शनि कृपा के लिए पहनते हैं घोड़े की नाल की अंगूठी? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया- लाभ होगा या नहीं

शनि कृपा के लिए पहनते हैं घोड़े की नाल की अंगूठी? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया- लाभ होगा या नहीं

शनि के प्रकोप से बचने के लिए लोग कई प्रकार के उपाय करते हैं. लोग शनि देव को खुश करने के लिए काले या नीले रंग के कपड़े पहनते हैं. काले तिल का दान करते हैं. छाया दान, सरसों के तेल, कंबल, लोहा, उड़द आदि का भी दान करते हैं. शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से बचने के लिए तरह तरह के उपाय होते हैं. इसमें घोड़े की नाल की अंगूठी भी शामिल है. वृंदावन के प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचन के दौरान भी शनि के प्रकोप से बचने संबंधी उपायों पर चर्चा हुई. इस बारे में प्रेमानंद जी महाराज ने अपने विचार प्रकट किए.

‘घोड़े की नाल की अंगूठी पहनने से साढ़ेसाती छू नहीं सकती’
प्रेमानंद जी महाराज ने बताया कि उन्होंने एक सज्जन को देखा कि वे अपने हाथों में बहुत अंगूठी पहने थे. वे लोहे का एक छल्ला भी पहने थे. य​ह बात हित धाम की है. उन्होंने उस सज्जन से पूछा कि ये क्या है? तो वे बोले कि ये घोड़े की नाल का है. तब प्रेमानंद जी महाराज ने पूछा कि ये क्यों पहना है? तो वे बोले कि इसे पहनने से शनि की साढ़ेसाती बिल्कुल छू भी नहीं सकती है.

‘नाल पैर में पहनकर घोड़ा स्वयं दुख भोग रहा है’
इस पर प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि घोड़े के पैर में नाल ठोंककर उसे 50 किलोमीटर तक दौड़ाया जाता है, इतना बोझ ढोता है. उस नाल की अंगूठी को पहनकर तुम खुद दुख से बच जाओगे. जो स्वयं वह नाल पैर में पहनकर दौड़ रहा है, दुख भोग रहा है, रोज लोहे में दौड़ रहा है, और तुम…कहां लोगों की बुद्धि फंसी हुई है.

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महाराज जी ने आगे कहा कि ऐसे लोग राम राम, हरि हरि, कृष्ण कृष्ण नहीं बोलेंगे. सोचो ना, लोग आजकल इन सब बातों में फंसे हुए हैं. उसका दांत हो जाए, उसकी ये चीज हो जाए, उसकी वो चीज हो जाए, ये सब फालतू की बातें हैं.

नाम जप से होगा कल्याण
प्रेमानंद जी महाराज लोगों को पाखंड और ढोंग से दूर रहने के लिए कहते हैं. वे लोगों से कहते हैं कि इन सब चक्करों में फंसने से अच्छा है कि तुम नाम जप करो. नाम जप करने से ही कल्याण होगा. प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि राधा नाम का जप करना ही सबसे उत्तम है. उन्होंने एक अन्य प्रवचन में बताया था कि आपके जो इष्ट देव हैं, उनके नाम का भी जप कर सकते हो. यदि आप शिवजी, हनुमान जी, दुर्गाजी या जो भी देवी या देवता आपके इष्ट हैं, उनके नाम का जप दिन में कम से कम 30 मिनट तक करो.

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करो भगवान के नाम का भजन
प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि तुम्हारे जो विघ्न हैं, वो बने ही रहेंगे, ये पक्का समझ लो. जब तक भगवान के नाम का भजन नहीं करोगे, तब तक तुम कुछ भी नहीं कर सकते हो.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Premanand Maharaj

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