अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता वीर हनुमान, जानें उनके पास हैं कौन सी 8 सिद्धियां, 9 निधियां

अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता वीर हनुमान, जानें उनके पास हैं कौन सी 8 सिद्धियां, 9 निधियां

होमताजा खबरधर्म

अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता वीर हनुमान, जानें उनके पास हैं कौन सी 8 सिद्धियां

Last Updated:

8 Siddhis of Hanuman: आज 2 अप्रैल को हनुमान जयंती है. हनुमान जी का जन्म चैत्र पूर्णिमा को हुआ था. उनके पास 8 सिद्धियां और 9 निधियां हैं, इसलिए हनुमान चालीसा में लिखा है अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता. आइए जानते हैं कि हनुमान जी के पास कौन सी 8 सिद्धियां और 9 निधियां हैं?

Zoom

हनुमान जी को प्राप्त 8 सिद्धियां और 9 निधियां. (Photo: AI)

Hanuman Ji Ki 8 Siddhi Nav Nidhi Ke Naam: आज देशभर में हनुमान जयंती मनाई जा रही है. चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था, इसलिए इस तिथि को हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं. हनुमान जी पवनपुत्र और चिरंजीवी हैं. वे अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता हैं. गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा में लिखा है- “अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, अस वर दीन जानकी माता”. माता सीता ने हनुमान जी को अष्ट सिद्धियां और नव निधियां देने का वरदान दिया था. हनुमान जी में इन शक्तियों को संभालने और उपयोग करने की अद्भुत क्षमता थी. आइए जानते हैं कि हनुमान जी के पास कौन सी 8 सिद्धियां और 9 निधियां हैं?

हनुमान जी को प्राप्त 8 सिद्धियां

हनुमान जी के पास आठ दिव्य शक्तियां हैं, जिन्हें अष्ट सिद्धियां कहते हैं.

  1. अणिमा यानि बहुत सूक्ष्म रूप धारण करने की शक्ति.
  2. महिमा, इच्छानुसार बहुत बड़ा रूप धारण करने की शक्ति.
  3. गरिमा यानि शरीर को अत्यंत भारी बनाने की शक्ति.
  4. लघिमा यानि शरीर को अत्यंत हल्का बनाने की शक्ति.
  5. प्राप्ति या किसी भी वस्तु को तुरंत प्राप्त कर लेने की शक्ति.
  6. प्राकाम्य यानि इच्छानुसार किसी भी जगह पहुंचने, पानी में रहने या आकाश में उड़ने की शक्ति.
  7. ईशित्व यानि दैवीय शक्तियों का नियंत्रण करना.
  8. वशित्व यानि इंद्रियों और मन पर पूर्ण नियंत्रण.

हनुमान जी को प्राप्त 9 निधियां

9 निधियां नौ प्रकार की दिव्य संपत्तियां हैं, जिन्हें पा लेने के बाद किसी अन्य धन-संपत्ति की जरुरत नहीं रहती.

  • पद्म निधि या स्वर्ण-चांदी का संग्रह कर दान करने वाला सात्विक स्वभाव.
  • महापद्म निधि धार्मिक कार्यों में धन लगाने वाला स्वभाव.
  • नील निधि यानि तीन पीढ़ियों तक चलने वाली संपत्ति.
  • मुकुंद निधि यानि राज्य और सत्ता से संबंधित संपत्ति.
  • नंद निधि यानि कुल का आधार बनने वाली संपत्ति.
  • मकर निधि यानि अस्त्र-शस्त्रों का संग्रह.
  • कच्छप निधि में स्वयं उपभोग करने वाली संपत्ति.
  • शंख निधि में एक पीढ़ी तक रहने वाली संपत्ति.
  • खर्व निधि यानि मिश्रित फलों वाली संपत्ति.

इन 8 सिद्धियों और 9 निधियों की वजह से हनुमान जी अद्भुत और चमत्कारी हैं. उनके लिए कोई भी काम असंभव नहीं है. इन सिद्धियों की वजह से श्रीरामदूत किसी भी रूप में प्रकट हो सकते हैं, पल भर में कहीं भी पहुंच सकते हैं और असंभव कार्यों को भी संभव बना देते हैं.

हनुमान चालीसा के पाठ से भक्तों को इन दिव्य शक्तियों और संपत्तियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. संकटमोचन की कृपा से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं, साहस बढ़ता है और जीवन में सफलता मिलती है.

About the Author

authorimg

कार्तिकेय तिवारी

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. डिजि…और पढ़ें

Source link

You May Have Missed