रवि प्रदोष पर शिवरात्रि का अद्भुत संयोग, एक व्रत से तीन गुना फायदा, जानें पूजा मुहूर्त

रवि प्रदोष पर शिवरात्रि का अद्भुत संयोग, एक व्रत से तीन गुना फायदा, जानें पूजा मुहूर्त

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रवि प्रदोष पर शिवरात्रि का अद्भुत संयोग, 1 व्रत से 3 गुना फायदा, जानें मुहूर्त

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Pradosh Vrat July 2026: 12 जुलाई रविवार को प्रदोष व्रत है. इस दिन आषाढ़ मासिक शिवरात्रि का सुंदर संयोग बना है. रविवार को आप एक व्रत करके 3 गुना पुण्य फल प्राप्त कर सकते हैं. भगवान शिव के साथ ग्रहों के राजा सूर्यदेव भी कृपा बरसाएंगे. आइए जानते हैं शिव पूजा का मुहूर्त, प्रदोष काल आदि.

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रवि प्रदोष पर आषाढ़ शिवरात्रि का शुभ संयोग.

Pradosh Vrat July 2026: जुलाई माह के पहले प्रदोष व्रत पर शिवरात्रि का अद्भुत संयोग बना है. इस दिन आप एक उपवास से तीन गुना पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं. भगवान शिव की डबल कृपा के साथ आपको सूर्य देव का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा. ऐसे में 12 जुलाई रविवार का दिन बेहद पुण्य फलदायी है. इस दिन व्रत और पूजा से आपके कष्ट, दुख, पाप आदि मिटेंगे, वहीं आपकी मनोकामनाएं भी पूरी होंगी.

रवि प्रदोष पर आषाढ़ शिवरात्रि का शुभ संयोग

12 जुलाई रविवार को रवि प्रदोष व्रत और आषाढ़ शिवरात्रि एक साथ हैं. पंचांग के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी तिथि 12 जुलाई को 02:04 ए एम से लेकर रात 10:29 बजे तक है, उसके बाद से आषाढ़ कृष्ण चतुर्दशी तिथि शुरू होगी और अगले दिन 13 जुलाई सोमवार को शाम 6:49 बजे तक है.
उदयातिथि और प्रदोष काल के आधार पर प्रदोष रविवार को है, वहीं शिवरात्रि के लिए निशिता मुहूर्त की गणना करते हैं, इस आधार पर आषाढ़ कृष्ण चतुर्दशी तिथि में निशिता मुहूर्त 12 जुलाई को ही प्राप्त हो रहा है. इसलिए 12 जुलाई को रवि प्रदोष और आषाढ़ शिवरात्रि का व्रत एक साथ रखा जाएगा.

एक व्रत से मिलेगा 3 गुना लाभ

12 जुलाई को आप एक उपवास रखकर तीन गुना लाभ प्राप्त कर सकते हैं. प्रदोष, शिवरात्रि के अलावा रविवार व्रत का भी लाभ मिलेगा. इसके लिए आप प्रात:काल में उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं और साफ कपड़े पहनें. उसके बाद सबसे पहले व्रत और पूजा का संकल्प करें.

फिर सूर्योदय के समय भगवान सूर्य की पूजा करें और उनको जल से अर्घ्य दें. सूर्य मंत्र का जाप करें. उसके ​बाद शिव मंदिर जाएं या घर पर ही शिवजी को जलाभिषेक करें. बेलपत्र, भांग, धतूरा, अक्षत्, चंदन, शहद, फूल, माला आदि से शिवरात्रि पूजन करें.

उसके बाद शाम को सूर्यास्त के बाद प्रदोष व्रत की पूजा करें. इसमें भी महादेव की पूजा विधिपूर्वक करें. प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा शाम के समय ही करते हैं, लेकिन शिवरात्रि व्रत में ऐसा नहीं है. आप जब चाहें तब शिव पूजा कर लें. इस प्रकार से आप एक उपवास से तीन व्रतों का पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं.

रवि प्रदोष और आषाढ़ शिवरात्रि का मुहूर्त

  • प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त: आज, शाम 7:22 बजे से रात 9:24 बजे तक
  • शिवरात्रि पूजा मुहूर्त: सुबह 07:15 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक

12 जुलाई के शुभ मुहूर्त

  1. ब्रह्म मुहूर्त: प्रात:काल 04:10 बजे से 04:51 बजे तक
  2. अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक
  3. लाभ-उन्नति मुहूर्त: सुबह 08:59 बजे से 10:43 बजे तक
  4. अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
  5. शुभ-उत्तम मुहूर्त: शाम 07:22 बजे से 08:38 बजे तक
  6. अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: रात 08:38 बजे से 09:54 बजे तक

2 शुभ योग में व्रत

12 जुलाई को ये तीनों ही व्रत 2 शुभ योग में हैं. उस दिन वृद्धि योग प्रात:काल से लेकर रात 08:06 बजे तक रहेगा, उसके बाद से ध्रुव योग होगा. वृद्धि योग में किए गए कार्यों में बढ़ोत्तरी होगी, वहीं ध्रुव योग में स्थिर या स्थायी कार्य करने चाहिए.

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कार्तिकेय तिवारीDeputy News Editor

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें

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