है. इसलिए कुछ लोग मानसिक शांति, ध्यान और सतर्कता पर जोर देते हैं. astrologers का मानना है कि इस समय मन को स्थिर रखना फायदेमंद होता है.

8. आध्यात्मिक अभ्यास के लिए समय इस अनोखे दिन का लाभ उठाकर कई आध्यात्मिक गुरु और ज्योतिषी नाम जप, ध्यान और प्रार्थना जैसी क्रियाओं को करने का सुझाव देते हैं, ताकि नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सके.

9. संवेदनशील निर्णयों से बचें ग्रहण के दौरान कुछ ज्योतिषों का कहना है कि बड़े निर्णय लेना अनुकूल नहीं होता. यह अवधि ध्यान, आत्मनिरीक्षण और शांति के लिए अधिक अनुकूल मानी जाती है.

10. भारत और दुनिया भर में दृश्यता यह चंद्रग्रहण सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है बल्कि पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और प्रशांत के विभिन्न हिस्सों से भी दिखाई देगा. भारत में इसके दृश्य अनुभव का समय मौसम और भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग होगा.


