सोमवार से रविवार तक क्या न करें? कर्ज, यात्रा, खरीदारी और विदाई…किस दिन कौनसा काम करें
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Weekly Astrology Rules: भारतीय ज्योतिष में सप्ताह के सातों दिनों का संबंध अलग-अलग ग्रहों और देवी-देवताओं से माना जाता है. यही वजह है कि हर दिन के लिए कुछ खास नियम और मान्यताएं बनाई गई हैं. कई लोग आज भी किसी बड़े काम, यात्रा, खरीदारी या आर्थिक फैसले से पहले दिन और ग्रह की स्थिति को ध्यान में रखते हैं. माना जाता है कि अगर दिन के स्वामी ग्रह के अनुसार काम किया जाए तो सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है, जबकि कुछ कार्य ऐसे भी हैं जिन्हें करने से बचने की सलाह दी जाती है.
सप्ताह के सातों दिनों का ज्योतिषीय महत्व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवार से रविवार तक हर दिन किसी न किसी ग्रह के प्रभाव में रहता है. इन ग्रहों की ऊर्जा का असर व्यक्ति के जीवन, निर्णयों और दैनिक गतिविधियों पर पड़ता है. यही कारण है कि परंपराओं में कुछ कामों को शुभ और कुछ को अशुभ माना गया है.

1. सोमवार: दक्षिण दिशा की यात्रा से करें परहेज चंद्रमा और भगवान शिव का दिन सोमवार को चंद्रमा और भगवान शिव का दिन माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यता है कि इस दिन दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए. कहा जाता है कि इससे काम में रुकावटें आ सकती हैं या यात्रा अपेक्षा के अनुसार सफल नहीं हो पाती. ग्रामीण इलाकों में आज भी कई लोग महत्वपूर्ण यात्रा शुरू करने से पहले दिशा और दिन का विचार करते हैं. खासकर धार्मिक या पारिवारिक कार्यों में यह परंपरा अधिक देखने को मिलती है.

2. मंगलवार: कर्ज और बाल कटवाने से बचें मंगल ग्रह का प्रभाव मंगलवार मंगल ग्रह और भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार इस दिन ऋण लेने, उधार मांगने या नया कर्ज शुरू करने से बचना चाहिए. मान्यता है कि मंगलवार को लिया गया कर्ज लंबे समय तक बना रह सकता है. इसके अलावा बाल और नाखून काटने को भी शुभ नहीं माना जाता. कई परिवारों में आज भी इस नियम का पालन किया जाता है.
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3. बुधवार: उत्तर दिशा की यात्रा से बचने की सलाह बुध ग्रह का दिन बुधवार बुद्धि, व्यापार और संवाद के कारक बुध ग्रह का दिन माना जाता है. पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन उत्तर दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए. इसके साथ ही बेटियों की विदाई भी इस दिन टालने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि ऐसा करने से परिवार में सुख और सामंजस्य बना रहता है.

4. गुरुवार: समृद्धि से जुड़ा दिन बृहस्पति और भगवान विष्णु की कृपा गुरुवार को गुरु ग्रह और भगवान विष्णु का दिन माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं में इस दिन सिर धोना, भारी कपड़ों की धुलाई करना या घर से कबाड़ बाहर निकालना उचित नहीं माना जाता. कहा जाता है कि गुरु ग्रह ज्ञान, धन और सम्मान का प्रतिनिधित्व करता है. इसलिए इस दिन घर की सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाता है.

5. शुक्रवार: धन संबंधी मामलों में बरतें सावधानी माता लक्ष्मी का प्रिय दिन शुक्रवार का संबंध शुक्र ग्रह और माता लक्ष्मी से माना जाता है. इस दिन किसी को धन उधार देने या बड़ी रकम बाहर भेजने से बचने की सलाह दी जाती है. ज्योतिषीय दृष्टि से माना जाता है कि ऐसा करने से आर्थिक संतुलन प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा पश्चिम दिशा की यात्रा भी इस दिन कम शुभ मानी जाती है.

6. शनिवार: खरीदारी में रखें विशेष ध्यान शनि देव का प्रभाव शनिवार शनि देव को समर्पित दिन माना जाता है. इस दिन लोहा, तेल, नमक और कोयला जैसी वस्तुएं खरीदकर घर लाना कई परंपराओं में अशुभ माना गया है. हालांकि आधुनिक जीवन में हर व्यक्ति इन नियमों का पालन नहीं कर पाता, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में इनका विशेष महत्व बना हुआ है.

7. रविवार: सूर्य देव से जुड़ी मान्यताएं रविवार सूर्य देव का दिन माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दिन तांबे की वस्तुओं की बिक्री और पश्चिम दिशा की यात्रा से बचना चाहिए. सूर्य को आत्मबल, प्रतिष्ठा और नेतृत्व का कारक माना गया है. इसलिए इस दिन सकारात्मक कार्यों, पूजा-पाठ और आत्मविश्वास बढ़ाने वाले प्रयासों पर जोर दिया जाता है.

क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य? ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि ये नियम पूरी तरह आस्था और परंपरा पर आधारित हैं. इन्हें जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और ग्रहों के प्रति श्रद्धा बनाए रखने के उद्देश्य से अपनाया गया था. कई लोग इन्हें मानते हैं, जबकि कई लोग इन्हें केवल सांस्कृतिक परंपरा के रूप में देखते हैं.


