काम आप करोगे, फायदा किसी और को होगा…दिनभर लटका रहेगा मुंह, मिथुन राशि में आज योग ऐसा
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Aaj ka mithun rashifal : मिथुन राशि के जातकों को आज अपने व्यवहार और निर्णयों में थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है. आज के पंचांग में ‘परिध योग’ का निर्माण हो रहा है. ज्योतिषाचार्य संजय बताते हैं कि इस योग को अशुभ श्रेणी में रखा जाता है. मान्यता है कि इस योग के प्रभाव में आने वाले या इसमें जन्मे जातकों का धन और भाग्य अक्सर दूसरों के हिस्से में चला जाता है. धन के मामले में आज का दिन ‘रुको और इंतजार करो’ की नीति अपनाने का है. मिथुन राशि के जातकों को आज के दिन बेहद कूटनीतिक और व्यावहारिक बनकर रहने की जरूरत है.
देहरादून. आज 24 जून यानी बुधवार का दिन है, जो मिथुन राशि के जातकों के लिए मिलाजुला प्रभाव लेकर आया है. आज के पंचांग में ‘परिध योग’ का निर्माण हो रहा है जो ज्योतिषशास्त्र में एक विशेष स्थान रखता है. देहरादून के ज्योतिषाचार्य संजय लोकल 18 से बताते हैं कि चूंकि पंचांग के पांच मुख्य अंगों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण है. इनमें से योग एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसके प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. मिथुन राशि के जातकों को आज के दिन अपने व्यवहार और निर्णयों में थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत होगी. ज्योतिषाचार्य संजय बताते हैं कि नाम के अनुसार ही ‘परिध’ का शाब्दिक अर्थ सीमा से बाहर होता है और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस योग को अशुभ श्रेणी में रखा जाता है.
इस योग की एक खास विशेषता यह है कि इसमें व्यक्ति स्वयं से ज्यादा दूसरों के लिए भाग्यशाली साबित होता है. मान्यता है कि इस योग के प्रभाव में आने वाले या इसमें जन्मे जातकों का धन और भाग्य अक्सर दूसरों के हिस्से में चला जाता है. यहां तक कि वैवाहिक जीवन और संबंधों में भी इसके नकारात्मक असर देखे जा सकते हैं, जिसके कारण इस योग में मिलने वाले परिणाम अमूमन प्रतिकूल ही रहते हैं.
निवेश से दूरी बनाना ही समझदारी
ग्रहों की चाल बनेगी आफत
आज बुधवार का दिन है जो कि बुध ग्रह का दिन माना जाता है. अमूमन बुध और शुक्र आपस में परम मित्र होते हैं लेकिन वर्तमान में ग्रहों की स्थिति कुछ अलग इशारा कर रही है. जब बुध ग्रह, बृहस्पति के साथ युति में होता है तो कई बार इसकी प्रकृति षड्यंत्रकारी या भ्रम पैदा करने वाली हो जाती है. यही कारण है कि मिथुन राशि के जातकों को आज के दिन बेहद कूटनीतिक और व्यावहारिक बनकर रहने की जरूरत है. अपने मन की बात हर किसी से साझा न करें और परिस्थितियों को भांपकर ही प्रतिक्रिया दें.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें


