हर कौवे का संकेत एक जैसा नहीं होता! कौन-सी हरकत देती है शुभ और कौन-सी अशुभ फल

हर कौवे का संकेत एक जैसा नहीं होता! कौन-सी हरकत देती है शुभ और कौन-सी अशुभ फल

Shakun Shastra: भारतीय ज्योतिष और शकुन शास्त्र में प्रकृति से मिलने वाले संकेतों का विशेष महत्व बताया गया है. पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और रोजमर्रा की कई छोटी-छोटी घटनाओं को भविष्य में होने वाली परिस्थितियों का संकेत माना जाता है. इन्हीं संकेतों में कौवे का भी खास स्थान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कौवा केवल एक सामान्य पक्षी नहीं, बल्कि पितरों और यमलोक से जुड़ा दूत माना जाता है. इसलिए इसकी आवाज, उड़ान या व्यवहार को शकुन शास्त्र में विशेष संकेत के रूप में देखा जाता है.

हालांकि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन सनातन परंपरा और ज्योतिषीय मान्यताओं में इनका उल्लेख मिलता है. आइए जानते हैं कि ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय के अनुसार कौवे की कौन-सी हरकतें शुभ मानी जाती हैं और किन संकेतों पर सावधान रहने की सलाह दी जाती है.

कौवे को क्यों माना जाता है विशेष संकेत देने वाला पक्षी?
ज्योतिष और शकुन शास्त्र के अनुसार कौवा पितरों का प्रतिनिधि माना जाता है. यही कारण है कि पितृ पक्ष में कौवे को भोजन कराना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि कौवे के व्यवहार के माध्यम से भविष्य में होने वाली कुछ घटनाओं के संकेत मिल सकते हैं. हालांकि इन संकेतों को अंधविश्वास की तरह नहीं, बल्कि पारंपरिक धार्मिक मान्यता के रूप में देखा जाना चाहिए.

कौवे के ये संकेत माने जाते हैं अशुभ
शकुन शास्त्र के अनुसार यदि कौवा दक्षिण दिशा की ओर मुख करके लगातार कांव-कांव करता है, तो इसे शुभ नहीं माना जाता. ज्योतिषीय मान्यता कहती है कि यह घर में किसी परेशानी, बीमारी या मानसिक तनाव आने का संकेत हो सकता है. ऐसे समय में भगवान का स्मरण करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने की सलाह दी जाती है.

एक साथ कई कौवों का शोर मचाना
अगर अचानक कई कौवे किसी घर की छत या आसपास एक साथ शोर मचाने लगें, तो शकुन शास्त्र में इसे भी अशुभ संकेत माना गया है. मान्यता है कि यह किसी अप्रत्याशित घटना या पारिवारिक तनाव की ओर इशारा कर सकता है. ऐसे समय में धैर्य रखने और धार्मिक कार्यों में मन लगाने की सलाह दी जाती है.

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सिर को छूकर निकलना या बीट कर देना
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय के अनुसार यदि कौवा किसी व्यक्ति के सिर को छूकर उड़ जाए या उसके ऊपर बीट कर दे, तो इसे भी सावधानी का संकेत माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार यह आर्थिक नुकसान, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या किसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति का संकेत हो सकता है. ऐसे में जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना बेहतर माना जाता है.

कौवे के ये संकेत माने जाते हैं शुभ
अगर सुबह के समय घर की मुंडेर, बालकनी या आंगन में कौवा आकर आवाज करता है, तो शकुन शास्त्र में इसे अतिथि आगमन का संकेत माना गया है. पुराने समय में इसे शुभ समाचार मिलने या किसी प्रिय व्यक्ति के आने की सूचना भी माना जाता था.

रोटी लेकर उड़ता हुआ कौवा दिखना
यदि कौवा अपनी चोंच में रोटी या भोजन का टुकड़ा लेकर उड़ता दिखाई दे, तो यह शुभ संकेत माना जाता है. मान्यता है कि यह रुके हुए कार्य पूरे होने, मनोकामना पूर्ण होने या जीवन में सकारात्मक बदलाव आने का संकेत हो सकता है.

कौवे को पानी पीते देखना
शकुन शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को कौवा शांत भाव से पानी पीता दिखाई दे, तो इसे धन लाभ और आर्थिक स्थिति मजबूत होने का संकेत माना जाता है. कई ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे नए अवसर मिलने का भी प्रतीक बताया गया है.

क्या हर संकेत पर विश्वास करना जरूरी है?
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि शकुन शास्त्र में बताए गए संकेत केवल संभावनाओं की ओर इशारा करते हैं. इन्हें जीवन का अंतिम सत्य नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी शुभ या अशुभ संकेत के आधार पर घबराने के बजाय सकारात्मक सोच, अच्छे कर्म और ईश्वर में विश्वास बनाए रखना अधिक महत्वपूर्ण माना गया है. धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए विवेकपूर्ण निर्णय लेना ही सबसे बेहतर तरीका है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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