सुबह रेवती तो दोपहर में अश्विनी नक्षत्र का प्रभाव, 21 मार्च को जन्मे बच्चे होंगे बेहद खास

सुबह रेवती तो दोपहर में अश्विनी नक्षत्र का प्रभाव, 21 मार्च को जन्मे बच्चे होंगे बेहद खास

Last Updated:

अयोध्या के ज्योतिषाचार्य के अनुसार 21 मार्च को जन्मे बच्चों पर मेष राशि का प्रभाव रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त में रेवती नक्षत्र में जन्मे बच्चे तेजस्वी व होनहार होंगे. दोपहर 3:45 बजे बाद अश्विनी नक्षत्र में जन्मे बच्चों पर मंगल और केतु का प्रभाव रहेगा, जिससे स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है. ज्योतिष के अनुसार इस दिन जन्मे बच्चों का नाम मेष राशि के अनुसार रखने से उनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

Zoom

21 मार्च को जन्मे बच्चों का भविष्य.

अयोध्या: मानव जीवन में ग्रह नक्षत्र का विशेष प्रभाव होता है. प्रतिदिन ग्रह नक्षत्र की स्थिति में परिवर्तन होता है, जिसका शुभ और अशुभ प्रभाव भी रहता है. ऐसी स्थिति में आज 21 मार्च है और आज के दिन ग्रह नक्षत्र की कैसी स्थिति रहेगी. आज के दिन जन्मे बच्चे का भविष्य कैसा होगा? किस क्षेत्र में उन्नति करेंगे. आज के दिन जन्म लेने वाले बच्चों का नामकरण किस अक्षर से शुरू होगा तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं.

अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार 21 मार्च शनिवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है. इस दिन तृतीया तिथि रहेगी और चंद्रमा मेष राशि में प्रभावी माना जाएगा. दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में रेवती नक्षत्र के साथ होगी, जिसके बाद दोपहर 3:45 बजे से अश्विनी नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा. ज्योतिष के अनुसार दिन के अलग-अलग समय में जन्म लेने वाले बच्चों पर ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव भिन्न रहेगा.

पंडित कल्कि राम बताते हैं कि ब्रह्म मुहूर्त में जन्म लेने वाले बच्चों पर रेवती नक्षत्र का प्रभाव रहेगा.ऐसे बच्चे तेजस्वी, ओजस्वी और होनहार माने जाते हैं.इनका व्यक्तित्व आकर्षक होता है और ये अपने कार्यों में विशेष सफलता प्राप्त करने की क्षमता रखते हैं. हालांकि स्वभाव में जिद भी देखने को मिल सकती है, जिसके कारण कई बार ये अपने निर्णयों पर दृढ़ बने रहते है. शिक्षा, नेतृत्व और आत्मविश्वास के क्षेत्र में ऐसे बच्चों के आगे बढ़ने की संभावना अधिक रहती है.

वहीं दोपहर 3:45 बजे के बाद अश्विनी नक्षत्र प्रारंभ होने पर जन्म लेने वाले बच्चों पर अलग प्रभाव देखने को मिलेगा. अश्विनी नक्षत्र के स्वामी केतु माने जाते हैं, जबकि जन्म नक्षत्र पर मंगल का प्रभाव रहेगा.ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस समय जन्म लेने वाले बच्चे मंगल दोष से प्रभावित हो सकते हैं. ऐसे जातकों के स्वास्थ्य में बचपन के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है और वे सामान्यतः बीमारी की आशंका से जुड़े रह सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य के अनुसार ऐसे बच्चे पिता के लिए कल्याणकारी सिद्ध होते हैं, लेकिन माता के स्वास्थ्य पर प्रारंभिक विपरीत प्रभाव पड़ सकता है. इसके बावजूद ये जातक आगे चलकर अपने परिवार के लिए सम्मान और प्रतिष्ठा अर्जित करते हैं तथा परिवार का नाम रोशन करते हैं.

नामकरण की दृष्टि से 21 मार्च को जन्म लेने वाले बच्चों का नाम मेष राशि के अनुसार रखा जाएगा. ज्योतिष में माना जाता है कि राशि के अनुरूप रखा गया नाम बच्चे के व्यक्तित्व और जीवन दिशा पर सकारात्मक प्रभाव डालता है.

About the Author

authorimg

Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें

Source link

You May Have Missed