महादेव साधना में भगवान राम के इस मूल मंत्र का करते हैं जप, जानें इसे जपने का सही समय और
भगवान राम के मूल मंत्र का शिवजी से क्या है संबंध? जानें जपने के लाभ और सही समय
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Rama Moola Mantra: भगवान राम के मूल मंत्र के लाभ को लेकर भक्तों में उत्साह लगातार बढ़ रहा है क्योंकि महादेव भी साधना में हमेशा इसी मंत्र का जप करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवाम राम के इस मंत्र का जप करने से हर परेशानी दूर होती है और जीवन में उत्साह और सकारात्मकता आती है. आइए जानते हैं भगवान राम के मूल क्या है और इसका अर्थ व लाभ…
Rama Moola Mantra: हिंदू धर्म में मर्यादा, सत्य और धर्म के प्रतीक माने जाने वाले भगवान राम की उपासना सदियों से की जा रही है. पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार माता पार्वती ने देवों के देव महादेव से पूछा कि आप साधना में क्या जप करते हैं. भगवान शिव मुस्कराए और कहा कि वे साधना में हमेशा राम नाम का जप करते हैं. भगवान राम का मूल मंत्र जीवन को सरल, संतुलित और सकारात्मक बनाने का एक प्रभावी माध्यम है. अगर इसे श्रद्धा और नियम के साथ जपा जाए तो यह व्यक्ति के मानसिक, आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है. भगवान राम के मूल मंत्र केवल शब्दों का समूह नहीं है बल्कि एक ऐसी ऊर्जा है, जिससे संपूर्ण सृष्टि का कल्याण होता है. आइए जानते हैं भगवान राम के मूल मंत्र क्या है और इसके फायदे व जाप करने का सही समय…
भगवान राम का मूल मंत्र
ॐ रामाय नमः
राम मूल मंत्र का अर्थ: मैं भगवान राम को नमन करता हूं, जो धर्म, करुणा और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं.
श्रीराम के मूल मंत्र का महत्व
धर्माचार्यों के अनुसार ॐ श्री रामाय नमः मंत्र का हर दिन जाप करने से व्यक्ति के भीतर सहनशीलता, धैर्य और सकारात्मक सोच विकसित होती है. साथ ही जीवन में चल रही परेशानियों का भगवान राम की कृपा से अंत होता है और पूरे परिवार का कल्याण भी करता है. भक्तों का यह भी विश्वास है कि भगवान राम के मूल मंत्र से घर-परिवार के माहौल में सामंजस्य बढ़ता है और आपसी संबंधों में मधुरता आती है. धार्मिक परंपराओं में राम नाम को कलियुग में सहज साधना माना गया है और भक्तों का मानना है कि श्रद्धा और नियमितता के साथ किया गया राम मंत्र जप जीवन में संतुलन और स्थिरता लाने में सहायक हो सकता है.
राम मूल मंत्र जप का सही समय और दिशा
धार्मिक ग्रंथों में मंत्र जप के लिए कुछ विशेष समय बताए गए हैं. इस मंत्र को ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे) में जाप करना सबसे पवित्र माना जाता है. इस समय मंत्र का प्रभाव तेजी से बढ़ता है. साथ ही सूर्यास्त के समय यानी संध्या काल में भी जप कर सकते हैं. राम नवमी जैसे पर्व पर भी आप इस मंत्र का जप कर सकते हैं. राम नवमी पर जप करने से कई गुना अधिक पुण्य मिलता है. जप करते समय शांत स्थान पर बैठकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करना शुभ माना जाता है.
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पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें


