माघ गुप्त नवरात्रि का पहला दिन आज, करें मां काली की पूजा, शनि दोष-साढ़ेसाती से मिलेगा छुटकारा!

माघ गुप्त नवरात्रि का पहला दिन आज, करें मां काली की पूजा, शनि दोष-साढ़ेसाती से मिलेगा छुटकारा!

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magh gupt navratri 2025 first day: माघ मास की गुप्त नवरात्रि 30 जनवरी 2025 से शुरू हो चुकी है. इन नौ दिनों में 10 महाविद्याओं की गुप्त पूजा होती है. प्रथम दिन मां काली की स्तुति से कष्ट दूर होते हैं. मां काली क…और पढ़ें

हाइलाइट्स

  • माघ मास की गुप्त नवरात्रि 30 जनवरी से शुरू हो चुकी है.
  • मां काली की पूजा से शनि दोष दूर होते हैं.
  • गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा होती है.

magh gupt navratri 2025 first day: माघ मास की गुप्त नवरात्रि को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इसकी शुरुआत आज यानी 30 जनवरी 2025 से हो चुकी है. गुप्त नवरात्रि के इन नौ दिनों में 10 महाविद्याओं की गुप्त पूजा होती है. आपको यह जानना बहुत जरूरी है कि कौन सी ऐसी गुप्त पूजाएं हैं. जिन्हें करके आप अपनी समस्याओं से मुक्ति के साथ-साथ मनचाहा फल प्राप्त कर सकते हैं.

देवी भागवत पुराण अनुसार महाविद्याओं की उत्पत्ति भगवान शिव की पत्नी सती से हुई थी. गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा तंत्र साधना के लिए की जाती है. इस महाविद्याओं की पूजा से असंभव कार्य भी हो जाते हैं. 10 महाविद्याओं में मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की साधना की जाती है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं की नवरात्रि की प्रथम दिवस देवी काली की महाविद्या का उपाय किया जा सकता है. इससे आपके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे.

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प्रथम दिन करें मां काली की स्तुति
महाविद्याओं में सर्वप्रथम मां काली की विद्या मानी जाती है. माना जाता है मां काली की साधना करने से व्यक्ति की वाणी सिद्ध हो जाती है. माता काली की साधना प्राप्त करने वाला व्यक्ति जो कुछ भी बोलता है वह सत्य सिद्ध होता है. मां काली की साधना करने से साधक को सर्वश्रेष्ठ सांसारिक संसाधनों की प्राप्ति होती है. मां काली को शनि देव की अधिष्ठात्री देवी माना गया है. जिन जातकों की जन्म कुंडली में शनि से संबंधित पीड़ा बनी हुई है या शनि देव की साडेसाती से पीड़ित हैं. ऐसे जातक भी मां काली की पूजा करके शनिदेव की कृपा का सकते हैं.मां काली की पूजा शाम को सूर्यास्त के पश्चात रात्रिकाल में करें

ऐसे करें महाविद्याओं की स्तुति :
काली, तारा महाविद्या, षोडशी भुवनेश्वरी।
भैरवी, छिन्नमस्तिका च विद्या धूमावती तथा।।
बगला सिद्धविद्या च मातंगी कमलात्मिका।
एता दश-महाविद्याः सिद्ध-विद्याः प्रकीर्तिताः

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काली महाविद्या का मंत्र : ‘ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिका क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा’. काली मां को दस महाविद्याओं में पहला स्थान प्राप्त है. काली मां के कुछ और मंत्र :

  1. ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं कालिके क्लीं श्रीं ह्रीं ऐं
    नमः ऐं क्रीं क्रीं कालिकायै स्वाहा
  2. नमः आं आं क्रों क्रों फट स्वाहा कालिका हूं

    काली मां की पूजा से जुड़ी कुछ खास बातें
    काली मां को गुड़ का भोग बहुत पसंद है. काली मां की पूजा के बाद, भोग के गुड़ को गरीबों में बांट देना चाहिए. काली मां को तत्काल प्रसन्न करने वाली और तत्काल ही रूठने वाली देवी माना जाता है. काली मां को प्रसन्न करने के लिए, काले हकीक की माला से कम से कम 9, 11, या 21 माला का जाप करना चाहिए. काली मां के रूप में माता का अपमान करना, खुद के जीवन को संकट में डालने जैसा माना जाता है.

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माघ गुप्त नवरात्रि का पहला दिन आज, काली पूजा से दूर होगा शनि दोष-साढ़ेसाती कष्ट

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