कल शिव-लक्ष्मी पूजा का महासंयोग! भूलकर भी इन 2 दिशाओं में न करें यात्रा, सूर्य कृपा के लिए
कल शिव-लक्ष्मी पूजा का महासंयोग! भूलकर भी इन 2 दिशाओं में न करें यात्रा
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रविवार के दिन भगवान शिव और माता लक्ष्मी की एक साथ पूजा का महासंयोग बन रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी ऐसे विशेष संयोग बनते हैं, तो कुछ नियमों का पालन करने से जीवन में सुख, समृद्धि और धन-धान्य की वर्षा होती है. वहीं इस दिन दिशाशूल और खान-पान का ध्यान ना रखने पर दोष भी लग सकता है. यहां कल के दिन से जुड़े जरूरी नियम, वर्जित दिशाएं और खान-पान की पूरी जानकारी दी गई है…
सनातन धर्म में सप्ताह के प्रत्येक दिन का अपना विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना गया है. रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार के सूर्य देव को जल अर्पित करना, आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य मंत्र का जाप करना बहुत शुभ माना गया है और कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है. साथ ही रविवार के दिन जरूरतमंदों को गुड़ व गेहूं का दान करना भी लाभकारी माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में रविवार के दिन दो दिशाओं की यात्रा ना करने की सलाह दी जाती है. अगर बहुत जरूरी काम ना हो तो इस दिशाओं में यात्रा करने से बचें.
रविवार क्या खाएं क्या नहीं?
मान्यता है कि रविवार के दिन भगवान सूर्य की कृपा प्राप्त करने के लिए सात्विक भोजन करना शुभ होता है. इस शुभ दिन पर गेहूं, गुड़, दूध और घी से बने सात्विक खाद्य पदार्थों का सेवन शुभ माना गया है. ज्योतिष में रविवार के दिन नमक का सेवन पूरी तरह वर्जित बताया गया है. साथ ही मांसाहार, लहसुन, प्याज, मसूर की दाल और सरसों के तेल से बनी चीजों से परहेज करने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि ऐसा करने से मन और शरीर की शुद्धता बनी रहती है और सूर्य देव की आराधना का पुण्य फल प्राप्त होता है. ऐसा करने से जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति होती है और सूर्यकृपा से सम्मान, प्रतिष्ठा, धन, सौभाग्य आदि की वृद्धि होती है.
चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय जानें
19 जुलाई दिन रविवार को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि दोपहर 3:30 बजे तक है. इसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी. इस दिन भगवान शिव व माता लक्ष्मी की पूजा करना अत्यंत शुभ होगा. इस दिन सुबह 5:55 बजे सूर्योदय और शाम 7:10 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 10:39 बजे चन्द्रोदय और रात 10:46 बजे चन्द्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर करेगा. जबकि चंद्रमा शाम 6:11 बजे तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेगा.
रविवार को इस समय करें शुभ काम
19 जुलाई दिन रविवार को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा. इस दिन परिघ और शिव योग हैं. रविवार को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से लेकर 12:59 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है.
रविवार का इस समय ना करें कोई काम
कल राहुकाल शाम 5:36 से 7:19 बजे तक रहेगा, गुलिक काल दोपहर 3:28 से शाम 5:09 तक रहेगा. यमगंड काल दोपहर 13:33 से 2:12 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है. वहीं कल सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेंगे, जबकि चंद्रमा भी मुख्य रूप से कन्या राशि में स्थित रहेगा. रविवार को पश्चिम और दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. अगर यात्रा करना अनिवार्य हो तो घर से निकलने से पहले थोड़ा सा दही या तिल खाकर और भगवान का स्मरण करके ही बाहर निकलें.
भगवान शिव और मां लक्ष्मी की पूजा के नियम व लाभ
महासंयोग का फल: कल के दिन भोलेनाथ का जलाभिषेक करने से जहां मानसिक शांति और ग्रहों के दोष दूर होते हैं, वहीं माता लक्ष्मी की आराधना से आर्थिक तंगी हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है.
क्या करें: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. शिव जी को बेलपत्र, धतूरा और कच्चा दूध अर्पित करें. इसके बाद माता लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाकर कनकधारा स्तोत्र या लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें.
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पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें


