आंख, दिल, दिमाग और पेट… किस अंग को कंट्रोल करते हैं कौन से ग्रह, कौन देता कौनसी बीमारी

आंख, दिल, दिमाग और पेट… किस अंग को कंट्रोल करते हैं कौन से ग्रह, कौन देता कौनसी बीमारी

Body Parts Astrology: क्या आपने कभी सोचा है कि आपके शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर ग्रहों का भी असर हो सकता है? ज्योतिष की दुनिया में यह मान्यता काफी पुरानी है कि इंसान सिर्फ शरीर और मन से नहीं, बल्कि ग्रहों की ऊर्जा से भी जुड़ा होता है. कई बार हम बिना वजह थकान, तनाव या बीमारी महसूस करते हैं और समझ नहीं पाते कि आखिर वजह क्या है. ऐसे में ज्योतिष कहता है कि इसके पीछे ग्रहों का संतुलन बिगड़ना भी हो सकता है. दिलचस्प बात ये है कि हर ग्रह हमारे शरीर के किसी न किसी हिस्से से जुड़ा होता है, अगर किसी अंग में समस्या बार-बार हो रही है, तो हो सकता है उसका संबंध सीधे आपके कुंडली के ग्रहों से हो.

शरीर और ग्रहों का गहरा रिश्ता
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, हमारा शरीर एक तरह से नौ ग्रहों का प्रतिबिंब माना जाता है. हर ग्रह अपनी खास ऊर्जा के साथ शरीर के किसी खास हिस्से को कंट्रोल करता है, अगर ग्रह मजबूत है तो वह अंग भी स्वस्थ रहता है, लेकिन अगर ग्रह कमजोर हो जाए तो वहीं परेशानी शुरू होती है.

सूर्य और चंद्र: दिमाग और मन के मालिक
1. सूर्य का असर
सूर्य को सभी ग्रहों का राजा कहा जाता है और इसका सीधा संबंध हमारे मस्तिष्क से होता है, अगर किसी का सूर्य मजबूत है तो उसका आत्मविश्वास और सोचने की क्षमता अच्छी होती है, लेकिन सूर्य कमजोर हो तो व्यक्ति जल्दी कंफ्यूज होता है और निर्णय लेने में दिक्कत आती है.

2. चंद्र का प्रभाव
चंद्र मन और भावनाओं का कारक है. इसका असर फेफड़ों, जल तत्व और इच्छाशक्ति पर होता है. आपने देखा होगा कि कुछ लोग बहुत जल्दी मूड बदलते हैं या बिना वजह उदास हो जाते हैं-ये अक्सर कमजोर चंद्र का संकेत माना जाता है.

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मंगल, बुध और गुरु: शरीर की ऊर्जा और पाचन
1. मंगल का रोल
मंगल शरीर की ऊर्जा, रक्त और आंखों से जुड़ा होता है, अगर मंगल खराब हो तो आंखों की रोशनी कम होना, ब्लड से जुड़ी समस्याएं या बार-बार चोट लगना आम हो जाता है.

2. बुध का कनेक्शन
बुध पाचन तंत्र, त्वचा, जीभ और बोलने की क्षमता को प्रभावित करता है. कई बार जिन लोगों को बार-बार पेट की समस्या या स्किन एलर्जी होती है, उनकी कुंडली में बुध कमजोर पाया जाता है.

3. गुरु का प्रभाव
गुरु शरीर में वायु और चर्बी को नियंत्रित करता है, अगर गुरु सही नहीं हो तो मोटापा, पित्त या गैस से जुड़ी समस्याएं देखने को मिलती हैं.

शुक्र और शनि: सुंदरता और हड्डियों का संतुलन
1. शुक्र का असर
शुक्र को आकर्षण और सुंदरता का ग्रह माना जाता है. इसका असर त्वचा, प्रजनन क्षमता और गुप्त अंगों पर होता है, अगर शुक्र अच्छा हो तो व्यक्ति का चेहरा चमकदार और व्यक्तित्व आकर्षक होता है.

2. शनि का प्रभाव
शनि शरीर की हड्डियों, घुटनों और नसों पर असर डालता है, अगर किसी को बार-बार जोड़ों में दर्द या कमजोरी महसूस होती है, तो यह शनि के कमजोर होने का संकेत हो सकता है.

राहु और केतु: छुपे हुए प्रभाव
1. राहु की भूमिका
राहु को अक्सर रहस्यमयी और अशुभ ग्रह माना जाता है. इसका असर सिर के ऊपरी हिस्से, मुंह और आंतों पर होता है. अचानक होने वाली बीमारियां या उलझनें राहु के कारण मानी जाती हैं.

2. केतु का प्रभाव
केतु का संबंध कंठ से लेकर हृदय तक के हिस्से से होता है. इसके कमजोर होने पर गले की समस्या, दिल से जुड़ी परेशानी या पैरों में दर्द देखने को मिल सकता है.

क्या कहते हैं रोजमर्रा के अनुभव?
कई बार आपने सुना होगा-“पता नहीं क्यों, आजकल घुटनों में दर्द रहता है” या “बार-बार पेट खराब हो जाता है.” ज्योतिष इसे सिर्फ मेडिकल नहीं, बल्कि ग्रहों का संकेत भी मानता है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि डॉक्टर की जरूरत नहीं है, लेकिन ग्रहों का संतुलन समझना भी एक अलग नजरिया देता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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