रंक को भी राजा बना देती है यह अंगूठी! मां लक्ष्मी का है प्रतीक, जानें पहनने की सही विधि

रंक को भी राजा बना देती है यह अंगूठी! मां लक्ष्मी का है प्रतीक, जानें पहनने की सही विधि

ऋषिकेश: ज्यादातर लोग हाथ में कछुए की अंगूठी पहनते हैं, क्योंकि इसे शुभ और लाभकारी माना जाता है. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार कछुआ समृद्धि, धन, और स्थिरता का प्रतीक है. माना जाता है कि कछुए की अंगूठी पहनने से धन की वृद्धि होती है, जीवन में स्थिरता आती है और बुरे प्रभावों से बचाव होता है. कछुए को मां लक्ष्मी का प्रतीक भी माना जाता है, जो धन और समृद्धि की देवी हैं. इसलिए लोग इसे शुभ मानते हैं और अपनी उन्नति के लिए इसे पहनते हैं. वहीं ये तभी असर करती है जब इसे सही विधि से सही उंगली में पहना जाए.

कछुए की अंगूठी के फायदे

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान उत्तराखंड में स्थित ऋषिकेश के स्थानीय निवासी ज्योतिषी अजय कोठारी ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कछुए की अंगूठी को शुभ और धन-संपत्ति में वृद्धि के लिए पहना जाता है. कछुआ मां लक्ष्मी का प्रतीक है, जो धन और समृद्धि की देवी मानी जाती है. इस अंगूठी को पहनने से जीवन में स्थिरता, सफलता, और बुरे प्रभावों से रक्षा मिलती है. यह अंगूठी खासकर व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और उन लोगों के लिए लाभकारी मानी जाती है, जो आर्थिक स्थिति को सुधारना चाहते हैं. इसे पहनने से शनि के दुष्प्रभाव कम होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में खुशहाली और समृद्धि आती है.

कछुए की अंगूठी पहनने की विधि

कछुए की अंगूठी पहनने के लिए शुक्रवार को शुभ माना जाता है, खासकर शुक्ल पक्ष के दौरान. इस अंगूठी को पहनने से पहले उसे गंगाजल या दूध में डुबोकर शुद्ध करें. इसके बाद, भगवान लक्ष्मी-नारायण की पूजा करके अंगूठी पर कुंकुम या चंदन लगाएं. कछुए की अंगूठी को दाहिने हाथ की मध्य उंगली में पहनना शुभ माना जाता है. इसे पहनने से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता, आर्थिक उन्नति और समृद्धि आती है. अंगूठी पहनते समय मन में सकारात्मक सोच और लक्ष्मीजी का ध्यान अवश्य करें.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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