करवा चौथ पर चांद को अर्घ्य देते समय बोलते हैं ये 3 बातें, पति के नाम का विशेष महत्व, पंडित जी से जानें
करवा चौथ पर माता करवा और चंद्रमा की पूजा किए जाने का विधान है.जब चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है तो तीन चीजें बोली जाती हैं.
Karwa Chauth 2024 : हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन करवा चौथ का व्रत आता है. इस व्रत को सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं. इस साल यह व्रत 20 अक्टूबर 2024, रविवार को है. इस दिन माता करवा एवं चंद्रमा की पूजा किए जाने का विधान है. वहीं जब चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है तो तीन चीजें बोली जाती हैं. कुछ मंत्रों का जाप भी किया जाता है. माना जाता है कि इनके बिना अर्घ्य अधूरा होता है. कौनी सी हैं वे तीन चीजें? आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से.
1. अर्घ्य देते समय इन मंत्रों का जाप करें
करवा चौथ व्रत के दिन पूजा के दौरान चंद्रमा को अर्घ्य देते समय सबसे पहले कुछ मंत्रों का जाप करना चाहिए. ये मंत्र ‘ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:, ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम:, ऊँ दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम. नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुटभूषणम’ हैं.
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2. अपने पति का नाम लेना चाहिए
आप जब चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं तो उस समय अपने पति का पांच बार नाम लें. इसी के साथ चंद्रमा को एक सफेद फूल भी अर्पित करें. आप चाहें तो सफेद वस्त्र भी अर्पित कर सकती हैं. माना जाता है कि इससे पति के जीवन से तनाव दूर होता है.
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3. चंद्रमा की रक्षा स्तुति जरूर करें
तीन महत्वपूर्ण कामों में से तीसरा है चंद्रमा की रक्षा स्तुति. यह चंद्रमा को अर्घ्य देते समय बोली जाती है. स्तुति: क्षीरोदार्णवसम्भूत आत्रेयगोत्रसमुद्भव:. गृहाणार्ध्यं शशांकेदं रोहिण्यसहितो मम. को 5 या फिर 11 बार दोहराने से पति के जीवन से संकट दूर हो जाता है.
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FIRST PUBLISHED : October 19, 2024, 07:41 IST


