Mithun Rashifal: आज से राज पंचक का प्रभाव शुरू, ज्योतिषाचार्य ने दी सावधानी बरतने की सलाह
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Aaj Ka Mithun Rashifal 13 april: ज्योतिषाचार्य कुकरेती बताते हैं कि पंचक का अर्थ ही है ‘पांच गुणित’ फल देने वाला काल. इसका प्रभाव मिथुन जातकों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही दिशाओं में प्रबल होगा. अगर इस अवधि में कोई शुभ कार्य संपन्न किया जाता है, तो उसका पुण्य फल पांच गुना बढ़कर प्राप्त होता है.
Aaj Ka Gemini Horoscope 13 अप्रैल 2026 ( मिथुन राशिफल): 13 अप्रैल, सोमवार से पंचक काल की शुरुआत मानी जा रही है, जिसे ‘राज पंचक’ कहा जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करता है, तब पंचक बनता है. इस दौरान चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के अंतिम तीन चरणों सहित शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है. ऊर्जा और ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव के कारण यह समय अत्यंत संवेदनशील माना जाता है, इसलिए इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
शुभ-अशुभ कार्यों पर ‘पांच गुना’ प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक का अर्थ ही है ‘पांच गुणा फल देने वाला समय’. इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है, वहीं अशुभ घटनाओं का प्रभाव भी अधिक माना जाता है, इसलिए इस समय हर कदम सोच-समझकर उठाना जरूरी बताया जाता है. विशेष रूप से मिथुन राशि के जातकों के लिए यह काल सकारात्मक और नकारात्मक दोनों दिशाओं में प्रभावशाली माना गया है.
मिथुन राशि के लिए विशेष सावधानी
ग्रहों की स्थिति को देखते हुए मिथुन राशि वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. इस दौरान बड़ी गलती या विवाद से बचने और मानसिक संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया है. भगवान भोलेनाथ की पूजा, महाकाल का ध्यान और सकारात्मक सोच अपनाने से पंचक के नकारात्मक प्रभावों को कम करने की बात कही जाती है, इससे अनहोनी की आशंका भी कम मानी जाती है.
पंचक के प्रकार और उनका महत्व
पंचक का प्रभाव उसके प्रारंभ होने वाले दिन पर निर्भर करता है. रविवार को रोग पंचक, मंगलवार को अग्नि पंचक, शुक्रवार को चोर पंचक और शनिवार को मृत्यु पंचक अधिक कष्टकारी माने जाते हैं. वहीं सोमवार को शुरू होने वाला राज पंचक शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है, जबकि बुधवार और गुरुवार से शुरू होने वाले पंचक को सामान्य श्रेणी में रखा जाता है. यह वर्गीकरण व्यक्ति को समय की प्रकृति समझने में मदद करता है.
पंचक में वर्जित कार्य और उपाय
शास्त्रों के अनुसार पंचक के दौरान कुछ कार्यों से बचना चाहिए, जैसे चारपाई बनवाना, सूखी लकड़ी या घास इकट्ठा करना, घर की छत डलवाना और दक्षिण दिशा की यात्रा करना. इस अवधि में अंतिम संस्कार से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है. हालांकि अपरिहार्य स्थिति में धार्मिक विधि-विधान और शास्त्रीय उपाय अपनाकर पंचक दोष का निवारण किया जा सकता है, जिससे परिवार पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें


