Guru Gochar 2026: 12 साल बाद कर्क में गुरु का गोचर, 5 माह के लिए मीन समेत 6 राशियों की हर

Guru Gochar 2026: 12 साल बाद कर्क में गुरु का गोचर, 5 माह के लिए मीन समेत 6 राशियों की हर

Jupiter Transit In Cancer: गुरु ग्रह 2 जून दिन मंगलवार को कर्क राशि में गोचर करने जा रहे हैं. गुरु ग्रह सुबह 1 बजकर 47 मिनट पर गोचर करेंगे और 31 अक्टूबर 2026 तक इसी राशि में रहेंगे. इसके बाद गुरु सिंह राशि में गोचर करेंगे और 24 जनवरी 2027 तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बृहस्पति एक राशि में लगभग 12 से 13 महीने तक रहते हैं, लेकिन फिलहाल गुरु ग्रह इस अवधि में अतिकारी अवस्था में है, इसलिए यह कर्क राशि का गोचर केवल पांच महीनों में पूरा कर रहे हैं, जो यह दर्शा रहा है कि गुरु ग्रह इस समय फास्ट फॉरवर्ड मोड में है. गुरु ग्रह चंद्रमा की राशि में जा रहे हैं, जो राशि चक्र की चौथी राशि है और जल तत्व की राशि है. गुरु गोचर का शुभ प्रभाव मेष, कन्या समेत 6 राशियों पर रहने वाला है, इन राशियों की पर्सनल व प्रफेशनल लाइफ में कई सकारात्मक बदलाव होंगे. आइए जानते हैं गुरु गोचर के शुभ प्रभाव का किन किन राशियों को लाभ मिलेगा.

गुरु गोचर का मेष राशि पर प्रभाव

गुरु ग्रह का गोचर मेष राशि वालों के लिए बहुत ही फलदायी रहने वाला है. गुरु ग्रह आपकी राशि के नवम और द्वादश भाव के स्वामी हैं और चौथे भाव में उच्च के हो रहे हैं, इसलिए आपकी परेशानियां धीरे धीरे कम होती जाएंगी और भाग्य में वृद्धि भी होगी. चूंकि आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव बना हुआ है इसलिए उसके अशुभ प्रभाव में भी कमी आएगी. गुरु का गोचर की वजह से परिवार में चल रही परेशानियां कम होती जाएंगी और माता-पिता के साथ आपके संबंध अधिक मजबूत होते जाएंगे. आपके यहां घर की मरम्मत का कार्य शुरू हो सकता है या फिर नया घर, गाड़ी व संपत्ति खरीदने का मन बना रहे हो तो यह समय आपके लिए अनुकूल है. गुरु के शुभ प्रभाव से आपकी कई इच्छाएं पूरी होती जाएंगी.

गुरु गोचर का मिथुन राशि पर प्रभाव

मिथुन राशि वालों के लिए गुरु ग्रह सप्तम और दशम भाव के स्वामी हैं और उनके उच्च में होने से आपकी प्रोफेशनल लाइफ और किसी भी तरह की कानूनी साझेदारी के लिए फायदेमंद रहेगा. लेकिन बृहस्पति का यह उच्च का गोचर आपके दूसरे भाव में हो रहा है, जिससे आपकी वाणी में बदलाव आएगा. आप बोलने में आनंद महसूस करेंगे और बातूनी भी हो सकते हैं. आपकी बातों से कइयों को अच्छी जानकारी भी मिलेगी. धर्म-कर्म के कार्यों में जिज्ञासा बढ़ेगी और अधिकमास में किसी धार्मिक यात्रा पर भी जा सकते हैं.

