18 मार्च को जन्मे बच्चों पर रहेगा गुरु का प्रभाव, जानें स्वभाव और करियर
Last Updated:
अयोध्या के आचार्य सीताराम दास के अनुसार, 18 मार्च 2026 को जन्म लेने वाले बच्चों पर पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और कुंभ राशि का विशेष प्रभाव रहेगा. गुरु के स्वामित्व वाले इस नक्षत्र में जन्मे बच्चे अत्यंत बुद्धिमान, साहसी और जन्मजात नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं. भविष्य में ये शिक्षा, प्रशासन और तकनीक के क्षेत्र में बड़ी सफलता प्राप्त कर सकते हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इन बच्चों के लिए ‘से’, ‘सो’, ‘दा’, ‘दी’ अक्षरों से नाम रखना उनके जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता लाएगा.
ज्योतिष शास्त्र केवल गणना नहीं, बल्कि मानव जीवन के भूत, वर्तमान और भविष्य का दर्पण है. अयोध्या के प्रख्यात आचार्य सीताराम दास के अनुसार, हर दिन बदलते ग्रह-नक्षत्र हमारे जीवन पर गहरा सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव डालते हैं. आज 18 मार्च 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है. यदि आज आपके घर में किसी नन्हे मेहमान की किलकारी गूंजी है, तो यह रिपोर्ट आपके लिए है. आइए जानते हैं आज जन्म लेने वाले बच्चों का व्यक्तित्व, करियर और उनके जीवन पर सितारों का कैसा असर रहेगा.
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और कुंभ राशि का संयोग
अयोध्या के आचार्य सीताराम दास के अनुसार, 18 मार्च का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. आज जन्म लेने वाले बच्चों पर पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. चूंकि यह नक्षत्र मुख्य रूप से कुंभ राशि में स्थित होता है और आज चंद्रमा भी अधिकांश समय इसी राशि में विराजमान है, इसलिए इन बच्चों में गजब की मानसिक क्षमता और नवीन सोच देखने को मिलेगी.
स्वभाव: गंभीर, चिंतनशील और लक्ष्य केंद्रित
ज्योतिष गणना बताती है कि आज जन्मे बच्चे स्वभाव से गंभीर और गंभीर, चिंतनशील और लक्ष्य केंद्रित होते हैं. कम उम्र से ही इनमें चीजों को गहराई से समझने की ललक होती है. आत्मविश्वास से लबरेज ये बच्चे कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं खोते, जो इन्हें भीड़ से अलग बनाता है.
करियर और भविष्य: नेतृत्व क्षमता में होंगे माहिर
इन बच्चों में जन्मजात नेतृत्व क्षमता होती है. साहसी होने के साथ-साथ ये अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम होते हैं. भविष्य में ये बच्चे प्रशासन, शिक्षा, शोध, तकनीक, लेखन या सामाजिक सेवा के क्षेत्र में बड़ा नाम कमा सकते हैं.
गुरु का प्रभाव: आध्यात्मिकता और नैतिकता का मेल
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का स्वामी ‘गुरु’ होने के कारण इन बच्चों में ज्ञान और नैतिकता कूट-कूट कर भरी होती है. ये संवेदनशील होते हैं और परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बहुत जल्दी समझने लगते हैं. शांत दिखने वाले इन बच्चों के भीतर विचारों का एक गहरा समुद्र होता है.
नामकरण के लिए शुभ अक्षर
यदि आपके घर आज किलकारी गूंजी है, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बच्चे का नाम ‘से’, ‘सो’, ‘दा’ या ‘दी’ अक्षरों से रखना अत्यंत शुभ रहेगा। माना जाता है कि इन अक्षरों से नाम रखने पर ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा बच्चे को जीवनभर सहयोग प्रदान करती है.
About the Author
राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें


