दीवार पर कैलेंडर लगाने से पहले जान लें ये वास्तु टिप्स, वरना हो सकता है नुकसान
घर में दीवार पर टंगा कैलेंडर भले ही एक सामान्य वस्तु दिखाई देता हो, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसका विशेष महत्व बताया गया है. क्योंकि कैलेंडर केवल तारीख और समय बताने का साधन नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन की गति, प्रगति और ऊर्जा का भी प्रतीक माना जाता है. ऐसे में इसे सही दिशा में लगाना आवश्यक है, क्योंकि गलत स्थान पर लगाया गया कैलेंडर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.
कैलेंडर लगाने के लिए पश्चिम दिशा सबसे शुभ
दरअसल, वास्तु शास्त्र के अनुसार कैलेंडर लगाने के लिए पश्चिम दिशा को सबसे शुभ माना गया है, क्योंकि इस दिशा का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है, जो सुख, सौभाग्य, प्रेम, ऐश्वर्य और सुंदरता के कारक हैं. इसी तरह पश्चिम दिशा के स्वामी वरुण देव माने जाते हैं.
वहीं, लोकल 18 को अधिक जानकारी देते हुए अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुर बताते हैं कि इस दिशा में कैलेंडर लगाने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति के कार्यों में निरंतर प्रगति बनी रहती है. उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश पश्चिम दिशा में कैलेंडर लगाना संभव न हो, तो उत्तर दिशा को भी शुभ माना गया है. क्योंकि उत्तर दिशा के अधिपति भगवान कुबेर हैं, जिन्हें धन और समृद्धि का देवता माना जाता है.
दक्षिण दिशा में कैलेंडर लगाने की मनाही
पंडित दीपलाल जयपुर के अनुसार, इस दिशा में कैलेंडर लगाने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और नए अवसर प्राप्त होने की संभावना बढ़ती है. वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा में कैलेंडर लगाने की मनाही की गई है, क्योंकि मान्यता है कि इस दिशा में कैलेंडर लगाने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं और परिवार के सदस्यों की उन्नति में बाधा उत्पन्न हो सकती है.
इसके अलावा मुख्य दरवाजे के पीछे या प्रवेश द्वार के ठीक सामने भी कैलेंडर नहीं लगाना चाहिए. ऐसा करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है और सफलता के मार्ग में रुकावटें आ सकती हैं.
ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुर का कहना है कि कैलेंडर को ऐसी जगह नहीं लगाना चाहिए, जहां तेज हवा के कारण उसके पन्ने लगातार फड़फड़ाते रहें. इसे अस्थिरता का प्रतीक माना जाता है और इससे घर की तरक्की पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
पुराने, फटे हुए या बीते वर्ष के कैलेंडर को घर में नहीं रखना चाहिए
वास्तु के अनुसार पुराने, फटे हुए या बीते वर्ष के कैलेंडर को घर में नहीं रखना चाहिए. इससे रुकी हुई ऊर्जा का संचार होता है. वहीं, प्राकृतिक दृश्यों, प्रेरणादायक चित्रों या धार्मिक प्रतीकों वाले कैलेंडर शुभ माने जाते हैं.
मान्यता है कि सही दिशा में लगाया गया कैलेंडर घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है, जबकि गलत दिशा में टंगा कैलेंडर आर्थिक हानि और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है. इसलिए छोटे से दिखने वाले इस बदलाव को वास्तु में काफी महत्वपूर्ण माना गया है.


