छिन गया संतान प्राप्ति का सुख? इसकी वजह पितृ दोष तो नहीं, इस अमावस्या करें ये काम

छिन गया संतान प्राप्ति का सुख? इसकी वजह पितृ दोष तो नहीं, इस अमावस्या करें ये काम

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Pitra Dosh Remedies For Pregnancy : कई कपल बार-बार संतान प्राप्ति की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसा हो नहीं पाता. कई बार इसकी वजह पितृ दोष भी हो सकती है. देहरादून के ज्योतिषाचार्य संजय लोकल 18 से बताते हैं कि पितृ दोष संतान प्राप्ति का सुख छीन सकता है. जिसकी भी कुंडली में सूर्य और शनि एक साथ बैठे हों, ऐसे लोग पितृ दोष से पीड़ित होते हैं. इससे मुक्ति का सबसे अच्छा उपाय अमावस्या के दिन गंगा स्नान करना है. ज्योतिषाचार्य संजय के मुताबिक, भले ही आपके पितृ इस दुनिया में नहीं है, लेकिन अगर उन्हें सूर्य श्राप लगा है तो आपको ही इसकी भरपाई करनी होगी. पितृ दोष वाले जिन लोगों को संतान हो भी जाती है तो वह अच्छे संस्कारों की नहीं होती है. बच्चे बात नहीं मानते हैं और जीवन दुखी हो जाता है.

देहरादून. माना जाता है कि शादी के बाद पति-पत्नी की जिंदगी तभी महकती है, जब उनके घर और आंगन में फूल खिलता है, मतलब उनके घर में किलकारियां गूंजती हैं. कई कपल होते हैं जो बार-बार संतान प्राप्ति की कोशिश करते हैं, लेकिन कभी पुरुष में बाप बनने में बाधा आती है तो कभी महिला में. महिला अगर गर्भधारण भी करती है तो मिसकैरेज जैसी घटनाएं उन्हें तोड़ देती हैं. ऐसे दांपत्य में खुशी नहीं रहती है. पितृ दोष संतान प्राप्ति का सुख छीन सकता है. पिता बनने में कठिनाई भी पितृ दोष के कारण हो सकती है. इसके निवारण का सबसे बेहतरीन समय अमावस्या का है. इस बार 14 जुलाई के दिन अमावस्या पड़ रही है. पितृ दोष से मुक्ति के लिए आप कुछ उपाय अपना सकते हैं. व्रत के साथ गंगा, गायत्री और गीता इन तीनों की मदद से पितृ दोष से मुक्ति पा सकते हैं.

सबसे अच्छा उपाया क्या

देहरादून के ज्योतिषाचार्य संजय लोकल 18 से बताते हैं कि जिसकी भी कुंडली में सूर्य और शनि एक साथ बैठे हों, ऐसे लोग पितृ दोष से पीड़ित होते हैं. इसके निवारण के लिए सबसे अच्छा उपाय अमावस्या के दिन गंगा स्नान करना है. सूर्य और राहु के एक साथ होने पर भी पितृ दोष की स्थिति पैदा हो जाती है. इससे पितृपक्ष में लोगों को समस्या हो सकती है या आपके पिता बनने में दिक्कत आ सकती है. अगर महिलाएं पितृदोष से ग्रस्त होती हैं तो वह गर्भधारण नहीं कर पाती हैं. अगर गर्भधारण हो भी जाता है तो मिसकैरेज हो जाता है.

ज्योतिषाचार्य संजय के मुताबिक, शास्त्रों में पितृ दोष से मुक्ति के लिए अमावस्या के दिन गंगा स्नान बताया गया है. गंगा हमारे जीवन से अशुद्धियों को दूर करती है और सकारात्मक का संचार करती है. भले ही आपके पितृ इस दुनिया में नहीं है, लेकिन अगर उन्हें सूर्य श्राप लगा है तो आपको ही इसकी भरपाई करनी होगी. ज्योतिषाचार्य संजय बताते हैं कि जो पितृ अतृप्त हैं और मुक्त नहीं हुए हैं तो वे आपके माध्यम से ग्रहण करेंगे. अगर आपके पितृपुष्ट हैं तो आपका वंश आगे बढ़ेगा, अन्यथा आपका वंश आगे नहीं बढ़ेगा और आपको संतान प्राप्ति का सुख नहीं मिलेगा. जिन लोगों को संतान हो भी जाती है तो वह अच्छे संस्कारों की नहीं होती है. बच्चे बात नहीं मानते हैं और जीवन दुखी हो जाता है.

ये मंत्र आएगा काम

ज्योतिषाचार्य संजय बताते हैं कि ऐसे लोग जिन्हें कई वर्षों से संतान का सुख नहीं मिल रहा है, वे कुछ उपाय कर सकते हैं. शास्त्रों में पितरों को प्रसन्न करने के लिए गंगा स्नान और पितृ तर्पण करने का उल्लेख मिलता है. आपको दान पुण्य करना चाहिए. किसी जरूरतमंद को भोजन और कपड़े दान करें. आप ‘ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते, देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः” मंत्र का भी जाप करें ताकि आपके घर बच्चे की किलकारियां गूंज उठे.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें

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