घर में मंदिर में कर रहे हैं ये गलती तो कभी नहीं मिलेगा पूजा का फल, सुख-शांति सब हो जाएगा नष्ट

घर में मंदिर में कर रहे हैं ये गलती तो कभी नहीं मिलेगा पूजा का फल, सुख-शांति सब हो जाएगा नष्ट

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Pooja Tips: सही दिशा में पूजा स्थान का निर्माण और शास्त्रों के अनुसार पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है. इसलिए पूजा करते समय शुद्धता, नियम और उचित व्यवस्था का ध्य…और पढ़ें

पूजा घर का वास्तु

Pooja Tips: हर घर में पूजा का स्थान होना न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. आज के समय में जगह की कमी के बावजूद हर घर में एक छोटा सा मंदिर जरूर देखने को मिलता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि पूजा स्थल से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है. पूजा करने से मानसिक शांति मिलती है और घर के सदस्यों के बीच प्रेम और सद्भाव बना रहता है. घर का मंदिर आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र होता है, जो पूरे परिवार के जीवन पर प्रभाव डालता है. इस बारे में बता रहे हैं ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्री अनिल शर्मा.

किस दिशा में होना चाहिए पूजा का स्थान?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में पूजा स्थान की सही दिशा उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) मानी जाती है. यह दिशा देवगुरु बृहस्पति और भगवान शिव से संबंधित है, जो ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक हैं. इस दिशा में पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. अगर घर में जगह की कमी हो तो पूजा स्थल उत्तर या पूर्व दिशा में भी बनाया जा सकता है, लेकिन दक्षिण दिशा में मंदिर बनाना उचित नहीं माना जाता.

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मंदिर में मूर्तियों की संख्या
घर के मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियां रखने से पहले कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी है. उदाहरण के लिए गणेश जी की मूर्तियां विषम संख्या (1, 3, 5) में नहीं होनी चाहिए, बल्कि दो या चार मूर्तियां रखना शुभ माना जाता है. हनुमान जी की केवल एक ही मूर्ति या तस्वीर होनी चाहिए और अगर तस्वीर हो तो बैठी हुई मुद्रा में होनी चाहिए. उड़ते हुए हनुमान जी की तस्वीर उत्तर दिशा में लगाना शुभ माना जाता है.

किन तस्वीरों को नहीं लगाना चाहिए?
घर के मंदिर में महाभारत, युद्ध, हिंसक पशु-पक्षियों या क्रोधित देवी-देवताओं के चित्र नहीं लगाने चाहिए. भगवान शिव के नटराज स्वरूप की मूर्ति भी घर में नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि यह उग्र रूप मानी जाती है. शनिदेव, राहु और केतु की मूर्तियों को भी घर के मंदिर में स्थान नहीं देना चाहिए, क्योंकि ये ग्रह शांति के लिए विशेष पूजन में उपयोग किए जाते हैं.

पूजा के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें: पूजा करने के दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे पूजा का फल अधिक प्राप्त हो.

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  • साफ-सफाई: पूजा स्थल को हमेशा स्वच्छ रखना चाहिए और वहां गंदगी या अनावश्यक वस्तुएं नहीं होनी चाहिए.
  • दीपक जलाना: रोज़ सुबह और शाम पूजा स्थल पर घी और तेल का दीपक जलाना शुभ होता है. घी का दीपक दाहिनी ओर और तेल का दीपक बाईं ओर रखना चाहिए.
  • सुगंधित धूप: गूगल, लोबान या तेजपत्ते की धूप जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
  • फूल और जल अर्पण: भगवान को चढ़ाए जाने वाले फूल ताजे और स्वच्छ होने चाहिए. विष्णु भगवान, राम, कृष्ण और हनुमान जी को तुलसी पत्र अर्पित करना विशेष रूप से शुभ होता है.
  • प्रसाद और नैवेद्य: भगवान को भोग लगाकर प्रसाद सभी को वितरित करना चाहिए. पूजा के दौरान भोजन किया हुआ या झूठे वस्त्र पहनकर पूजा नहीं करनी चाहिए.
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घर में मंदिर में कर रहे हैं ये गलती तो कभी नहीं मिलेगा पूजा का फल

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