महाशिवरात्रि पर बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीया रखने से क्या होगा? किस वक्त जलाना शुभ, जानें इससे होने वाले 5 लाभ
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Belpatra Vastu In Mahashivratri: महाशिवरात्रि पर बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीया जलाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं. लेकिन, दीया किस समय जलाएं और किस मंत्र के साथ जलाएं इसको लेकर लोग कंफ्यूज …और पढ़ें
महाशिवरात्रि पर बेल के नीचे दीया क्यों और किस समय जलाएं. (Canva)
हाइलाइट्स
- इसबार महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 दिन बुधवार को पड़ रही है.
- महाशिवरात्रि पर बेल के पेड़ के नीचे दीया जलाना शुभ माना जाता है.
- दीया जलाने से भगवान शिव और मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है.
Belpatra Vastu In Mahashivratri 2025: सनातन धर्म में तुलसी, नीम, बरगद, बेलपत्र और शमी आदि को देवताओं के स्वरूप में पूजा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि, इन पेड़-पौधों में देवी-देवताओं का वास होता है. देवगणों को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए लोग इन पेड़-पौधों के नीचे दीया जलाते हैं. बेलपत्र ऐसे ही चमत्कारी पौधों में से एक है. महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2025) के दिन इस पौधे के नीचे दीया जलाने की परंपरा है. ऐसा करने से देवो के देव महादेव प्रसन्न हो जातक को आशीर्वाद देते हैं. लेकिन, दीया को हमेशा सही समय पर ही जलाने लाभकारी होगा. अब सवाल है कि आखिर बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीया क्यों जलाते हैं? महाशिवरात्रि के दिन बेलपत्र के नीचे किस समय दीया जलाना चाहिए? क्या हैं दीपक जलाने के नियम हैं? दीया जलाते समय किस मंत्र का करें जाप? इन बारे में News18 को बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री-
महाशिवरात्रि पर बेलपत्र के नीचे क्यों जलाएं दीया?
महाशिवरात्रि का दिन भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय है. इस बार महाशिवरात्रि 26 फरवरी को पड़ रही है. इन दिन शिवजी का आशीर्वाद पाने के लिए लोग तमाम उपाय करते हैं. लेकिन, बेल के पेड़ के नीचे दीया जलाना अधिक फायदेमंद हो सकता है. शिवपुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन बेल के पेड़ की जड़ में दीपक जलाने वाले जातक को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है.
बेल की जड़ पर किस देवता के लिए जलाते हैं दीया?
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, बेल के वृक्ष की जड़ में भगवान शिव का वास होता है. इसे लिंग रूप भी कहा जाता है. इसके अलावा, बेलपत्र के पेड़ में मां लक्ष्मी का वास भी होता है. इसलिए रोज दीपक जलाने से मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है. साथ ही, ऐसा करने वाले जातक को शिव लोक की प्राप्ति हो सकती है.
बेल के पेड़ के नीचे दीया जलाने का सही समय?
शिवरात्रि के दिन बेल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने की परंपरा है. लेकिन, इस दीया का जलाने किस सयम है इसको लेकर लोगों में कंफ्यूजन होती है. ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, शिवजी की पूजा रात्रि पहर में करना सबसे शुभ होता है. इसलिए शाम के समय ही बेल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना अधिक शुभ है. अगर समय की बात करें तो शाम को 5 बजे या 7 बजे के मध्य दीपक जलाएं.
बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीया जलाने के लाभ
– धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेलपत्र पेड़ के नीचे दीपक जलाने से भगवान महादेव की कृपा होती है. दरअसल, बेलपत्र भगवान शिव का प्रिय पौधा होता है. शिवलिंग पर भी बेलपत्र को अर्पित किया जाता है. खासतौर पर शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाया जाता है.
– वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाना बेहद ही अच्छा माना जाता है. मान्यता है कि, बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाने शुभ फलों की प्राप्ति होती है. साथ ही, दीपक जलाने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं.
– ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि, बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाने वाले जातकों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यही वजह है कि भक्त रोजाना बेलपत्र के नीचे दीपक जलाते हैं. मान्यता है कि, ऐसा करने से आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी.
– यदि कोई जातक धन से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहा है, उन्हें बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाना चाहिए. ऐसा करने से धन की प्राप्ति होती है. साथ ही नौकरी और व्यापार में तरक्की होने के योग बनते हैं. ध्यान रखें कि, शाम को सूर्यास्त के बाद घी का ही दीपक जलाएं.
– बेलपत्र के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाते समय पुरुषों को ॐ नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए. जबकि महिलाओं को इस मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए. ऐसे में महिलाएं केवन नम: शिवाय मंत्र का जाप करें.
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February 15, 2025, 11:38 IST
महाशिवरात्रि पर बेल के पेड़ के नीचे दीया रखने से क्या होगा? किस वक्त जलाना शुभ


