भौमवती अमावस्या पर करें 5 उपाय, पितर होंगे खुश, केतु-मंगल भी हो जाएंगे शांत

भौमवती अमावस्या पर करें 5 उपाय, पितर होंगे खुश, केतु-मंगल भी हो जाएंगे शांत

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भौमवती अमावस्या पर करें 5 उपाय, पितर होंगे खुश, केतु-मंगल भी हो जाएंगे शांत

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Bhaumvati Amavasya July 2026 Upay: जब मंगलवार के दिन अमावस्या तिथि होती है, तो उसे भौमवती अमावस्या कहते हैं. मंगल का एक नाम भौम भी है. भौमवती अमावस्या पर आप स्नान और दान करके पुण्य प्राप्त कर सकते हैं. लेकिन पितरों को खुश करना है, कर्ज से मुक्ति चाहिए या फिर मंगल और केतु के अशुभ प्रभावों को दूर करना है तो आपको ज्योतिष उपाय करने होंगे. आइए जानते हैं भौमवती अमावस्या के 5 आसान उपायों के बारे में.

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भौमवती अमावस्या के ज्योतिष उपाय.

Bhaumvati Amavasya 2026 Upay: इस साल भौमवती अमावस्या 14 जुलाई को है. जिस मंगलवार के दिन अमावस्या होती है, उसे भौमवती अमावस्या कहा जाता है क्योंकि मंगल का दूसरा नाम भौम भी है. इस दिन आप स्नान, दान, पूजा, मंत्र जाप आदि से पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं. भौमवती अमावस्या पर आप ज्योतिष उपायों को करके पितरों के खुश कर सकते हैं, इसके साथ ही हनुमत कृपा से केतु और मंगल के दोषों का दूर कर सकते हैं.

भौमवती अमावस्या 2026 मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, इस समय आषाढ़ माह का कृष्ण पक्ष चल रहा है. आषाढ़ की अमावस्या ति​थि 13 जुलाई, सोमवार को शाम 6:49 बजे शुरू होगी और 14 जुलाई, मंगलवार को दोपहर 3:12 बजे खत्म होगी. 14 जुलाई को सूर्योदय अमावस्या तिथि में होगी, इसलिए भौमवती अमावस्या 14 जुलाई को है.

भौमवती अमावस्या के ज्योतिष उपाय

  • भौमवती अमावस्या के दिन पितरों को खुश करने के लिए आप स्नान के बाद जल से उनको तर्पण दें. तर्पण देते समय आप कहें कि हे पितृ देव! आप सभी को मैं जल से तृप्त कर रहा हूं, आप सभी तृप्त हों. इस उपाय से पितर प्रसन्न होंगे और आपको उन्नति का आशीर्वाद देंगे. इसके अलावा आप दान, श्राद्ध, पिंडदान, ब्राह्मण भोज, पंचबलि कर्म आदि कर सकते हैं.
  • भौमवती अमावस्या को सुबह में स्नान करने के बाद पवनपुत्र हनुमान जी की पूजा करें और उनके समक्ष बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. यदि आपके पास समय हो तो सुंदरकांड का पाठ करें. हनुमान जी के मंत्रों का जाप कर सकते हैं. इस उपाय से आपकी कुंडली का मंगल दोष और केतु का अशुभ प्रभाव खत्म होगा.
  • भौमवती अमावस्या की शाम हनुमान जी के मंदिर जाएं. फिर चमेली के तेल से भरा दीपक जलाएं. चमेली के तेल में पीला सिंदूर मिलाकर चोला बनाएं और हनुमान जी को लगाएं. इस उपाय से भी मंगल और केतु के दोष दूर होते हैं.
  • भौमवती अमावस्या को हनुमान जी की पूजा में उनको बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं. फिर उसे गरीबों में बांट दें. हनुमत कृपा से आपके कष्ट दूर होंगे और मनोकामनाएं पूरी होंगी. इस दिन गुड़ और चने की दाल वाली रोटी किसी लाल रंग की गाय को खिलाएंगे तो भी केतु और मंगल शांत होंगे.
  • यदि आप धन संकट में फंसे हुए हैं, कोई कर्ज है, जो चुकता नहीं हो रहा है तो आप भौमवती अमावस्या के दिन ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करें. इस उपाय को हर मंगलवार को कर सकते हैं.

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कार्तिकेय तिवारीDeputy News Editor

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें

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