Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 10 August 2025: सूर्य पूजा और भाद्रपद मास का पहला दिन आज, पंचांग से जानिए शिव वास, शुभ व अशुभ मुहूर्त, दिशाशूल
आज रविवार का दिन भी है, जो ग्रहों के राजा सूर्यदेव को समर्पित है. वैदिक ज्योतिष और धर्मशास्त्रों के अनुसार सूर्य देव जीवन, प्रकाश और ऊर्जा के मूल स्रोत हैं. इन्हें साक्षात नारायण का तेजस्वी रूप कहा गया है. आज सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल देकर सूर्य चालीसा का पाठ करना उत्तम रहता है. सूर्य उपासना से नेत्रज्योति, रोग-प्रतिरोधक क्षमता और जीवन शक्ति बढ़ती है. साथ ही सूर्य राजसत्ता, प्रतिष्ठा और नेतृत्व के कारक हैं, इसलिए उनकी कृपा से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है. जन्मकुंडली में सूर्य कमजोर या पापग्रहों से पीड़ित हो तो नियमित सूर्य अर्घ्य और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ लाभकारी है. पंचांग से जानते हैं भाद्रपद मास के पहले दिन का शुभ मुहूर्त, योग, सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, दिशाशूल, चंद्रोदय, चंद्रास्त, आदि.
आज की तिथि- प्रतिपदा – 12:09 पी एम तक, फिर द्वितीया
आज का नक्षत्र- धनिष्ठा – 01:52 पी एम तक, उसके बाद शतभिषा
आज का करण- कौलव – 12:09 पी एम तक, तैतिल – 11:24 पी एम तक, उसके बाद गर
आज का योग- शुक्ल – 06:24 ए एम तक, फिर ब्रह्म
आज का पक्ष- कृष्ण पक्ष
आज का दिन- रविवार
चंद्र राशि- कुंभ
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय- 05:49 ए एम
सूर्यास्त- 07:05 पी एम
चन्द्रोदय- 07:56 पी एम
चन्द्रास्त- 06:33 ए एम
ब्रह्म मुहूर्त: 04:23 ए एम से 05:06 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 12:00 पी एम से 12:54 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 07:05 पी एम से 07:27 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:40 पी एम से 03:33 पी एम
द्विपुष्कर योग: 12:09 पी एम से 01:52 पी एम
आज के अशुभ मुहूर्त 10 अगस्त 2025
राहुकाल- 05:26 पी एम से 07:05 पी एम
यमगण्ड- 12:27 पी एम से 02:07 पी एम
गुलिक काल- 03:46 पी एम से 05:26 पी एम
दुर्मुहूर्त- 05:19 पी एम से 06:12 पी एम
पंचक काल – पूरे दिन
दिशाशूल- पश्चिम
शिववास
गौरी के साथ – गौरी के साथ – 12:09 पी एम तक, उसके बाद सभा में.


