हिमालय की चोटी पर स्थित चमत्कारी मंदिर, चार महीने की बर्फबारी में भी देवी की मूर्ति पर नहीं टिकती बर्फ

हिमालय की चोटी पर स्थित चमत्कारी मंदिर, चार महीने की बर्फबारी में भी देवी की मूर्ति पर नहीं टिकती बर्फ

Last Updated:

Mysterious Temple: बर्फीली पहाड़ियों के बीच स्थित एक प्राचीन मंदिर, जहां देवी मां खुले आसमान के नीचे विराजमान हैं. सदियों से यहां छत बनाने के हर प्रयास असफल रहे, जिसे देवी की विशेष शक्ति माना जाता है. मान्यता ह…और पढ़ें

शिकारी माता मंदिर

हाइलाइट्स

  • हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित शिकारी माता मंदिर अद्भुत है.
  • मंदिर में देवी की मूर्ति पर बर्फ नहीं टिकती, छत बनाने के प्रयास असफल रहे.
  • पांडवों द्वारा निर्मित मंदिर, देवी की विशेष शक्ति का प्रमाण माना जाता है.

Mysterious Temple: हिमालय की ऊंचाई पर स्थित एक अद्भुत मंदिर जहां देवी मां खुले आसमान के नीचे विराजमान हैं और चारों ओर भयंकर बर्फबारी होने के बावजूद उनकी मूर्ति पर बर्फ़ का एक टुकड़ा भी नहीं टिकता. इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां कोई छत नहीं है लेकिन फिर भी देवी की मूर्ति हमेशा साफ और चमकती हुई रहती है. यह चमत्कारी मंदिर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सिराज घाटी में स्थित शिकारी माता मंदिर है, जो लगभग 3,360 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है.

मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान किया था लेकिन उन्होंने जानबूझकर इसकी छत नहीं बनाई. यही नहीं जब भी इस मंदिर में छत बनाने का प्रयास किया गया तो वह असफल रहा. स्थानीय लोग इसे माता की महिमा और उनकी विशेष शक्ति का प्रमाण मानते हैं.

ये भी पढ़ें: Vastu Tips: अपने पर्स में रखें ये 5 चीजें फिर देखें कैसे चुम्बक की तरह खिंचा चला आएगा पैसा, बदलेगा नसीब

मंदिर की रहस्यमयी विशेषता

  • यह मंदिर चारों ओर से बर्फ से ढका रहता है लेकिन मां की मूर्ति पर बर्फ़ नहीं जमती.
  • जब भी यहां छत बनाने का प्रयास किया गया वह किसी न किसी कारण से सफल नहीं हो पाया.
  • माना जाता है कि माता को खुले आसमान के नीचे रहना पसंद है इसलिए उनकी मूर्ति सदियों से बिना छत के ही स्थापित है.
  • यहां स्थित शिकारी शिखर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,849 मीटर) से लगभग आधी ऊंचाई पर स्थित है.

पौराणिक मान्यता और देवी की शक्ति
शिकारी माता को योगिनी माता भी कहा जाता है. मान्यता है कि जब देवी दुर्गा और रक्तबीज राक्षस के बीच युद्ध हुआ था तब चौंसठ योगिनियों ने मां दुर्गा की सहायता की थी. इस वजह से यह स्थान विशेष रूप से शक्तिशाली माना जाता है.

इसके अलावा, कहा जाता है कि यहां महर्षि मार्कंडेय ने कठोर तपस्या की थी और उनकी साधना से प्रसन्न होकर देवी शक्ति यहां जागृत हुई थीं. यही कारण है कि यह स्थान भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र और सिद्ध माना जाता है.

ये भी पढ़ें: Vastu Tips for Home: अपने घर का सपना अब होगा साकार, आज ही कर लें ये छोटा सा चमत्कारी उपाय

मंडी के राजपरिवार और मंदिर का पुनर्निर्माण
मंडी का राजपरिवार इस मंदिर के प्रति विशेष श्रद्धा रखता है और समय-समय पर मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य करता रहता है. हालांकि, हर बार जब मंदिर में छत बनाने का प्रयास किया गया, तो कोई न कोई बाधा आ गई और छत नहीं बन पाई. अब यह मान्यता बन चुकी है कि माता को खुले आसमान के नीचे ही रहना स्वीकार है.

भक्तों के लिए आध्यात्मिक और पर्यटन स्थल
शिकारी माता मंदिर केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के कारण भी एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है. यहां से हिमालय की चोटियों का अद्भुत नज़ारा दिखता है, और यह जगह ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए भी खास आकर्षण रखती है.

इस अलौकिक और रहस्यमयी मंदिर की मान्यता सदियों से चली आ रही है, और श्रद्धालु यहां आकर देवी के चमत्कार का अनुभव करते हैं.

homedharm

इस चमत्कारी मंदिर में बर्फबारी में भी देवी की मूर्ति पर नहीं टिकती बर्फ

Source link

You May Have Missed