घर के मुख्य दरवाजे की चरमराहट हो सकती है अशुभ संकेत, जानें वास्तु उपाय

घर के मुख्य दरवाजे की चरमराहट हो सकती है अशुभ संकेत, जानें वास्तु उपाय

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घर का मुख्य दरवाजा अगर खोलते या बंद करते समय चरमराने लगे तो इसे नजरअंदाज न करें. वास्तु शास्त्र के अनुसार मुख्य द्वार घर में सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी के आगमन का मार्ग माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक दरवाजे से आने वाली आवाज आर्थिक परेशानियों और तनाव का संकेत मानी जाती है. इसलिए समय-समय पर कब्जों में तेल डालें.

फरीदाबाद: घर का मुख्य दरवाजा सिर्फ आने-जाने का रास्ता नहीं माना जाता, बल्कि वास्तु शास्त्र में इसे घर की सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि के प्रवेश द्वार के रूप में देखा जाता है. कई बार लोग दरवाजा खोलते या बंद करते समय आने वाली चरमराहट की आवाज को सामान्य बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं… लेकिन वास्तु के जानकार इसे शुभ संकेत नहीं मानते. उनका कहना है कि ऐसी छोटी-छोटी बातें भी घर के माहौल और ऊर्जा को प्रभावित कर सकती हैं.

दरवाजे की चरमराहट है अशुभ

Local18 से बातचीत में महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं घर का मुख्य दरवाजा खोलते या बंद करते समय आवाज करना वास्तु के अनुसार अच्छा संकेत नहीं माना जाता. महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं मुख्य द्वार को माता लक्ष्मी के आगमन का मार्ग माना गया है. ऐसे में यदि दरवाजा चरमराता है या तेज आवाज करता है तो यह नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना जाता है. इससे घर में आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं और परिवार के सदस्यों के बीच तनाव भी पैदा हो सकता है.

महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं दरवाजा हमेशा सहज और शांत तरीके से खुलना और बंद होना चाहिए. दरवाजे के कब्जों में समय-समय पर तेल डालते रहना चाहिए ताकि कोई आवाज न आए. सिर्फ मुख्य दरवाजा ही नहीं…घर के अंदर मौजूद अन्य दरवाजों और उनकी कुंडियों से भी आवाज नहीं आनी चाहिए.बार-बार आने वाली चरमराहट की आवाज को वास्तु में अशुभ माना गया है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

दरवाजे पर स्वस्तिक का चिन्ह बनाना शुभ

महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं मुख्य द्वार को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाए रखना भी बहुत जरूरी है. मुख्य दरवाजे के दोनों ओर स्वस्तिक का चिन्ह बनाना शुभ माना जाता है. इसके अलावा सिंदूर से शुभ-लाभ और रिद्धि-सिद्धि लिखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं मुख्य द्वार पर भगवान गणेश की तस्वीर लगाने से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

घर के प्रवेश द्वार के दोनों तरफ कलश रखना भी शुभ

महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं घर के प्रवेश द्वार के दोनों तरफ कलश रखना भी शुभ माना गया है. सुबह उठने के बाद सबसे पहले मुख्य दरवाजे के आसपास सफाई करनी चाहिए. पहले झाड़ू लगाएं और उसके बाद पानी से धुलाई करें. महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं मुख्य द्वार पर एक लोटा स्वच्छ जल डालने से भी घर का वातावरण पवित्र माना जाता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है.

घर के आंगन में लगाएं तुलसी

महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं घर के आंगन या किसी पवित्र स्थान पर तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए. तुलसी को माता लक्ष्मी का प्रिय पौधा माना जाता है. महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि यदि इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए तो घर में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है. इसलिए अगर आपके घर का कोई भी दरवाजा आवाज करता है तो उसे जल्द ठीक करवा लेना बेहतर माना जाता है.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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