धीरेंद्र शास्त्री क्‍यों कराते हैं हर साल सैकड़ों कन्‍याओं का व‍िवाह? सगी बहन से है खास जुड़ाव, खुद बताई वजह

धीरेंद्र शास्त्री क्‍यों कराते हैं हर साल सैकड़ों कन्‍याओं का व‍िवाह? सगी बहन से है खास जुड़ाव, खुद बताई वजह

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Pandit Dhirendra Sharstri: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हर साल सामूहिक कन्या विवाह कराते हैं. इसी क्रम में फरवरी 2025 को भी 251 कन्याओं का विवाह कराएंगे. एक बार जब उनसे पूछा गया कि आखिर वे ऐसा क्यों करते हैं? …और पढ़ें

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री हर साल क्यों कराते हैं कन्याओं का विवाह. जानें उनकी जुबानी.

हाइलाइट्स

  • बागेश्वरधाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हर साल सामूहिक कन्या विवाह कराते हैं.
  • गरीबी में हुई बहन की शादी से दुखी होकर कन्या विवाह का उठाया बीणा.
  • भक्तों द्वारा मंदिर में आए चढ़ावे से ही गरीब कन्याओं की शादी कराते हैं.

Dhirendra Sharstri Kanya Vivah: अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. वे मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गांव गढ़ा के रहने वाले हैं. धीरेंद्र शास्त्री छतरपुर में ही बालाजी हनुमान मंदिर के पास ‘दिव्य दरबार’ लगाते हैं. आजकल उनकी लोकप्रियता के चलते विदेशों तक के लोग यहां आते हैं. वे हर साल गरीब कन्याओं का कराते हैं. इसी क्रम में इस साल भी उन्होंने 251 सामूहिक कन्या विवाह कराने का फैसला लिया है. यह आयोजन बागेश्वर धाम में 26 फरवरी 2025 को होगा. एक बार जब उनसे पूछा गया कि आखिर गरीब कन्याओं का विवाह क्यों कराते हैं? आइए जानते हैं इसपर क्या कहते हैं पंडित धीरेंद्र शास्त्री-

क्यों करा रहे 251 कन्याओं की शादी

कन्या विवाह को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं कि हमें राजनेता बनना नहीं है. मुझे किसी प्रचार-प्रसार की भी जरूरत नहीं है. ऐसे में अगर आपके द्वारा चढ़ाए गए पैसे को आपके हित में लगा भी देंगे तो क्या हुआ. आगे कहते हैं कि यदि हम सालभर कथा और चढ़ोत्तरी से कमाई करके बेटियों की शादी में खर्च करते हैं तो सुखद अनुभव होता है. किसी जरूरतमंद को बल मिलता है. इसके अलावा, देश से अराजकता भी खत्म होती है.

गरीबी में किए बहन के हाथ पीले

कन्या विवाह को लेकर धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं कि उन्होंने गरीबी को बहुत पास से देखा है. एक वो भी दिन थे जब हमारी बहन के हाथ बहुत ही गरीबी में पीले हुए थे. हमारे पिता जी के पास आर्थिक संकट था. किसी तरह हम भाई-बहनों का बचपन बीता. आज हम बालाजी की कृपा से संपन्न हैं तो हमारा भी फर्ज बनता है कि दूसरे के बारे में सोचें.

देश के अंदर से मिटेगी अराजकता

पंडित धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं कि भारत के मंदिर की दान पेटियों से आने वाली चढ़ोत्तरी से हिन्दू गरीब बेटियों की शादी कराई जाए तो देश के अंदर से अराजकता मिटेगी. इससे देश के अंदर व्याप्त छुआ-छूत का भाव मिटेगा. इस देश का एक बड़ा हिस्सा आध्यात्म की ओर अग्रसर होगा. इसके अलावा देश के प्रत्येक व्यक्ति की भगवान के प्रति दृणता बढ़ेगी.

आपके चढ़ाए पैसों से ही कन्या विवाह

बागेश्वरधाम के धीरेंद्र शास्त्री आगे कहते हैं कि आखिर हम किसी के लिए कर ही क्या रहे हैं. हम वहीं तो खर्च कर रहे हैं जहां से आ रहा है. यानी मंदिरों से आने वाले चढ़ावे को ही तो हम गरीब कन्याओं के विवाह में खर्च रहे हैं. हमें किसी पॉलिक्स में भी नहीं पड़ना है.

पहले भी कन्याओं के करवा चुके विवाह

बाबा बागेश्वर ने इससे पहले भी सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन कराया था. इसमें उन्होंने 151 निर्धन कन्याओं के हाथ पीले कर एक पिता का धर्म भी निभाया था. समारोह के लिए बाबा बागेश्वर धाम को दुल्हन की तरह से सजाया गया था. इस बार यह पहला मौका होगा जब बाबा बागेश्वर धाम से दलित समाज के दूल्हों की घोड़ी पर बिठाकर बारात निकाली जाएगी. इस आयोजन से उनका उद्देश्य सामाज से छुआछूत और भेदभाव की भावना को दूर करना है.

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