हो जाओगे गरीब, जकड़ लेंगे रोग…जानिए किचन का गलत दिशा में होना कितना घातक?

हो जाओगे गरीब, जकड़ लेंगे रोग…जानिए किचन का गलत दिशा में होना कितना घातक?

Last Updated:

Kitchen Vastu Tips : घर में रसोई का गलत दिशा में होना कई मुसीबतें खड़ी कर सकता है. दरिद्रता और बीमारियां दूर से ही खिची चली आएंगी. आमतौर पर लोग जानते हैं कि अग्नि कोण में किचन का होना सबसे शुभ है, लेकिन वास्तुशास्त्र में इसके 5 और स्थान भी बताएं गए हैं. लोकल 18 से काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय बताते हैं कि शास्त्रीय वास्तुशास्त्र से जुड़ी पुस्तक ‘मनुष्यालय चंद्रिका’ के मुताबिक, आप अपने घर के उत्तर-पूर्व दिशा के दूसरे स्थान पर भी किचन का निर्माण करा सकते हैं. इससे आपके घर माता अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी का वास होगा. यह आपकी उन्नति की राह को भी खोलेगा.

वाराणसी. घर में रसोई सबसे महत्वपूर्ण जगहों में से एक होती है. यदि यह गलत दिशा में हो तो घर के अंदर दरिद्रता और बीमारियां कोसों दूर से भी खिची चली आती हैं. वास्तु शास्त्र में किचन से लेकर बाथरूम तक किस दिशा में हो, इसका विस्तृत उल्लेख मिलता है. आमतौर पर लोग यह जानते हैं कि अग्नि कोण में किचन का होना सबसे शुभ है, लेकिन वास्तुशास्त्र में इसके 5 और स्थान भी बताएं गए हैं, जिन्हें कम ही लोग जानते हैं. लोकल 18 से काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय बताते हैं कि ज्योतिष के अंतर्गत आने वाला वास्तु शास्त्र एक विज्ञान है. वास्तुशास्त्र के दो रूप हैं, पहला आधुनिक वास्तुशास्त्र और दूसरा शास्त्रीय वास्तुशास्त्र. वर्तमान समय में लोग आधुनिक वास्तुशास्त्र पर ज्यादा आधारित हैं, लेकिन शास्त्रीय वास्तुशास्त्र में घर की अलग-अलग जगहों के स्थान से जुड़े कई रहस्य छिपे हुए हैं. शास्त्रीय वास्तुशास्त्र से जुड़ी पुस्तक ‘मनुष्यालय चंद्रिका’ में इसका विस्तृत उल्लेख हैं.

5 जगह निर्धारित
पंडित संजय उपाध्याय बताते हैं कि इस पुस्तक के 7वें अध्याय के 35वें श्लोक में घर के किचन के लिए अग्नि कोण के बजाय 5 और महत्वपूर्ण स्थान बताएं गए हैं. आप अपने घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा के दूसरे स्थान पर भी किचन का निर्माण करा सकते हैं. यह आपके तरक्की के राह को आसान बनाएगा. इसके अलावा आप पूर्व दिशा के मध्य में जो सूर्य का स्थान होता है, उस जगह पर भी किचन का निर्माण करा सकते हैं. आप दक्षिण दिशा के मध्य भाग को, जो वृषभ राशि का स्थान माना जाता है, वहां भी किचन बनवा सकते हैं. इससे आपके घर माता अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी का वास होगा. यह आपकी उन्नति की राह को भी प्रशस्त करेगा.

ये जगहें भी सही
पश्चिम के मध्य में तरुण के पद में भी आप अपने घर पर किचन का निर्माण करा सकते हैं. यह भी आपके सौभाग्य का सूचक बनेगा. वायव्य कोण का स्थान भी भोजनालय के लिए ही होता है, इससे भी आपके घर में बीमारियों दूर रहेंगी और पूरे घर में पॉजिटिव ऊर्जा का संचार हमेशा बना रहेगा.

About the Author

Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…

और पढ़ें

Source link

You May Have Missed