घर में घड़ी लगाने की सही दिशा क्या है? एक्सपर्ट से जानिए शुभ और अशुभ संकेत
अंबाला: अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि मेहनत करने के बावजूद उन्हें सफलता नहीं मिल रही, घर में पैसों की तंगी बनी रहती है या रिश्तों में लगातार तनाव बना रहता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कई बार इसका कारण घर में मौजूद वास्तु दोष भी हो सकता है. इनमें दीवार पर लगी घड़ी का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि हिंदू धर्म में समय को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. कहा जाता है कि जिस व्यक्ति का समय सही दिशा के अनुसार चलता है, वह हमेशा स्वस्थ और खुशहाल जीवन व्यतीत करता है.
इस बारे में जब लोकल 18 की टीम ने अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि घड़ी जीवन में समय और प्रगति का प्रतीक होती है. यदि इसे सही दिशा में लगाया जाए, तो सुख-समृद्धि और सफलता के द्वार खुलते हैं, लेकिन गलत दिशा में लगी घड़ी नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है.
किस दिशा में लगाएं घड़ी
उन्होंने कहा कि वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा यम और पितरों की दिशा मानी जाती है. इस दिशा में घड़ी लगाने से जीवन की गति धीमी पड़ सकती है और व्यक्ति को बार-बार बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. माना जाता है कि इससे परिवार की उन्नति रुक जाती है और आर्थिक समस्याएं बढ़ने लगती हैं.
उन्होंने बताया कि उत्तर दिशा को धन और करियर की दिशा माना जाता है. यहां घड़ी लगाने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और नौकरी-व्यवसाय में प्रगति मिलती है. वहीं पूर्व दिशा सूर्य देव की दिशा है, जो नई ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक मानी जाती है. जबकि पश्चिम दिशा स्थिरता और लंबे समय तक सफलता प्रदान करने वाली मानी जाती है. इन दिशाओं में घड़ी लगाने से घर में शुभ ऊर्जा का संचार बना रहता है.
मुख्य द्वार के ऊपर घड़ी लगाने से बचें
उन्होंने कहा कि कई घरों में सुविधा के लिए मुख्य दरवाजे के ऊपर घड़ी लगा दी जाती है, लेकिन वास्तु के अनुसार इसे उचित नहीं माना जाता. इससे घर में प्रवेश करने वाली ऊर्जा प्रभावित होती है और परिवार के सदस्यों के जीवन में अस्थिरता बढ़ सकती है.
उन्होंने बताया कि वास्तु शास्त्र में बंद या टूटी हुई घड़ी को अत्यंत अशुभ माना गया है. यह रुके हुए कार्यों, आर्थिक रुकावटों और मानसिक तनाव का संकेत देती है. यदि घड़ी सही समय नहीं दिखा रही हो या उसका कांच टूटा हुआ हो, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए.
गोल, अंडाकार या अष्टकोणीय आकार की घड़ियां शुभ
उन्होंने बताया कि गोल, अंडाकार या अष्टकोणीय आकार की घड़ियां शुभ मानी जाती हैं. वहीं पेंडुलम वाली घड़ी सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाली मानी जाती है. रंगों में सफेद, हल्का नीला और सिल्वर शांति, संतुलन और स्थिरता के प्रतीक माने जाते हैं.
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार घड़ी को 1 से 2 मिनट आगे रखना शुभ माना जाता है. यह जीवन में प्रगति और सफलता का संकेत देता है, जबकि पीछे चलने वाली घड़ी व्यक्ति को अवसरों से पीछे कर सकती है.
कभी भी अपने हाथ की घड़ी दान नहीं करनी चाहिए
उन्होंने बताया कि वास्तु और ज्योतिष की इन मान्यताओं का पालन कर घर में सकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक समृद्धि और पारिवारिक सुख-शांति को बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि कभी भी अपने हाथ की घड़ी दान नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से व्यक्ति अपना भाग्य किसी और को दे देता है.
उन्होंने बताया कि घड़ी का मानव जीवन में बहुत अधिक महत्व होता है, इसलिए व्यक्ति को समय के अनुसार अपने कर्म करने चाहिए और सभी कार्य समय पर पूरे करने चाहिए.


