शुक्रवार को माता लक्ष्मी को क्यों लगाया जाता है खीर का भोग? इन नियमों का रखें खास ध्यान, ज
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Maa Lakshmi Kheer Prasad: शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित है और इस दिन उन्हें खीर का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खीर माता लक्ष्मी को प्रिय है और इसे अर्पित करने से वे प्रसन्न होती हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है. इस विशेष भोग को लगाने के कुछ खास नियम हैं जिनका पालन करना आवश्यक है. आइए जानते हैं शुक्रवार को माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाने का धार्मिक महत्व और इससे जुड़े महत्वपूर्ण नियम…
Shukrawar Ko Kheer Ka Bhog: सनातन धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी ना किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है. शुक्रवार का दिन विशेष रूप से धन, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की अधिष्ठात्री माता लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ माना जाता है. इस दिन कई श्रद्धालु विधि-विधान से माता लक्ष्मी की आराधना करते हैं और उन्हें खीर का भोग अर्पित करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार को खीर का भोग लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास होता है. साथ ही कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है. आइए जानते हैं कि शुक्रवार को खीर का भोग क्यों लगाया जाता है और इसका शुक्र ग्रह से क्या संबंध माना गया है.
शुक्रवार और माता लक्ष्मी का संबंध
ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार का स्वामी शुक्र ग्रह माना गया है. शुक्र को वैभव, सौंदर्य, भौतिक सुख, दांपत्य जीवन, कला और विलासिता का कारक ग्रह बताया गया है. वहीं माता लक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य, वैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है. इसी कारण धार्मिक मान्यताओं में शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा और शुक्र ग्रह की शुभता के बीच विशेष संबंध माना गया है. मान्यता है कि अगर शुक्रवार के दिन श्रद्धापूर्वक माता लक्ष्मी की आराधना की जाए और सात्विक भोग अर्पित किया जाए, तो व्यक्ति को आर्थिक उन्नति और पारिवारिक सुख का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है.
माता लक्ष्मी को खीर का भोग क्यों लगाया जाता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खीर दूध, चावल और चीनी से बनाई जाती है. इन तीनों को सात्विक और शुभ पदार्थ माना गया है. दूध पवित्रता का, चावल समृद्धि का और चीनी जीवन में मधुरता का प्रतीक मानी जाती है. इसलिए खीर का भोग माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय माना जाता है. मान्यता है कि शुक्रवार को श्रद्धा और शुद्ध मन से बनाई गई खीर का भोग अर्पित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और धन-धान्य की वृद्धि की कामना की जाती है.
शुक्र ग्रह से क्या है संबंध?
ज्योतिष के अनुसार, सफेद रंग और दूध से बनी वस्तुओं का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है. खीर का मुख्य घटक दूध है, इसलिए इसे शुक्र ग्रह से जुड़ा सात्विक भोग माना जाता है. मान्यता है कि शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी को खीर अर्पित कर उसका प्रसाद ग्रहण करने से शुक्र ग्रह की शुभता में वृद्धि होती है और जीवन में सुख-सुविधाओं के मार्ग प्रशस्त हो सकते हैं. हालांकि ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ग्रहों का प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली पर भी निर्भर करता है, इसलिए किसी भी विशेष उपाय को अपनाने से पहले योग्य विद्वान से परामर्श लेना उचित रहता है.
खीर का भोग लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान
- खीर हमेशा स्वच्छता और सात्विक भाव से तैयार करें.
- भोग लगाने से पहले माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें.
- खीर में तामसिक सामग्री का प्रयोग न करें.
- भोग अर्पित करने के बाद उसे परिवार और जरूरतमंद लोगों में प्रसाद के रूप में बांटना शुभ माना जाता है.
- पूजा के दौरान मन में श्रद्धा, विनम्रता और सकारात्मक भाव बनाए रखें.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार को माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि समर्पण, कृतज्ञता और समृद्धि की कामना का प्रतीक माना जाता है. श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा को ही सबसे अधिक फलदायी बताया गया है.
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पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें


