सावन शुरू होने से पहले शनि की वक्री चाल, वृषभ समेत 4 राशि वालों को मिलेगा शनिदेव का न्याय,
सावन शुरू होने से पहले शनि की वक्री चाल, वृषभ समेत 4 राशि वाले बरतें सावधानी
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Shani Vakri In Meen Rashi 2026: सावन शुरू होने से पहले 27 जुलाई को शनिदेव वक्री चाल चलेंगे, जिससे वृषभ और कन्या समेत 4 राशि वालों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शनि की यह उल्टी चाल इन राशियों के जातकों को हर मामले में परेशान कर सकती है. करियर, आर्थिक स्थिति और निजी जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं शनि की वक्री चाल से इन राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा…
Saturn Retrograde In Pisces 2026: न्याय व कर्म के कारक ग्रह शनिदेव 27 जुलाई दिन सोमवार को मीन राशि में वक्री चाल चलने वाले हैं यानी 27 जुलाई से शनि की उल्टी चाल शुरू हो जाएगी और वह इस अवस्था में 11 दिसंबर तक रहेंगे. वहीं सावन का महीना 30 जुलाई से भगवान शिव का प्रिय मास सावन शुरू हो रहा है और उससे पहले शनि की वक्री चाल ज्योतिषीय दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. वैदिक ज्योतिष में शनि को उग्र ग्रह का दर्जा प्राप्त है और जब कोई उग्र ग्रह वक्री चाल चलता है तो उसका प्रभाव और भी ज्यादा उग्र हो जाता है. शनि में शनि की वक्री चाल से वृषभ समेत 4 राशियों को उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं शनि की मीन राशि में वक्री चाल से इन राशियों को क्या क्या परेशानी हो सकती है…
शनि की वक्री चाल का वृषभ राशि पर प्रभाव
शनि वृषभ राशि के भाग्य और कर्म भाव का स्वामी है, जो अब आपके लाभ भाव में वक्री हो रहा है. इस दौरान आपको मिल रहे सकारात्मक परिणाम कम हो सकते हैं और आपको अब तक मिल रहे लाभ में कमी आने की भी आशंका बन रही है. शनि की वक्री चाल से आपको अपनी इच्छा के अनुसार परिणाम या फल नहीं मिल पाएगा. इस दौरान आपको लाभ की कम उम्मीद है. अगर आपका स्वास्थ्य पहले से खराब है, तो अब आपको अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है. आपको अपने काम में देरी या कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.
शनि की वक्री चाल का कन्या राशि पर प्रभाव
शनि कन्या राशि के पंचम और षष्ठ भाव का स्वामी है. अब यह आपके सातवें भाव में वक्री हो रहा है. इस दौरान शनि के अशुभ प्रभाव के कारण आपकी समस्याएं बढ़ सकती हैं. अगर आपको पहले से पेट संबंधी समस्याएं जैसे कब्ज है, तो अब आपको समय पर दवा लेनी चाहिए और स्वास्थ्य के प्रति बिल्कुल भी लापरवाह नहीं होना चाहिए. लोगों से विनम्रता से बात करें और कोई बड़ा जोखिम ना लें. अगर आप कोई बिजनेस शुरू करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो कुछ समय के लिए रुक जाएं. परिवार से संबंधित मामलों में सावधान रहें. इस समय आपको अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है.
शनि की वक्री चाल का वृश्चिक राशि पर प्रभाव
शनि वृश्चिक राशि वालों के तीसरे (पराक्रम) और चौथे (सुख और माता) भाव के स्वामी हैं और आपके पंचम (संतान, बुद्धि और शिक्षा) भाव में वक्री कर रहे हैं. भले ही आपको इस समय कोई बड़ा नुकसान ना हो, लेकिन कोई लाभ भी नहीं होगा. काम ना होने के कारण आप निराश महसूस कर सकते हैं और संतान की वजह से काफी भागदौड़ करनी पड़ सकती है. इस अवधि में वृश्चिक राशि वालों को प्रतीयोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता के लिए अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है. अगर आप सामाजिक मामलों में सतर्क रहते हैं, तो आप अपमान की स्थितियों से बच सकते हैं.
शनि की वक्री चाल का कुंभ राशि पर प्रभाव
शनि कुंभ राशि के प्रथम भाव (लग्न) और द्वादश भाव (12वें भाव) के स्वामी हैं और दूसरे भाव में व्रकी करने जा रहे हैं. आपको इस अवधि में अनुकूल परिणाम मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. खुद को नकारात्मक विचारों से दूर रखें और किसी भी तरह के विवाद से दूर रहें. साथ ही बिना पूछे किसी को सलाह ना दें, नहीं तो आपको ही परेशानी हो सकती है. इस अवधि में कुंभ राशि वाले खुश रहने की कोशिश करें और आलस्य से दूर रहें. पैसे के मामलों में लापरवाह ना रहें और परिवार के सदस्यों से विनम्रता से बात करें. आपको प्रफेशनल लाइफ में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है, काम पर अपने गुस्से को नियंत्रण में रखने की सलाह दी जाती है.
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पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें


