chandra grahan 2026: 'एक मास दो गहना, राजा मरे या सेना' 15 दिन में दो ग्रहण, मथुरा के आचार

chandra grahan 2026: 'एक मास दो गहना, राजा मरे या सेना' 15 दिन में दो ग्रहण, मथुरा के आचार

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‘एक मास दो गहना, राजा मरे या सेना’ 15 दिन में दो ग्रहण, नहीं है बिल्कुल भी शुभ

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Chandra Grahan 2026 Astrology Predictions: आज 3 बजकर 20 मिनट से चंद्र ग्रहण शुरू होने वाला है और इससे कुछ दिन पहले ही सूर्य ग्रहण लगा था. मथुरा के आचार्य के अनुसार, एक मास में दो ग्रहण भारत समेत पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. आइए जानते हैं चंद्र ग्रहण का देश दुनिया समेत पूरे विश्व पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है…

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Chandra Grahan 2026 Astrology Predictions: आज देश भर में दोपहर बाद होने वाले चंद्र ग्रहण को लेकर उत्सुकता के साथ संशय का भी वातावरण है. हालांकि भारत में इस ग्रहण की दृश्यता आंशिक रहेगी, लेकिन ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार वैश्विक पटल पर इसके प्रभाव संवेदनशील माने जा रहे हैं. मथुरा के ज्योतिषाचार्य रामविलास चतुर्वेदी के अनुसार, एक ही माह में दो ग्रहणों का योग आंतरिक अशांति और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव या युद्ध जैसी स्थितियों को और अधिक जटिल बना सकता है. चंद्र ग्रहण की वजह से ही इस बार होलिका दहन की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, कुछ जगहों पर होलिका दहन 2 मार्च को किया गया तो कुछ जगहों पर 3 मार्च को होलिका दहन किया जा रहा है. आइए जानते हैं चंद्र ग्रहण का देश-दुनिया पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है…

इस समय से ग्रहण शुरू
चंद्र ग्रहण के बारे में आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने बताया कि आज होने वाला चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण है. उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में यह दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 तक चलेगा. चूंकि यह ग्रस्तोदय ग्रहण है, इसलिए यह उन क्षेत्रों में दिखाई देगा जहां सूर्य लगभग 4 से 4 बजकर 30 मिनट तक अस्त होता है, लेकिन मध्य या पश्चिमी भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा.

विश्व के लिए सही नहीं है यह ग्रहण
ग्रहण के प्रभाव पर बात करते हुए आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने बताया कि भारत पर ग्रहण का प्रभाव कम होगा क्योंकि भारत की राशि धनु है और ग्रहण सिंह राशि पर लगा है, वो भी पूर्वाफाल्गुनी. पूर्वाफाल्गुनी में लगा ग्रहण प्राकृतिक पर गहरा प्रभाव डालता है. यह ग्रहण सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में आक्रोश की स्थिति पैदा करेगा. इसके साथ ही एक मास में दो ग्रहण भी पड़े हैं जो बिल्कुल भी अच्छे संकेत नहीं देते हैं.

भारत में बढ़ा सकता है आतंरिक कलह
उन्होंने आगे कहा कि 15 दिन पहले सूर्य ग्रहण और अब चंद्र ग्रहण पड़ रहा है, ऐसे में कहा जाता है, ‘एक मास दो गहना, राजा मरे या सेना.’ इसका प्रभाव मीडिल ईस्ट में देखने को मिल रहा है. ईरान का इतना बड़ा और सुरक्षित व्यक्ति मारा गया. यह ग्रहण और ग्रहों का प्रभाव है. भारत में सिंह राशि में लगने वाला ग्रहण ग्रोथ देगा लेकिन आतंरिक कलह को भी बढ़ाएगा. इसलिए हमारी सरकार को आतंरिक कलह के लिए सतर्कता बरतनी चाहिए.

ग्रहण में सावधानी बरतने की जरूरत
वहीं चंडीगढ़ के पुजारी राम सागर मिश्रा का भी कहना है कि ग्रहण में सावधानी बरतने की जरूरत है. भले ही भारत में इसका प्रभाव कम होगा लेकिन इसके नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे. उन्होंने बताया कि चंद्र ग्रहण का प्रभाव कई राशियों पर देखने को मिलेगा और देश में कई तरह की घटनाएं और आपदा आ सकती हैं. ग्रहण के प्रभाव को कम करने के लिए राम सागर मिश्रा ने दान करने का सलाह दी है. आज पूरे देश में मूर्ति पूजन वर्जित है.

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Parag Sharma

पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें



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