लड्डू गोपाल का चरणामृत पीने से क्या होता है? प्रेमानंद महाराज ने बताए ऐसे लाभ, अगली बार मिलेगा तो छोड़ोगे नहीं

लड्डू गोपाल का चरणामृत पीने से क्या होता है? प्रेमानंद महाराज ने बताए ऐसे लाभ, अगली बार मिलेगा तो छोड़ोगे नहीं

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Premanand Ji Maharaj: वृंदावन के प्रेमानंद जी महाराज ने लड्डू गोपाल, ठाकुर जी, गुरुजनों के चरणामृत के महत्व को बताया है. चरणामृत ग्रहण करने से आपको कई प्रकार के लाभ होते हैं. आइए जानते हैं कि चरणामृत पीने से क्…और पढ़ें

चरणामृत पीने के फायदे.

जिन लोगों के घरों में लड्डू गोपाल या ठाकुर जी हैं, वे लोग पूजा के समय उनका जल से अभिषेक करते हैं. उनके चरणों को धोते हैं, जिससे चरणामृत बन जाता है. भगवान, गुरुजनों आदि के चरणामृत ग्रहण करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. वृंदावन के प्रेमानंद जी महाराज ने लड्डू गोपाल, ठाकुर जी, गुरुजनों के चरणामृत के महत्व को बताया है. चरणामृत ग्रहण करने से आपको कई प्रकार के लाभ होते हैं. आइए जानते हैं कि चरणामृत पीने से क्या-क्या फायदे होते हैं.

जब मौका मिले, ग्रहण कर लो चरणामृत
राधारानी के भक्त प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि चरणामृत के लिए आप नियम बना लें कि जब मौका मिले, तब चरणामृत ग्रहण कर लो. वे कहते हैं कि भगवत प्राप्ति आपकी जेब में है, अगर वृदांवन की रज और चरणामृत आपकी जेब में है तो दिन में कम से कम एक बार जरूर ग्रहण करो. कहीं पर भी जाओ वृंदावन का रज और चरणामृत साथ लेकर जाओ. आज से नियम बना लो कि रुपए जेब में रखना भूल जाओ, लेकिन वृंदावन की रज और चरणामृत रखना मत भूलो.

चरणामृत पीने से क्या होता है?
चरणामृत पीने के फायदे को बताते हुए प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि बड़ी ही सार बात है. सबके पास चरणामृत होना चाहिए. रोज चरणामृत नियम से कुछ भी खाने से पहले चरणामृत ग्रहण करते हैं. यह हमारा जीवन है. चरणामृत में पैसा नहीं लगता है. प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि गुरुजनों का चरणामृत, श्रीजी का चरणामृत, राधावल्लभ लाल बिहारी जी में खुला बंट रहा है. आप कोई भी पात्र लेकर आओ और उसमें दो बूंद चरणामृत डाल दे, तो उसमें 1 लीटर पानी मिला दो. उस चरणामृत का रोज पान ​कीजिए.

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चरणामृत पीने के फायदे
1. ये मेरी बात मान लीजिए, चरणामृत पीने वाली की कभी अकाल मृत्यु नहीं हो सकती है.
2. चरणामृत पीने से व्यक्ति को कोई रोग या व्याधि परास्त नहीं कर सकती है. कोई रोग हरा नहीं सकता है. रोग होगा नहीं, यह कह नहीं सकता. रोग होंगे, लेकिन वे परास्त नहीं कर पाएंगे.
3. चरणामृत के सेवन, प्रभु के नाम कीर्तन और नाम जप से आप माया पर विजय प्राप्त कर सकते हैं.
4. रोज चरणामृत पीने और नाम जपने से आसुरी भाव का नाश हो जाता है.

​कितने बार ग्रहण करें चरणामृत?
प्रेमानंद महाराज के अनुसार, हर व्यक्ति को कम से कम तीन बार चरणामृत लेना चाहिए. सुबह उठते ही चरणामृत की कुछ बूंदें मुंह में डाल लें, कुल्ला करने की जरूरत नहीं है. चरणामृत आप सुबह, दोपहर और शाम ग्रहण कर सकते हैं.

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