कब है साल की अंतिम अमावस्या? होली से पहले ही मिलेगा स्नान-दान का मौका, देखें तारीख, मुहूर्त
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Falgun Amavasya 2025 Date: हिंदू कैलेंडर का पहला माह चैत्र और अंतिम माह फाल्गुन है. हिंदू कैलेंडर की अंतिम अमावस्या फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को है. अमावस्या के दिन स्नान और दान करने से पुण्य क…और पढ़ें
हिंदू कैलेंडर की साल की अंतिम अमावस्या. (PTI)
हाइलाइट्स
- साल की अंतिम अमावस्या फाल्गुन कृष्ण अमावस्या तिथि को है.
- स्नान-दान का शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त में है.
- अमावस्या पर शिव योग और सिद्ध योग बनेंगे.
हिंदू कैलेंडर की अंतिम अमावस्या फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को है. हिंदू कैलेंडर का पहला माह चैत्र और अंतिम माह फाल्गुन है. फाल्गुन अमावस्या के दिन स्नान और दान का अवसर आपको होली से पहले ही प्राप्त होगा. फाल्गुन अमावस्या पर शिव योग बनेगा, जबकि धनिष्ठा नक्षत्र है. पूरे दिन पंचक भी लगेगा. अमावस्या के दिन स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. उस दिन पितरों के लिए तर्पण, दान, भोज आदि करते हैं. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि फाल्गुन अमावस्या यानि इस साल की अंतिम अमावस्या कब है? फाल्गुन अमावस्या पर स्नान और दान का मुहूर्त क्या है?
कब है फाल्गुन अमावस्या 2025?
वैदिक पंचांग के अनुसार, हिंदू वर्ष की अंतिम अमावस्या यानि फाल्गुन अमावस्या की तिथि 27 फरवरी दिन गुरुवार को सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी. इस तिथि का समापन 28 फरवरी दिन शुक्रवार को सुबह 6 बजकर 14 मिनट पर होगा. उदयातिथि के आधार पर फाल्गुन अमावस्या 27 फरवरी दिन गुरुवार को है. उस दिन दर्श अमावस्या भी है.
2 शुभ योग में फाल्गुन अमावस्या 2025
इस बार की फाल्गुन अमावस्या के दिन 2 शुभ योग बन रहे हैं. एक शिव योग और दूसरा सिद्ध योग है. फाल्गुन अमावस्या पर शिव योग प्रात:काल से लेकर रात 11 बजकर 41 मिनट तक है, उसके बाद से सिद्ध योग शुरू होगा.
अमावस्या वाले दिन धनिष्ठा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर दोपहर 3 बजकर 43 मिनट तक है. उसके बाद से शतभिषा नक्षत्र है. धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी मंगल और राशि स्वामी शनि देव हैं. इस नक्षत्र से व्यक्ति पराक्रमी, परिश्रम से सफलता, ऊर्जावान और तेजस्वी हो जाता है.
फाल्गुन अमावस्या 2025 स्नान-दान मुहूर्त
स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सबसे अच्छा माना जाता है. फाल्गुन अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त 05 बजकर 08 मिनट से 05 बजकर 58 मिनट तक है. इस समय में आप स्नान करके दान करें. यदि इस मुहूर्त में स्नान नहीं कर पाते हैं तो उसके बाद कर लें. फाल्गुन अमावस्या के दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक है.
फाल्गुन अमावस्या का महत्व
फाल्गुन अमावस्या के अवसर पर स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें. इससे आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होगी, जिससे करियर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. फाल्गुन अमावस्या पर स्नान और दान करने से पाप मिटते हैं. अमावस्या पर पितरों के लिए दान, तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान आदि से व्यक्ति पितृ दोष से मुक्ति पा सकता है. पितरों के खुश होने से परिवार की उन्नति होती है और खुशहाली आती है.
February 14, 2025, 10:03 IST
कब है साल की अंतिम अमावस्या? होली से पहले स्नान-दान का मौका, देखें तारीख


