मोबाइल पर वॉलपेपर में गलत तस्वीर लगाएंगे तो बर्बाद हो जाएगी किस्मत, ज्योतिष से जानिए क्या
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Mobile wallpaper astrology tips : आज के डिजिटल दौर में शायद ही कोई होगा जिसके पास स्मार्टफोन न हो. मोबाइल फोन ही लोगों का सबसे बड़ा साथी होने लगा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोबाइल फोन पर जो आप वॉलपेपर लगाते हैं ज्योतिष शास्त्र में उसका किस्मत से कनेक्शन है. अगर आप वॉलपेपर के रूप में गलत तस्वीर लगाएंगे तो इससे हमेशा किस्मत रूठी रहेगी. इसलिए सही फोटो को वॉलपेपर के रूप में चुनना ज्योतिष के हिसाब से बहुत जरूरी है.
आजकल हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन होना आम बात है. फोन का वॉलपेपर हमारे व्यक्तित्व को दिखाता है. कुछ लोग माता-पिता की फोटो, कुछ भगवान की तस्वीरें और कुछ लोग मोटिवेशनल कोट्स वॉलपेपर पर लगाते हैं. लेकिन ज्योतिष विशेषज्ञों के मुताबिक वॉलपेपर सिर्फ एक फोटो नहीं है, ये हमारी सोच, भावनाओं और मन पर असर डालता है. हम दिन में कई बार मोबाइल स्क्रीन देखते हैं. इसलिए उस फोटो की भावना धीरे-धीरे हम पर असर करती है, ऐसा उनका कहना है.

न्यूज़18 की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्योतिष के हिसाब से हर तस्वीर में एक खास ताकत होती है. इसलिए वॉलपेपर चुनते समय सावधानी जरूरी है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि मृत लोगों या बुजुर्गों की फोटो को वॉलपेपर नहीं बनाना चाहिए. ऐसी तस्वीरें रुकी हुई ऊर्जा को दिखाती हैं और इससे आपकी जिंदगी में तरक्की कम हो सकती है.

माता-पिता का सम्मान दिल में होना चाहिए, लेकिन रोज स्क्रीन पर देखना जरूरी नहीं है. कई लोग मानते हैं कि भगवान की फोटो लगाने से अच्छा होता है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक भगवान की तस्वीरें वॉलपेपर पर लगाने से बेहतर है पूजा स्थान पर रखना. क्योंकि वॉलपेपर हमारी पर्सनैलिटी दिखाता है. भगवान की फोटो लगाने से हमारी खुद की पहचान कम हो सकती है.
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सही वॉलपेपर मतलब ऐसा फोटो जो आपकी मौजूदा स्थिति और आपकी पॉजिटिव सोच को दिखाए. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हाल ही में खींची गई साफ और मुस्कुराते हुए आपकी फोटो वॉलपेपर में लगाना अच्छा होता है. इससे आपके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है और पॉजिटिव एनर्जी मिलती है. डीपी में भी अपनी फोटो लगाना या खाली छोड़ना बेहतर माना जाता है. नेगेटिव कोट्स, दुख, खून, धोखा जैसी तस्वीरों को पूरी तरह से दूर रखना चाहिए.

हाल ही में कुछ उदाहरणों में देखा गया है कि वॉलपेपर बदलने के बाद लोगों में छोटे बदलाव आए हैं. यह बात पूरी तरह से वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हुई है, लेकिन माना जाता है कि इसका संबंध ‘पॉजिटिव विजुअलाइजेशन’ और ‘मैनिफेस्टेशन’ जैसी सोच से है. उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति ने अपनी मुस्कुराते हुए फोटो को वॉलपेपर बनाया तो उसमें आत्मविश्वास बढ़ गया था.

आखिरकार, छोटा सा दिखने वाला वॉलपेपर भी हमारे मन पर असर डालने की ताकत रखता है. इसलिए नेगेटिव सोच को दूर रखकर, पॉजिटिव तस्वीरें चुनना अच्छा होता है. (डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी और राय सामान्य विश्वासों पर आधारित हैं. News18 इनकी पुष्टि नहीं करता. कोई भी कदम उठाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.)


