घर में बार-बार हो रहे झगड़े? कपूर का ये उपाय लाएगा खुशहाली, जानिए तरीका
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Vastu tips : कई घरों में बिना किसी बड़ी वजह के आए दिन विवाद, मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियां बनी रहती हैं. कई बार लोग इन समस्याओं की वजह केवल परिस्थितियों या किस्मत को मान लेते हैं, जबकि इसके पीछे घर का वास्तु दोष भी हो सकता है. लोकल 18 से अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी बताते हैं कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार जितना मजबूत होगा सुख, शांति और समृद्धि बनी रहेगी. पंडित दीपलाल के मुताबिक, अगर घर की सफाई करते समय पानी में थोड़ा समुद्री नमक मिलाकर पोछा लगाया जाए तो नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है. सही दिशा में सोने से भी मानसिक तनाव कम होने, अच्छी नींद आने और मन में सकारात्मक विचारों का संचार होने की मान्यता है.
अंबाला. हर व्यक्ति की इच्छा होती है कि उसके घर में हमेशा खुशियों का माहौल रहे, परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और आपसी विश्वास बना रहे और मां लक्ष्मी की कृपा से कभी आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े. इसी कामना के साथ लोग पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और कई तरह के उपाय भी करते हैं. इसके बावजूद कई घर ऐसे होते हैं, जहां बिना किसी बड़ी वजह के आए दिन विवाद, मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियां बनी रहती हैं. कई बार लोग इन समस्याओं का कारण केवल परिस्थितियों या किस्मत को मान लेते हैं, जबकि वास्तु शास्त्र के जानकारों का कहना है कि इसके पीछे घर का वास्तु दोष भी एक अहम वजह हो सकता है.
मेहनत के बावजूद धन टिकता नहीं
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा न केवल मानसिक शांति को प्रभावित करती है, बल्कि इसका असर परिवार के रिश्तों, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर भी देखने को मिलता है. यदि घर का वातावरण लगातार तनावपूर्ण बना रहता है, छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगते हैं या फिर मेहनत के बावजूद धन टिकता नहीं है, तो यह संकेत वास्तु दोष की ओर भी इशारा करते हैं. अच्छी बात यह है कि कुछ सरल और पारंपरिक उपाय अपनाकर घर के वातावरण को सकारात्मक बनाया जा सकता है.
बाथरूम में एक कटोरी
लोकल 18 से अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी बताते हैं कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार जितना मजबूत होगा, परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण उतना ही बेहतर रहेगा. समुद्री नमक को वास्तु शास्त्र में विशेष महत्व दिया गया है. यदि घर की सफाई करते समय पानी में थोड़ा समुद्री नमक मिलाकर पोछा लगाया जाए तो नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है. बाथरूम में एक कटोरी में समुद्री नमक भरकर रखने से भी वहां मौजूद नकारात्मक ऊर्जा कम होती है, जिससे पूरे घर का वातावरण संतुलित बना रहता है.
शुभता का प्रतीक
पंडित दीपलाल जयपुरी बताते हैं कि घर का मुख्य द्वार भी वास्तु का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. मान्यता है कि मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का शुभ चिन्ह बनाने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश कम होता है और घर में सकारात्मकता का संचार बढ़ता है. स्वास्तिक को सनातन परंपरा में मंगल, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना गया है, इसलिए इसे घर की उन्नति और परिवार की खुशहाली से भी जोड़ा जाता है. कपूर का महत्व भी केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है. वास्तु शास्त्र के अनुसार नियमित रूप से घर में कपूर जलाने से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. मान्यता है कि इससे घर में व्याप्त तनाव, कलह और मानसिक अशांति धीरे-धीरे कम होने लगती है. परिवार के सदस्यों के बीच सौहार्द का वातावरण बनता है.
किस ओर सिर करके सोएं
पंडित दीपलाल जयपुरी के मुताबिक, सोने की दिशा भी वास्तु शास्त्र में विशेष महत्व रखती हैं. दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर सिर करके सोना शुभ माना जाता है, जबकि उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने से बचने की सलाह दी जाती है. सही दिशा में सोने से मानसिक तनाव कम होने, अच्छी नींद आने और मन में सकारात्मक विचारों का संचार होने की मान्यता है. परिवार में स्थायी सुख-शांति के लिए आपसी प्रेम, सम्मान, संवाद और सहयोग सबसे अधिक आवश्यक हैं. जब सकारात्मक सोच के साथ इन पारंपरिक उपायों को अपनाया जाता है, तभी घर का माहौल वास्तव में खुशहाल और सौहार्दपूर्ण बन सकता है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…
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