Shukrawar Vrat Udyapan: शुक्रवार व्रत का उद्यापन कैसे करें? जानें सही विधि, पूजा सामग्री

Shukrawar Vrat Udyapan: शुक्रवार व्रत का उद्यापन कैसे करें? जानें सही विधि, पूजा सामग्री

होमताजा खबरधर्म

शुक्रवार व्रत उद्यापन कैसे करें? जानें विधि, पूजा सामग्री, समय, क्यों है जरूरी

Last Updated:

Shukrawar Vrat Udyapan: शुक्रवार के वैभव लक्ष्मी का व्रत रखते हैं. इसका उद्देश्य माता लक्ष्मी की कृपा, धन, दौलत, वैभव पाना है. यह व्रत 11 या 21 बार रखते हैं. अंतिम व्रत पर उद्यापन करते हैं, तभी व्रत पूरा होता है. आइए जानते हैं शुक्रवार व्रत उद्यापन की सही विधि.

Zoom

शुक्रवार व्रत उद्यापन विधि. (Photo: AI)

Shukrawar Vrat Udyapan: शुक्रवार का व्रत माता लक्ष्मी के लिए रखा जाता है. इस दिन लोग धन और वैभव की प्राप्ति के लिए वैभव लक्ष्मी का व्रत रखते हैं. यह व्रत कम से कम 11 शुक्रवार या फिर 21 शुक्रवार रखा जाता है. व्रत को पहले शुक्रवार से शुरू करके 11वें या 21वें शुक्रवार को यानि अंतिम शुक्रवार को व्रत का उद्यापन किया जाता है. आइए जानते हैं शुक्रवार व्रत उद्यापन की विधि के बारे में.

शुक्रवार व्रत का उद्यापन कैसे करें?

माता लक्ष्मी के शुक्रवार व्रत का उद्यापन करने के लिए पूजा सामग्री का प्रबंध कर लें. जिसमें सुहाग की सामग्री जैसे कुमकुम, मेहंदी, चूड़ियां, बिंदी, साड़ी आदि हों, खीर, वैभव लक्ष्मी व्रत की 7, 11 या 21 पुस्तकें, फूल, माला, फल, अक्षत्, शंख आदि.

शुक्रवार व्रत उद्यापन विधि

शुक्रवार को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में माता लक्ष्मी की मूर्ति की स्थापना एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर करें. उस पर वैभव लक्ष्मी यंत्र की भी स्थापना करें. फिर अक्षत्, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य आदि से पूजा करें. सोने या चांदी का सिक्का या फिर कोई एक आभूषण रखकर उस पर चंदन, कुमकुम और अक्षत लगाएं. इसके बाद आप वैभव लक्ष्मी माता की कथा पढ़ें. माता लक्ष्मी को चावल या फिर मखाने की खीर का भोग लगाएं. पूजा का समापन आरती से करें. व्रत और पूजा में हुई कमियों के लिए क्षमा प्रार्थना कर लें.

शुक्रवार व्रत उद्यापन में 7, 11 या 21 सुहागन महिलाओं को आमंत्रित करें. पूजा खत्म होने के बाद उनको प्रसाद दें. खीर-पूड़ी का भोजन कराएं और उपहार दें. इसमें आप सुहाग की सामग्री दे सकते हैं. इसके बाद उन महिलाओं को कुमकुम का तिलक लगाएं. वैभव लक्ष्मी व्रत की पुस्तक भी उपहार में दें. इससे माता लक्ष्मी की कृपा उन पर भी होगी और आपका व्रत पूर्ण होगा. प्रसाद ग्रहण करके आप भी व्रत को पूरा करें.

व्रत का उद्यापन क्यों है जरूरी?

जब आप शुक्रवार का व्रत रखते हैं तो उसका कोई उद्देश्य होता है. उसके लिए आप 7, 11 या 21 व्रत का संकल्प करते हैं. जब आप उतने व्रत कर लेते हैं तो उसका उद्यापन करते हैं, इससे उस व्रत का उद्देश्य पूर्ण हो जाता है. बिना उद्यापन के व्रत अधूरा माना जाता है.

About the Author

authorimg

कार्तिकेय तिवारीDeputy News Editor

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें

Source link

You May Have Missed