2 शुभ योग में अधिकमास पूर्णिमा व्रत, जानें लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, चंद्रोदय
2 शुभ योग में अधिकमास पूर्णिमा व्रत, जानें लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, चंद्रोदय
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Adhik Maas Purnima Vrat 2026 Muhurat: इस साल अधिकमास पूर्णिमा का व्रत 2 शुभ योग में है. इस व्रत में सुबह सत्यनारायण भगवान की पूजा करते हैं, प्रदोष काल में माता लक्ष्मी और रात में चंद्रमा की पूजा करके अर्घ्य देते हैं. अधिकमास पूर्णिमा व्रत के अगले दिन अधिकमास पूर्णिमा का स्नान और दान होगा.
अधिकमास पूर्णिमा व्रत 2026 मुहूर्त और लक्ष्मी पूजा समय. (Photo: AI)
Adhik Maas Purnima Vrat 2026 Muhurat: अधिकमास का पूर्णिमा व्रत 30 मई शनिवार को है. इस दिन दो शुभ योग बन रहे हैं, जिसमें व्रत रखकर माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा की जाएगी. अधिकमास पूर्णिमा व्रत के दिन सुबह सत्यनारायण भगवान की पूजा करते हैं और उनकी व्रत कथा सुनते हैं. इस बार पूर्णिमा व्रत और पूर्णिमा का स्नान-दान अलग अलग दिन हैं. अधिकमास पूर्णिमा व्रत में चंद्रमा पूजा करने से कुंडली का चंद्र दोष दूर होता है, लक्ष्मी कृपा से आपके धन, संपत्ति, सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है. आइए जानते हैं अधिकमास पूर्णिमा व्रत के शुभ मुहूर्त, लक्ष्मी पूजा और चांद निकलने का समय.
अधिकमास पूर्णिमा व्रत 2026 मुहूर्त
अधिकमास पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 30 मई, शनिवार, 11:57 एएम से
अधिकमास पूर्णिमा तिथि का समापन: 31 मई, रविवार, 2:14 पीएम पर
अधिकमास पूर्णिमा का चंद्रोदय 30 मई को निकलेगा, इसलिए अधिकमास पूर्णिमा का व्रत 30 मई को है.
ब्रह्म मुहूर्त: प्रात:काल 04:03 बजे से 04:43 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: 04:23 ए एम से 05:24 ए एम तक
अभिजीत मुहूर्त: 11:51 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: 07:12 पी एम से 07:33 पी एम तक
सायाह्न सन्ध्या: 07:13 पी एम से 08:14 पी एम तक
अधिकमास पूर्णिमा व्रत को सुबह में आप सत्यनारायण भगवान की पूजा शुभ-उत्तम मुहूर्त में सुबह 07 बजकर 08 मिनट से सुबह 08 बजकर 51 मिनट के बीच कर सकते हैं.
अधिकमास पूर्णिमा व्रत पर लक्ष्मी पूजा का समय
अधिकमास पूर्णिमा व्रत के दिन माता लक्ष्मी की पूजा प्रदोष काल में यानि सूर्यास्त के बाद करते हैं. उस दिन सूर्यास्त का समय 07:13 पी एम पर है. उस समय के बाद माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापना करके पूजा करें. शाम को लाभ-उन्नति मुहूर्त 07:13 पी एम से 08:30 पी एम तक है.
अधिकमास पूर्णिमा व्रत पर चंद्रोदय और अर्घ्य समय
अधिकमास पूर्णिमा व्रत की शाम चांद 06:40 पी एम पर निलकेगा. उस समय चंद्रोदय हो जाएगा लेकिन अर्घ्य ऐसे समय में दें, जब चंद्रमा पूर्ण रूप से आसमान में चमक रहा हो.
2 शुभ योग में अधिकमास पूर्णिमा व्रत
30 मई को अधिकमास पूर्णिमा व्रत रवि योग और शिव योग में है. रवि योग सुबह में 05 बजकर 24 मिनट से दोपहर 01 बजकर 20 मिनट तक है. वहीं शिव योग प्रात:काल से लेकर पूर्ण रात्रि तक रहेगा. रवि योग में दोष मिट जाते हैं, वहीं शिव योग जप, ध्यान, योग, साधना के लिए उत्तम होता है. रवि योग में किए गए कार्य शुभ फलदायी होते हैं.
अधिकमास पूर्णिमा का स्नान-दान
अधिकमास पूर्णिमा का स्नान और दान 31 मई सोमवार को किया जाएगा क्योंकि उदयातिथि के आधार पर अधिकमास पूर्णिमा उस दिन ही है. अधिकमास पूर्णिमा का स्नान और दान शिव योग एवं सिद्ध योग में होगा. उस दिन अनुराधा नक्षत्र है.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


