देश के इन 12 ज्योतिर्लिंगों के बारे में कितना जानते हैं आप? विराजमान हैं शिव 'स्वयंभू'
आज गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के वेरावल में स्थित समंदर के किनारे स्थित भव्य और विशालकाय सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव धूम-धाम से मनाया जा रहा है. मौका है पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्धाटन के 75 वर्ष का पूरा होना. सोमनाथ मंदिर एक बेहद ही प्राचीन मंदिर है, जिसकी लोकप्रियता सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी है. यहां शंकर भगवान की पूजा की जाती है. मान्यता है कि यह देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम ज्योतिर्लिंग है. देश में कुल 12 ज्योतिर्लिंग हैं. ऐसे में क्या आपको पता है कि देश के अन्य 11 ज्योतिर्लिंग कहां पर हैं? ये कहां पर स्थित हैं और क्या हैं इनकी मान्यताएं? चलिए जानते हैं यहां.
भारत के 12 ज्योतिर्लिंग कौन-कौन से हैं?
1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग- यह 12 ज्योतिर्लिंगों से प्रथम है. यह वेरावल (गुजरात) में अरब सागर के तट पर स्थित है. इस ज्योतिर्लिंग का विशेष महत्व है. यह इतिहास में कई बार टूटा, लेकिन टूटने के बाद भी पुनर्निर्मित हुआ. लाखों श्रद्धालुओं के लिए ये आस्था का प्रतीक है. इसे अमृत ज्योतिर्लिंग, अनंत ज्योतिर्लिंग आदि नामों से भी जाना जाता है. मान्यता है कि यहां दर्शन करने से मोक्ष प्राप्त होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दक्ष प्रजापति के श्राप से मुक्ति पाने के लिए चंद्रदेव ने यहां शिव जी की तपस्या की थी. इस मंदिर का निर्माण चालुक्य शैली में की गई है.
2. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग- ये ज्योतिर्लिंग श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश में स्थित है. इस मंदिर में भगवान शिव जी के साथ मां पार्वती की भी पूजा की जाती है. नल्लमाला पहाड़ियों के बीच स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. यहां शिव जी मल्लिकार्जुन और मां पार्वती भ्रामराम्बा के रूप में विराजमान हैं. यहां 18 शक्तिपीठों में से एक का वास भी है. हैदराबाद से लगभग 213 किमी दूर है. इस मंदिर का निर्माण द्रविड़ शैली में किया गया है. यहां भक्त ज्योतिर्लिंग को डायरेक्ट छूकर पूजा करने दी जाती है.
3. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग- यह ज्योतिर्लिंग उज्जैन, मध्य प्रदेश में स्थित है. ये एक दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है, जो इसे खास और विशेष बनाता है. यहां की भस्म आरती विश्व भर में प्रसिद्ध है.
4. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग- यह खंडवा, मध्य प्रदेश में स्थित है. इसकी खास बात ये है कि यह नर्मदा नदी के बीच ॐ आकार के द्वीप पर स्थित है.
5. केदारनाथ ज्योतिर्लिंग- रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड में स्थित ये ज्योतिर्लिंग हिमालय में स्थित सबसे प्रसिद्ध शिव धामों में एक है. यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन को आते हैं. यहां आने का बेस्ट समय मई से नवंबर तक है.
6. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग- यह पुणे, महाराष्ट्र सह्याद्रि पहाड़ियों में स्थित है. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की खास बात यह है कि ये घने जंगल और वन्यजीव क्षेत्र में स्थित है. यह मंदिर भीमा नदी के उद्गम स्थल के समीप लगभग 3250 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. मान्यता है कि यहां शिव जी त्रिपुरासुर का वध करके यहां निवास किया था. यह मंदिर अर्धनारीश्वर रूप (शिव-पार्वती) के लिए प्रसिद्ध है. यहां जाने का बेस्ट समय है अक्तूबर से लेकर मार्च के महीने के बीच.
7. काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग- यहां भी हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. वाराणसी में स्थित इस मंदिर की विशेष बात यही है कि ये मोक्षदायिनी काशी नगरी में स्थित है. यह हिंदू धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है.
8. त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग- नासिक, महाराष्ट्र में स्थित त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी का उद्गम स्थल माना जाता है. यह गोदावरी नदी के किनारे ब्रह्मागिरी पर्वत के पास स्थित है. यह एक बेहद ही अनूठा मंदिर है. यहां का त्रिमुखी शिवलिंग ब्रह्मा, विष्णु और महेश के लिए मशहूर है,जो जल में डूबा रहता है. पितृ दोष मुक्ति के लिए इस स्थान को जाना जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब गौतम ऋषि यहां तपस्या कर रहे थे, तब उनसे प्रसन्न होकर शिव जी यहां ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे.
9. वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग- झारखंड के देवघर में स्थित ये ज्तोतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ धाम के नाम से काफी प्रसिद्ध है. यह बेहद ही पवित्र स्थलों में से एक है. खास बात ये है कि यहां 51 शक्तिपीठों में से एक माता सती का हृदय गिरने से हृदय पीठ भी है. इस मंदिर की खास बात ये भी है कि इसके शिखर पर त्रिशूल की बजाय पंचशूल लगा हुआ है. सावन के महीने में यहां लाखों भक्त सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल कांवर यात्रा करके यहां पहुंचते हैं और जल अर्पित करते हैं. यहां आप शिवलिंग को छू सकते हैं.
10. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग- द्वारका, गुजरात में स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग यहां बने विशाल शिव प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है.
11. रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग- तमिलनाडु के रामनाथपुरम में स्थित रामेश्वर ज्योतिर्लिंग से संबंधित एक पौराणिक मान्यता ये है कि ऐसा माना जाता है कि श्री राम जी ने यहां शिवलिंग स्थापित किया था. इस मंदिर के गलियारे बेहद लंबे, आकर्षक और सुंदर हैं.
12. घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग- महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के वेरुल गांव में स्थित शिव का एक हिंदू मंदिर है.घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग एलोरा गुफाओं के पास स्थित अंतिम ज्योतिर्लिंग है. इसे ग्रिशनेश्वर के नाम से भी जाना जाता है.
ज्योतिर्लिंगों का धार्मिक महत्व
भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए इन सभी 12 ज्योतिर्लिंगों पर श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. खासकर, सावन के महीने और महाशिवरात्रि पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है. ऐसी मान्यता है कि इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. तन-मन को आध्यात्मिक शांति मिलती है. मनोकामनाओं की पूर्ति होती है.


