हो जाएं सावधान! हथेली में इस रेखा के होना मतलब खतरनाक बीमारी की आशंका, हाथ से करें रोगों की पहचान

हो जाएं सावधान! हथेली में इस रेखा के होना मतलब खतरनाक बीमारी की आशंका, हाथ से करें रोगों की पहचान

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Palmistry: हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, हथेली की रेखाओं से पेटजनित रोगों का पता चलता है. मंगल और राहू की स्थिति, हृदय रेखा, मस्तिष्क रेखा और नाखूनों का अध्ययन महत्वपूर्ण है. मस्तिष्क रेखा पर द्वीप समूह या बारीक …और पढ़ें

मस्तिष्क रेखा पर द्वीप समूह कैंसर की आशंका है.

हाइलाइट्स

  • पेट सभी रोगों का मूल कारण है.
  • हस्तरेखा से पेटजनित रोगों का पता चलता है.
  • मस्तिष्क रेखा पर द्वीप समूह कैंसर की आशंका है.

रोगो का मूल कारण पेट : समस्त रोगों का मूल पेट है. जब तक पेट नियंत्रण में रहता है स्वास्थ्य ठीक रहता है. ज्योतिषीय दृष्टि से हस्तरेखाओं के माध्यम से भी पेटजनित रोग और पेट की शिकायतों के बारे में जाना जा सकता है. हथेली पर हृदय रेखा, मस्तिष्क रेखा और नाखूनों के अध्ययन के साथ ही मंगल और राहू किस स्थिति में है यह देखना बहुत जरूरी है.

क्रोध और तनाव : जिन व्यक्तियों का मंगल अच्छा नहीं होता है, उनमें क्रोध और आवेश की अधिकता रहती है. ऐसे व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर भी उबल पड़ते हैं. अन्य व्यक्तियों द्वारा समझाने का प्रयास भी ऐसे व्यक्तियों के क्रोध के आगे बेकार हो जाता है. क्रोध और आवेश के कारण ऐसे लोगों का खून एकदम गर्म हो जाता है. लहू की गति (रक्तचाप) के अनुसार क्रोध का प्रभाव भी घटता-बढ़ता रहता है. राहू के कारण जातक अपने आर्थिक वादे पूर्ण नहीं कर पाता है. इस कारण भी वह तनाव और मानसिक विकार का शिकार हो जाता है.

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व्यक्ति को हृदय संबंधी शिकायतें : हथेली पर हृदय रेखा टूट रही हो या फिर चेननुमा हो, नाखूनों पर खड़ी रेखा बन गई हों तो ऐसे व्यक्ति को हृदय संबंधी शिकायतें, रक्त शोधन में अथवा रक्त संचार में व्यवधान पैदा होता है. यदि जातक का चंद्र कमजोर हो तो उसे शीतकारी पदार्थ जैसे दही, मट्ठा, छाछ, मिठाई और शीतल पेयों से दूर रहना चाहिए.

मंगल अच्छा न हो तो : इसी तरह मंगल अच्छा न हो तो मिर्च-मसाले वाली खुराक नहीं लेनी चाहिए. तली हुई चीजें जैसे सेंव, चिवड़ा, पापड़, भजिए, पराठे इत्यादि से भी परहेज रखना चाहिए. ऐसे जातक को चाहिए कि वह सुबह-शाम दूध पीएं. देर रात्रि तक जागरण न करें और सुबह-शाम के भोजन का समय निर्धारित कर ले. सुबह-शाम केले का सेवन भी लाभप्रद होता है.

हाथ का आकार : पेट की खराबी से शरीर में गर्मी बढ़ जाती है और फिर इसी वजह से रक्तविकार पैदा होते हैं. जो आगे चलकर कैंसर का रूप तक धारण कर सकते हैं. जिस व्यक्ति के हाथ का आकार व्यावहारिक हो और साथ ही व्यावहारिक चिह्नों वाला हो तो ऐसा जातक अपने जीवन में काफी नियमित रहता है.

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कोणीय आकार के हाथ : ऐसा जातक वृद्धावस्था में भी स्वस्थ रहता है. इसी तरह विशिष्ट बनावट के हाथ या कोणीय आकार के हाथ, जिसमें चंद्र और मंगल पर शुक्र का अधिपत्य हो तो ऐसे लोग स्वादिष्ट भोजन के शौकीन होते हैं. शुक्र प्रधान होने के कारण भोजन का समय नियमित नहीं रहता है. ऐसे में उदर विकार स्वाभाविक ही है. इस पर यदि हृदय रेखा मस्तिष्क रेखा और मंगल-राहू अच्छे न हों तो रक्तजनित रोगों की आशंका बढ़ जाती है.

कैंसर की पूर्व चेतावनी : हस्तरेखा देखकर कैंसर की पूर्व चेतावनी दी जा सकती है और इस जानलेवा बीमारी के संकेत हथेली पर देखे जा सकते हैं. मस्तिष्क रेखा पर द्वीप समूह या पूरी मस्तिष्क रेखा पर बारीक-बारीक लाइनें हो तो ऐसे जातक को कैंसर की आशंका रहती है. ऐसी स्थिति में यदि मेडिकल टेस्ट करा लिया जाए और उसमें कोई लक्षण न मिलें, तब भी जातक की जीवनशैली में आवश्यक फेरबदल कर उसे भविष्य में कैंसर के आक्रमण से बचाया जा सकता है.

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