आषाढ़ अमावस्या कब है? जानें तारीख, मुहूर्त, स्नान-दान समय, हलहारिणी अमावस्या महत्व

आषाढ़ अमावस्या कब है? जानें तारीख, मुहूर्त, स्नान-दान समय, हलहारिणी अमावस्या महत्व

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आषाढ़ अमावस्या कब है? जानें हलहारिणी अमावस्या तारीख, मुहूर्त, स्नान-दान समय

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Ashadha Amavasya kab hai 2026 Date: आषाढ़ अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या भी कहा जाता है, इसका संबंध किसानों से है. पंचांग के अनुसार, हर साल आषाढ़ कृष्ण अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या मनाते हैं. आषाढ़ अमावस्या के दिन स्नान, दान, तर्पण करते हैं और पितृ दोष मुक्ति के ​लिए उपाय करते हैं. जानें आषाढ़ अमावस्या की तारीख और शुभ मुहूर्त के बारे में.

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आषाढ़ अमावस्या 2026 तारीख और मुहूर्त. (Photo: AI)

Ashadha Amavasya kab hai 2026 Date: आज 30 जून मंगलवार से आषाढ़ माह का शुभारंभ हुआ है. आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या ति​थि को आषाढ़ अमावस्या मनाई जाती है. इस दिन स्नान, दान, तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान आदि करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. पाप मिटते हैं और पितृ दोष भी शांत होता है. आषाढ़ अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या भी कहते हैं, इसका विशेष संंबंध किसानों से है. आइए जानते हैं कि आषाढ़ अमावस्या कब है? आषाढ़ अमावस्या का मुहूर्त, स्नान और दान का समय क्या है?

आषाढ़ अमावस्या 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण अमावस्या तिथि का प्रारंभ 13 जुलाई दिन सोमवार को शाम 6 बजकर 49 मिनट पर होना है. यह तिथि अगले दिन 14 जुलाई मंगलवार को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट तक रहेगी. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर आषाढ़ अमावस्या 14 जुलाई मंगलवार को है. उस दिन ही स्नान, दान, तर्पण, श्राद्ध आदि किया जाएगा.

आषाढ़ अमावस्या 2026 मुहूर्त

आषाढ़ अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:11 ए एम से लेकर 04:52 ए एम तक है. उस दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 59 ए एम तक से लेकर दोपहर में 12 बजकर 55 मिनट तक है. निशिता मुहूर्त देर रात 12 बजकर 07 ए एम से लेकर 12 बजकर 48 ए एम तक है. लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक है, वहीं अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से दोपहर 2 बजकर 10 मिनट तक है.

आषाढ़ अमावस्या 2026 स्नान-दान का समय

किसी भी व्रत-त्योहार पर या दिन स्नान के लिए सबसे उत्तम समय ब्रह्म मुहूर्त होता है. आषाढ़ अमावस्या पर आप ब्रह्म मुहूर्त में स्नान न कर पाएं तो सूर्योदय 05:33 ए एम के बाद भी स्नान कर सकते हैं. नदी स्नान कर पाएं तो ठीक है, नहीं तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें. स्नान के बाद ही दान करें. लाभ-उन्नति मुहूर्त में भी आषाढ़ अमावस्या का स्नान और दान करके पुण्य लाभ पा सकते हैं.

आषाढ़ अमावस्या पर तर्पण और श्राद्ध कब करें?

आषाढ़ अमावस्या के दिन आप जब स्नान कर लें, तो उसके बाद ही अपने पितरों के लिए तर्पण करें. तर्पण करने से पितर तृप्त होते हैं और आशीर्वाद देते हैं. आषाढ़ अमावस्या पर पितरों का श्राद्ध 11 बजकर 30 एएम से लेकर दोपहर 2 बजकर 30 मिनट के बीच कर सकते हैं.

आषाढ़ अमावस्या पर कौन से योग बनेंगे?

आषाढ़ अमावस्या के दिन व्याघात 11:57 ए एम तक है, उसके बाद से हर्षण योग बनेगा. वहीं पुनर्वसु नक्षत्र प्रात:काल से लेकर 15 जुलाई को 12:09 ए एम तक है, उसके बाद से पुष्य नक्षत्र होगा.

आषाढ़ अमावस्या को क्यों कहते हैं हलहारिणी अमावस्या?

आषाढ़ अमावस्या के दिन किसान अपने हल, अन्य कृषि उपकरण और धरती माता की पूजा करते हैं और अच्छी फसल के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं. आषाढ़ से वर्षा की शुरूआत होती है और किसान खेतों की जुताई प्रारंभ करते हैं. इस वजह से आषाढ़ अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या कहते हैं.

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कार्तिकेय तिवारीDeputy News Editor

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें

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