मकर संक्रांति के बाद मंगल का गोचर… इन 4 राशियों को मिलेगी राजाओं जैसी जिंदगी!

मकर संक्रांति के बाद मंगल का गोचर… इन 4 राशियों को मिलेगी राजाओं जैसी जिंदगी!

हरिद्वार. वैदिक ज्योतिष के अनुसार गोचर का सीधा संबंध सभी 9 ग्रहों और 12 राशियों से होता है. गोचर का अर्थ ग्रहों की चाल से हैं. जब कोई ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो इस प्रक्रिया को गोचर कहते हैं. ग्रहों के गोचर का देश दुनिया के साथ व्यक्ति के जीवन पर भी बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रह एक निश्चित अवधि में राशि परिवर्तन करते रहते हैं. सूर्य से लेकर केतु तक सभी ग्रहों के राशि परिवर्तन का समय अलग-अलग होता हैं. जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है तो उसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर पड़ता हैं. ग्रहों के वक्री और मार्गी होने पर सभी 12 राशियों के जीवन में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव पड़ते है.

ग्रहों के सेनापति मंगल ग्रह जनवरी 2025 में राशि परिवर्तन करने वाले हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह सभी ग्रहों में सबसे अधिक शक्तिशाली ग्रह माने जाते हैं जो जातकों की कुंडली में मजबूत स्थिति में होने पर भूमि भवन, अपार धन आदि का फल प्रदान करते हैं. मंगल 21 जनवरी 2025 को मिथुन राशि में गोचर करने जा रहे हैं. वक्री चाल के साथ मंगल मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वक्री ग्रह बहुत ही प्रभावशाली और एग्रीसेव हो जाते हैं. इसलिए माना जाता है कि वह नकारात्मक परिणाम देते हैं लेकिन, कई बार ग्रहों की स्थिति के अनुसार, वक्री ग्रह सकारात्मक परिणाम देते हैं. ऐसे में मंगल का वक्री होना 4 राशियों के लिए विशेष रुप से मंगलकारी होने वाला है

हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित शशांक शेखर शर्मा बताते है कि ग्रहों के सेनापति मकर संक्रांति के बाद यानी 21 जनवरी 2025 को इस साल का अपना पहला गोचर करने जा रहे हैं. वे उल्टी चाल चलते हुए मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे. इसके फलस्वरूप 4 राशियों के लिए अगले 45 दिन बेहद शानदार रहने वाले हैं. मंगल ग्रह के मिथुन राशि में वक्री अवस्था में गोचर करने से वृषभ, कन्या, तुला और मीन राशि के जातकों के विशेष लाभ के योग बनेंगे. इन चार राशियों वालों जातकों को भूमि-भवन का लाभ, आकस्मिक धन का लाभ, वाहन संपत्ति का लाभ, संतान संबंधी लाभ, नौकरी संबंधी लाभ आदि सभी प्राप्त होंगे.

वृषभ राशि: मंगल ग्रह के वक्री अवस्था में गोचर करने पर वृषभ राशि के 12 वें स्थान के स्वामी धन स्थान पर आ जाएंगे जिससे आपको धन संबंधी अधिक लाभ होंगे. आर्थिक रूप से मंगल ग्रह के गोचर से वृषभ राशि के लिए शुभ रहेगा. रुका हुआ धन, उधार दिया हुआ पैसा, या फिर बिजनेस में फंसे हुए पैसे के वापस मिलने का योग बनेगा. इस दौरान वृषभ राशि की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. भूमि-भवन का लाभ भी इस दौरान आपको मिल सकता है.

कन्या राशि: कन्या राशि से मंगल ग्रह कर्म स्थान पर विराजमान है जिस कारण जातकों को करियर-नौकरी आदि में लाभ होगा. यदि आप नौकरी, व्यापार करते हैं तो मंगल ग्रह के प्रभाव से प्रोफेशनली आपको लाभ होगा. यदि आप नौकरी की तलाश में हैं तो आपको फोन, ईमेल आदि के माध्यम से शुभ सूचना प्राप्त हो सकती है.

तुला राशि: तुला राशि से मंगल भाग्य स्थान पर होंगे. मंगल ग्रह तुला राशि के जातकों का भाग्य बदलेंगे. यदि आपके जीवन में आर्थिक संकट, शारीरिक रोग आदि समस्याएं चल रही हैं तो मंगल ग्रह आपको विशेष लाभ प्रदान करेंगे. मंगल आपको नौकरी में स्थान परिवर्तन, यात्रा, बिजनेस टूर, बिजनेस यात्रा आदि कराएंगे जो आपके लिए शुभ होगी. लंबे समय से आप कहीं पर ट्रांसफर आदि की सोच रहे थे तो आपको इस दौरान मंगल ग्रह लाभ देंगे.

मीन राशि: मीन राशि से चतुर्थ स्थान पर मंगल ग्रह वक्री अवस्था में गोचर करेंगे जिससे मीन राशि वाले जातकों को भूमि, भवन, वाहन आदि का लाभ मिलेगा. यदि पिछले कुछ समय से आप कोई वाहन लेने की सोच रहे हैं या फिर परिवार के लिए कोई घर जमीन आदि पसंद की है तो मंगल ग्रह आपको सब का सुख प्रदान करेंगे.

Note: मंगल ग्रह के मिथुन राशि में गोचर से राशियों को होने वाले लाभ की ज्यादा जानकारी के लिए आप हरिद्वार के प्रसिद्ध ज्योतिषी पंडित शशांक शेखर शर्मा से उनके फोन नंबर 7895714521 और 9997509443 पर संपर्क कर सकते हैं.

Tags: Astrology, Haridwar news, Local18, Uttarakhand news

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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