धधगती आग के बीच साधक शिव की अद्भुत साधना में कर रहा नौ धुनी तपस्या, जानें कैसे करते हैं यह

धधगती आग के बीच साधक शिव की अद्भुत साधना में कर रहा नौ धुनी तपस्या, जानें कैसे करते हैं यह

होमताजा खबरधर्म

धधगती आग के बीच नौ धुनी साधना कर रही रूसी मूल की, जानें कैसे करते यह तपस्या

Last Updated:

Nine Dhuni Agni Tapasya: साधक इन धूनियों के बीच बैठकर भगवान शिव के मंत्रों का जाप, ध्यान और तप करता है. यह साधना प्रायः गर्मियों में की जाती है, जब तापमान अत्यधिक होता है. माना जाता है कि अग्नि के बीच तप करने से साधक अपने शरीर, मन और इंद्रियों पर नियंत्रण प्राप्त करता है. धर्माचार्यों के अनुसार, नौ धुनी तपस्या केवल शारीरिक कठिनाई नहीं, बल्कि आत्मिक साधना का मार्ग है. यह तप मनुष्य को धैर्य, अनुशासन और संयम का संदेश देता है.

Zoom

Nine Dhuni Agni Tapasya: एक तरफ पूरा देश भीषण गर्मी से परेशान है तो दूसरी तरफ भीषण गर्मी और धधकती अग्नि के बीच भगवान शिव की आराधना में लीन एक साधक इन दिनों अपनी कठिन नौ धुनी तपस्या को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है. चारों ओर जलती अग्नि, ऊपर तेज धूप और बीच में ध्यानमग्न साधक का यह दृश्य लोगों को आश्चर्यचकित कर रहा है. नाथ परंपरा का मार्ग अपनाने वालीं रूसी मूल की योगिनी अन्नपूर्णा नाथ छोटी बस्ती के श्मशान स्थल में अघोरी सीताराम बाबा के आश्रम पर नाथ संप्रदाय की प्राचीन 9 धूणी अग्नि तपस्या कर रही हैं.

शिव साधना कर रही हैं रूसी मूल की साधक
शरीर पर भस्म लगाए रूसी मूल की योगिनी अन्नपूर्णा हर दिन 9 धूणियों के बीच बैठकर करीब सवा तीन घंटे तक शिव साधना और गुरु बीज मंत्र का जाप कर रही हैं. योगिनी अन्नपूर्णा के साथ ही उनके गुरु बाल योगी दीपक नाथ भी तप में लीन हैं. यह साधना 3 मई से शुरू हुई है और 25 मई तक चलने वाली है. अंतिम दिन पूर्णाहुति, हवन और संत भंडारे का आयोजन किया जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नौ धुनी तपस्या सनातन परंपरा की अत्यंत कठिन साधनाओं में से एक मानी जाती है. इसमें साधक अपने चारों ओर अग्नि की धूनियां जलाकर भगवान शिव का ध्यान और मंत्र जाप करता है. साधना के दौरान साधक बाहरी सुख-सुविधाओं का त्याग कर कठोर नियमों का पालन करता है.

Source link

You May Have Missed