गुरु गोचर का कर्क राशि पर प्रभाव

कर्क राशि वालों के लिए गुरु ग्रह छठे और नवम भाव के स्वामी हैं, इसलिए उनके उच्च का गोचर आपके जीवन में भाग्य लेकर आएगा. हालांकि बृहस्पति आपके छठे भाव के स्वामी भी हैं, जो कर्ज, बीमारी और प्रतिस्पर्धा ला सकते हैं. लेकिन लग्न में उच्च के बृहस्पति की उपस्थिति इतनी शुभ मानी जाती है कि यह कुंडली के सवा लाख दोषों का नाश कर देती है. इसलिए यह गोचर आपको भावनाओं पर बेहतरीन नियंत्रण और संतुलन देगा. आप एक शानदार आध्यात्मिक शिक्षक या गुरु बन सकते हैं. साथ ही आप जीवन में खुशी, संतोष और समृद्धि का अनुभव करेंगे और धार्मिक कार्यों में मन लगेगा.

गुरु गोचर का कन्या राशि पर प्रभाव

कन्या राशि वालों के लिए बृहस्पति चौथे और सप्तम भाव के स्वामी हैं और उनका उच्च का होना आपको सुखी वैवाहिक जीवन और शांतिपूर्ण घरेलू वातावरण का आशीर्वाद देगा. बृहस्पति ग्रह आपके 11वें भाव से गुजर रहे हैं, जिससे आप अधिकारियों या सरकारी प्रतिनिधियों जैसे महत्वपूर्ण लोगों से मिल सकते हैं. इन मुलाकातों से आपको ऐसे संपर्क बनेंगे, जिनसे धन लाभ हो सकता है और भविष्य में अच्छी मदद भी मिलेगी. आपके कार्यक्षेत्र के संपर्क और निजी मित्र बढ़ेंगे और आप दूसरों के साथ अधिक समय बिताएंगे. गुरु ग्रह के प्रभाव से आपके निवेश बढ़ेंगे और पुराने निवेश से बड़ा लाभ या प्रोफेशनल इनाम जैसे वेतन वृद्धि, बोनस या प्रमोशन मिल सकता है. गुरु ग्रह के शुभ प्रभाव से कन्या राशि वालों की कई इच्छाएं और लक्ष्य पूरे हो सकते हैं.

गुरु गोचर का वृश्चिक राशि पर प्रभाव

गुरु ग्रह वृश्चिक राशि वालों के लिए दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं और उनका उच्च का होना वृश्चिक छात्रों की शैक्षणिक प्रगति के लिए लाभकारी रहेगा. साथ ही आपकी संपत्ति में भी वृद्धि हो सकती है और परिवार के सदस्यों के साथ संबंध अच्छे रहेंगे. वृश्चिक राशि वालों को उच्च शिक्षा के नए अवसर भी मिल सकते हैं. आपको मार्गदर्शन के लिए किसी गुरु का साथ मिल सकता है या आप शिक्षा के सिलसिले में विदेशी कॉलेज में एडमिशन भी मिल सकता है. इस गोचर के दौरान आपके पिता का जीवन भी समृद्ध होगा और आपको उनका बिना शर्त प्यार और समर्थन मिलेगा. साथ ही आप धर्म और धार्मिक गतिविधियों की ओर आकर्षित होंगे और अधिकमास में तीर्थ यात्रा की योजना भी बना सकते हैं.

गुरु गोचर का मीन राशि पर प्रभाव

मीन राशि वालों के लिए लग्नेश और दशम भाव के स्वामी बृहस्पति का उच्च का होना आपके लिए बहुत ही शुभ रहेगा, खासकर उन लोगों के लिए जो शिक्षक, प्रोफेसर, काउंसलर या सलाहकार के रूप में काम कर रहे हैं, क्योंकि यह आपके जीवन में ज्ञान और समृद्धि लाएगा. मीन राशि के छात्रों को अपने गुरु, शिक्षक और मेंटर से प्यार और समर्थन मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई में सुधार होगा. मीन राशि के जिन लोगों की लव लाइफ में समस्याएं चल रही हैं तो वे अवधि में इन्हें सुलझा पाएंगे और रिलेशन के बारे में किसी घरवालों को जानकारी भी दे सकते हैं. जो मीन राशि के जातक संतान प्राप्ति में कठिनाई का सामना कर रहे थे, उन्हें भी शुभ समाचार मिल सकता है.

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