कांवड़ यात्रा कब से शुरू है? जानें तारीख, जलाभिषेक के लिए शुभ दिन

कांवड़ यात्रा कब से शुरू है? जानें तारीख, जलाभिषेक के लिए शुभ दिन

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Kanwar Yatra 2026 Date: कांवड़ यात्रा सावन माह के पहले दिन से ही शुरू हो जाती है. दिल्ली एनसीआर में कांवड़ यात्रा सावन शिवरात्रि तक चलती है, वहीं देवघर में पूरे सावन माह में कांवड़ यात्रा होती है. इस समय में हरिद्वार, देवघर, उज्जैन और काशी में बोल बम की गूंज रहती है. सावन में कांवड़ यात्री विशेष दिन पर शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहते हैं. आइए जानते हैं कि कांवड़ यात्रा कब से शुरू हो रही है? सावन में जलाभिषेक के लिए शुभ दिन कौन से हैं?

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कांवड़ यात्रा कब से शुरू है? (Photo: PTI)

Kanwar Yatra 2026 Date: सावन माह में कांवड़ यात्रा का शुभारंभ होता है. शिव भक्त कांवड़ लेकर भगवान शिव के मंदिर में जाते हैं और गंगाजल से उनका ​अभिषेक करते हैं. कुछ स्थानों पर कांवड़ यात्रा पूरे सावन माह चलती है तो कहीं पर यह सावन शिवरात्रि तक ही होती है. पूरे सावन माह में बोम बम का नारा गूंजता है, वह चाहे हरिद्वार हो, देवघर हो या फिर उज्जैन या काशी. जिस जगह पर महादेव का वास है, वहां शिव भक्त पहुंचते हैं और उनका जलाभिषेक और पूजा अर्चना करते हैं.

कांवड़ यात्रा 2026 तारीख

सावन माह के प्रारंभ के साथ ही कांवड़ यात्रा का भी शुभारंभ हो जाता है. पंचांग के अनुसार इस साल श्रावण कृष्ण प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई को रात 8:05 बजे से लेकर 30 जुलाई को रात 9:30 बजे तक है. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर कांवड़ यात्रा का शुभारंभ 30 जुलाई गुरुवार से होने जा रहा है.

दिल्ली-एनसीआर में सावन माह के पहले दिन यानि सावन कृष्ण प्रतिपदा से कांवड़ यात्रा शुरू होती है और यह सावन कृष्ण चतुर्दशी तक चलती है. वहीं देवघर में जो कांवड़ यात्रा होती है, वो पूरे सावन माह तक चलती है यानि सावन कृष्ण प्रतिपदा से लेकर सावन शुक्ल पूर्णिमा तक.

इस आधार पर दिल्ली-एनसीआर में कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से लेकर 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि तक चलेगी, जबकि देवघर में कांवड़ यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी. उस दिन श्रावण पूर्णिमा है.

कांवड़ यात्रा 2026 जलाभिषेक के लिए शुभ दिन

सावन माह में जलाभिषेक के लिए सभी दिन शुभ हैं क्यों​कि हर दिन महादेव का है. लेकिन जो लोग कांवड़ यात्रा करते हैं, वे चाहते हैं कि वे जलाभिषेक सावन सोमवार को करें या फिर भगवान शिव के प्रिय दिन पर. ऐसे में जानते हैं कि जलाभिषेक के शुभ दिन कौन से हैं?

10 अगस्त को सावन सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का शुभ संयोग है. इस वजह से यह दिन जलाभिषेक के लिए बहुत उत्तम है. फिर 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि है, उसके बाद 17 अगस्त को सावन सोमवार के साथ नाग पंचमी का संयोग बना है. 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा है, उस दिन श्रावण मास का अंतिम दिन है.

  1. 3 अगस्त, दिन सोमवार: पहला सावन सोमवार
  2. 10 अगस्त, दिन सोमवार: दूसरा सावन सोमवार, सोम प्रदोष व्रत
  3. 11 अगस्त, दिन मंगलवार: सावन शिवरात्रि
  4. 17 अगस्त, दिन सोमवार: तीसरा सावन सोमवार, नाग पंचमी
  5. 24 अगस्त, दिन सोमवार: चौथा सावन सोमवार
  6. 25 अगस्त, दिन मंगलवार: भौम प्रदोष व्रत
  7. 28 अगस्त, दिन शुक्रवार: श्रावण पूर्णिमा, सावन का समापन

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कार्तिकेय तिवारीDeputy News Editor

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें

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