Satyug Human Secrets: सतयुग में कितने लंबे होते थे स्त्री-पुरुष? जानकर नहीं होगा विश्वास,

Satyug Human Secrets: सतयुग में कितने लंबे होते थे स्त्री-पुरुष? जानकर नहीं होगा विश्वास,

Satyug Human Height And Age: हमारे शास्त्रों के अनुसार, 4 युग होते हैं, जिनके नाम सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग हैं. हर युग की अपनी कुछ विशेषताएं हैं, जिसकी वजह से वह युग अपना महत्व रखता है. जैसे कलियुग में पाप, झूठ, अधर्म आदि का बोलबाला होगा और धर्म, पुण्य, सत्य में कमी आएगी. ऐसे ही सतयुग में सत्य और पुण्य का प्रभाव अधिक था. इस वजह से उस समय के मनुष्यों की मानसिक और शारीरिक क्षमताएं कलियुग के लोगों से बहुत ही अधिक थीं, जिनके बारे में जानकर हमें कल्पना या झूठी बातें लग सकती हैं. पुराणों के अनुसार, सतयुग में महिला और पुरुष की काया कलियुग के लोगों से अत्यधिक विशाल होती थी, वहीं उनकी उम्र तो इतनी थी कि आज के लोगों के सोच से भी परे है.

सतयुग में कैसा था लोगों का शरीर?

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, सतयुग में सत्व गुण की प्रधानता थी, इसके प्रभाव से उस समय के लोगों के शरीर दिव्य गुणों वाले होते थे. श्रीमद्भागवत पुराण के 12वें स्कंध में सतयुग के मनुष्यों के विशाल शरीर और लंबी आयु का जिक्र किया गया है.

वहीं वायु पुराण और मत्स्य पुराण में भी सतयुग का वर्णन है. वायु पुराण के अनुसार, सतयुग में लोगों का शरीर बहुत विशाल और तेजस्वी था. इस पुराण में हाथ की लंबाई को आधार मानकर चारों युगों में लोगों की लंबाई घटने का वर्णन है. ऐसे ही लिंग पुराण में चारों युगों के अनुसार महिला और पुरुषों की शारीरिक रचना, क्षमता, बल, आयु, लंबाई आदि का वर्णन है. महाभारत में भी भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को सतयुग के मनुष्यों के बारे में बताया था. उस समय के मनुष्य लंबे होते थे और उनकी हड्डियां वज्र के समान मजबूत होती थीं.

सतयुग में 21 हाथ लंबे होते थे स्त्री-पुरुष

कहा जाता है कि सतयुग में स्त्री और पुरुष की लंबाई 21 हाथ की होती थी. 21 हाथ का मतलब है कि 31 से 32 फीट. आज के समय में देखा जाए तो उस समय के लोगों की लंबाई साढ़े 9 से 10 मीटर होती थी यानि तीन मंजिला इमारत के बराबर.

सतयुग में लोगों की लंबाई और आयु कितनी थी? (Photo: AI)

आज के समय से तुलना करें तो कलियुग में लोगों की औसत लंबाई 5 से 6 फीट है, तो सतयुग के लोग हम लोगों से 5 से 6 गुना लंबे होते थे. आप कल्पना करें कि सतयुग का कोई व्यक्ति इस समय कलियुग में आ जाए तो वो हमारे लिए एक एलियन जैसा होगा. ऐसे ही कलियुग का कोई व्यक्ति सतयुग में पहुंच जाए तो उसके लिए वह दुनिया किसी अजूबे से कम न होगी.

जैसे जैसे युग आते हैं, वैसे वैसे उस युग के लोगों की लंबाई और आयु में कमी आती जाती है. कहा जाता है ​कि जैसे जैसे कलियुग बढ़ेगा, वैसे वैसे लोगों की लंबाई और आयु कम होती जाएगी.

सतयुग में लोगों की उम्र कितनी थी?

शास्त्रों के अनुसार, सतयुग में लोगों की उम्र 1 लाख वर्ष तक होती थी. एक प्रकार से उनको इच्छा मृत्यु का गुण प्राप्त था. वे लोग अपने जीवन के अधिकांश हिस्से को तप और ध्यान में व्यतीत करते थे. उनकी प्राण शक्ति कलियुग के लोगों से अधिक शक्तिशाली थी. उस समय में सत्व गुण की प्रधानता थी. सतयुग के लोग सात्विक और सत्यवादी थे, क्रोध, तनाव, पाप, दुष्कर्म आदि से रहित थे. जल, पृथ्वी और वायु तत्व पूर्णतया शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भरे हुए थे. इसकी वजह से वे लोग रोगमुक्त थे और उनकी लंबी आयु का संबंध उनकी मानसिक शांति से भी जुड़ा था. उनका शरीर जल्दी बुढ़ा नहीं होता था. वे लोग अपनी इच्छा से प्राण का त्याग करते थे.

महाभारत में भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था. ऐसे ही आप सप्त चिरंजीवी के बारे में भी सोच सकते हैं, जिनमें भगवान परशुराम, राजा बलि, पवनपुत्र हनुमान, विभीषण, महर्षि वेदव्यास, कृपाचार्य और अश्वत्थामा शामिल हैं. इन सप्त चिरंजीवी की प्राण शक्ति ऐसी है, जिसकी वजह से वे आज तक जीवित हैं.

कलियुग में लोगों की जिस प्रकार से लंबाई कम हो गई है, वैसे ही उनकी आयु भी कम हुई है. कलियुग में लोगों की आयु 100 वर्ष मानी जाती है, लेकिन वर्तमान समय में औसत आयु 60 से 70 वर्ष हो गई है. 100 वर्ष तक जीवित रहने वाले लोग गिनती के बचे हैं. जैसे जैसे कलियुग अपने चरम पर बढ़ेगा, वैसे वैसे लोगों की क्षमताएं, आयु और लंबाई में कमी आएगी. कलियुग को लेकर कहा गया है कि इसके अंत तक लोगों की आयु 20 से 30 साल तक की ही होगी. ऐसे में उस समय के लोग जब 100 वर्ष तक जीवित रहने वाले लोगों के बारे में सुनेंगे और देखेंगे तो उनको भी आश्चर्य होगा.

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