चैत्र नवरात्रि में करना है हवन, तो जानें सामग्री, मुहूर्त, मंत्र और विधि
चैत्र नवरात्रि की हवन सामग्री लिस्ट
- लोहे का हवन कुंड या मिट्टी का चौड़ा पात्र
- बैठने के लिए कुश या कंबल का आसन
- दुर्गा सप्तशती, पूजा और हवन की पुस्तिका
- फूल और माला
- 5 प्रकार के फल
- रक्षा सूत्र, अक्षत्, रोली, चंदन
- धूप, दीप, कपूर, अगरबत्ती, लोभान, माचिस
- गाय का घी, दही, पंचामृत, शहद
- चावल, काला तिल, जौ, सूखा नारियल
- पान का पत्ता, इलायची, लौंग, सुपारी, दूर्वा
- पीपल, बेल, आम, चंदन और नीम की सूखी लकड़ियां
- पलाश, गुग्गल, अश्वगंधा, ब्राह्मी, मुलैठी, गूलर की छाल, गोबर की उप्पलें
- गंगाजल, जटावाला एक नारियल, शक्कर
- मिठाई, हवन सामग्री का एक पैकेट
चैत्र नवरात्रि 2026 हवन मुहूर्त
- दुर्गा अष्टमी: 26 मार्च, गुरुवार
शोभन योग: प्रात:काल से लेकर देर रात 12:32 बजे तक
शुभ-उत्तम मुहूर्त: सुबह 06:18 बजे से 07:50 बजे तक
दुर्गा अष्टमी हवन मुहूर्त: सुबह 10:55 ए एम से लेकर 01:59 पी एम तक - महानवमी: 27 मार्च, शुक्रवार
रवि योग: पूरे दिन
सर्वार्थ सिद्धि योग: 06:17 ए एम से 03:24 पी एम
महानवमी हवन मुहूर्त: 06:17 ए एम से लेकर 10:54 ए एम तक
नवमी तिथि: सुबह 10:06 ए एम तक - दशमी: 28 मार्च, शनिवार
सुकर्मा योग: सुबह से लेकर 08:06 पी एम तक
रवि योग: 06:16 ए एम से 02:50 पी एम
दशमी हवन मुहूर्त: 07:49 ए एम से 09:21 ए एम के बीच
चैत्र नवरात्रि के हवन मंत्र
ओम आग्नेय नम: स्वाहा, ओम गणेशाय नम: स्वाहा, ओम गौरियाय नम: स्वाहा, ओम नवग्रहाय नम: स्वाहा, ओम दुर्गाय नम: स्वाहा, ओम महाकालिकाय नम: स्वाहा, ओम हनुमते नम: स्वाहा, ओम भैरवाय नम: स्वाहा, ओम कुल देवताय नम: स्वाहा, ओम स्थान देवताय नम: स्वाहा,
ओम ब्रह्माय नम: स्वाहा, ओम विष्णुवे नम: स्वाहा, ओम शिवाय नम: स्वाहा.
ओम जयंती मंगलाकाली, भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा स्वधा नमस्तुति स्वाहा.
ओम ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च: गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु स्वाहा.
ओम गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवा महेश्वर: गुरु साक्षात् परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नम: स्वाहा.
ओम शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे, सर्व स्थार्ति हरे देवि नारायणी नमस्तुते.
ओम पूर्णमद: पूर्णमिदम् पुर्णात पूण्य मुदच्यते, पुणस्य पूर्णमादाय पूर्णमेल विसिस्यते स्वाहा.
इनके अलावा आप हवन पुस्तिका की मदद ले सकते हैं.
चैत्र नवरात्रि हवन विधि
- आपके यहां जिस दिन नवरात्रि का हवन करते हैं, उस दिन प्रात:काल में स्नान आदि करके पूजा और हवन का संकल्प करें.
- इसके बाद शुभ मुहूर्त में मां दुर्गा की पूजा करें. पूजा के अंत में हवन करते हैं. इसके लिए हवन सामग्री अपने पास रख लें.
- एक वेदी बनाकर उस पर हवन कुंड स्थापित कर दें. उसमें सूखी लकड़ियां, गोबर की उप्पलें, कपूर, लोभान आदि रख दे.
- इसके बाद पूरी हवन सामग्री को एक बड़े से बर्तन में रखकर मिला लें. उसमें थोड़ा घी डाल दें, ताकि सही से जलेगी.
- अब आप आसन पर बैठ जाएं. उसके बाद हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलित करें.
- मंत्रोच्चार करते हुए बारी बारी से हवन सामग्री से आहुति दें. किसी विशेष मंत्र का जाप करते हैं, तो उसकी एक माली यानि 108 बार जाप करते हुए हवन करें.
- मां दुर्गा, त्रिदेव, सभी देवी-देवता और नवग्रहों को आहुति देने के बाद सबसे अंत में जटावाले नारियल पर लाल रंग का कपड़ा या रक्षासूत्र लपेट दें.
- उसके हवन कुंड के बीचोबीच स्थापित करें. उस पर पांच पूड़ी, खीर, पान के पत्ते, सुपारी, लौंग आदि रखें. इन सभी को हवन में पूरी तरह से जला देना चाहिए.
- इसके बाद घी के दीपक या कपूर से मां दुर्गा की आरती करें. उसे पूरे घर में लेकर जाएं, इससे वहां की नकारात्मकता दूर होगी, मां दुर्गा की कृपा से आपका और पूरे परिवार का कल्याण होगा.


