बजरंग बाण कब पढ़ना चाहिए? जानें इसके नियम, सही विधि और होने वाले 5 बड़े फायदे
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Bajrang Baan: बजरंग बाण का पाठ हनुमान जी की कृपा प्राप्ति के लिए किया जाता है. लेकिन यह पाठ प्रतिदिन नहीं करते हैं. इससे विशेष परिस्थितियों में ही पढ़ने की अनुमति है. आइए जानते हैं बजरंग बाण पढ़ने की सही विधि, नियम और फायदे.
बजरंग बाण पढ़ने के नियम और सही विधि.
Bajrang Baan: बजरंग बाण की रचना तुलसीदास जी ने की थी. संकट की घड़ी में हनुमान जी की कृपा प्राप्ति के लिए बजरंग बाण का पाठ करते हैं. बजरंग बाण में हनुमान जी को प्रभु राम की शपथ देते हैं कि वो हमारे कार्य का पूर्ण करें. इस वजह से कई लोग बजरंग बाण नहीं पढ़ने की सलाह देते हैं, तो कुछ लोग अत्यंत आवश्यकता पड़ने या प्राणों पर संकट होने पर ही बजरंग बाण पढ़ने का सुझाव देते हैं. आइए जानते हैं कि बजरंग बाण कब पढ़ना चाहिए? बजरंग बाण पढ़ने की सही विधि और नियम क्या हैं? बजरंग बाण पढ़ने से क्या होता है?
बजरंग बाण कब पढ़ना शुभ माना जाता है?
बजरंग बाण का पाठ कोई मुसीबत आने पर ही पढ़ना शुभ फलदायी माना जाता है, इसे प्रतिदिन नहीं पढ़ना चाहिए. विशेषकर शनिवार और मंगलवार के दिन ही बजरंग बाण का पाठ करें, इससे हनुमान जी की कृपा होगी. आपके कष्ट दूर होंगे. बजरंग बाण का पाठ असाध्य रोगों से मुक्ति और शत्रुओं पर जीत के लिए करना चाहिए.
बजरंग बाण पढ़ने का समय
बजरंग बाण का पाठ सूर्योदय के समय या शाम को करना चाहिए. हनुमान जी के समक्ष दीप जलाएं, फिर आसन पर बैठकर इसका पाठ करना चाहिए.
बजरंग बाण पढ़ने के नियम और सही विधि
- जब आपको बजरंग बाण का पाठ करना है तो उससे पहले हाथ में जल और लाल फूल लेकर बजरंग बाण पाठ का संकल्प लें. इसमें आपको बजरंग बाण पाठ का उद्देश्य और कितना पाठ करना है, कितने दिन करना है, यह सब बताना चाहिए.
- बजरंग बाण का पाठ करने से पूर्व प्रभु राम और माता सीता के नाम का स्मरण करें. इससे हनुमान जी बहुत प्रसन्न होते हैं.
- जिस दिन से बजरंग बाण का पाठ करना है, उससे एक दिन पूर्व से सात्विक भोजन करें. मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज आदि का सेवन न करें.
- जितने दिन आपको बजरंग बाण का पाठ करना है, उतने दिन तक ब्रह्मचर्य के कठोर नियमों का पालन करना होगा. मन, कर्म और वचन से शुद्ध होकर पाठ करें.
- बजरंग बाण का पाठ करते समय इसकी चौपाइयों का उच्चारण साफ और स्पष्ट तरीक से करें. हड़बड़ी या क्रोध में इस पाठ को नहीं करना चाहिए.
- पाठ प्रारंभ करने से पूर्व एक दीपक हनुमान जी के लिए जलाएं. कुशा या ऊन के आसन पर बैठकर बजरंग बाण का पाठ करें. दीपक के लिए गाय के घी या तेल का उपयोग कर सकते हैं.
बजरंग बाण पढ़ने से क्या फायदे मिलते हैं?
- बजरंग बाण का पाठ करने से भय और नकारात्मकता का नाश होता है. तंत्र-मंत्र का दुष्प्रभाव मिटता है.
- बजरंग बाण पढ़ने से कार्यों में आने वाली परेशानियां और बाधाएं दूर होती हैं. जीवन के संकट दूर होते हैं.
- शत्रुओं पर विजय पाने के लिए भी बजरंग बाण का पाठ करते हैं. बजरंग बाण पढ़ने से साहस, शक्ति और पराक्रम में वृद्धि होती है.
- मंगल, शनि, राहु या केतु के दुष्प्रभावों को मिटाने के लिए भी बजरंग बाण का पाठ किया जाता है. साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से मुक्ति में भी यह पाठ कारगर होता है.
- असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए भी बजरंग बाण का पाठ किया जाता है.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


